बाल विकास परियोजना कार्यालय पर लगा ताला...दस माह से किराया न मिलने पर मकान मालिक ने ताला लगाया

बाल विकास परियोजना कार्यालय पर लगा ताला...दस माह से किराया न मिलने पर मकान मालिक ने ताला लगाया

बुढ़ाना। बाल विकास परियोजना कार्यालय पर मंगलवार को पूरे दिन ताला लटका रहा। कर्मचारियों ने गेट के पास बैठकर व इधर-उधर घूमकर अपना समय व्यतीत किया। दरअसल दस माह से किराया न मिलने से मकान मालिक ने गेट का ताला खोलने से इंकार कर दिया था। देर सायं कुछ किराया देकर मामले का निपटारा कराया गया। कस्बे के कांधला मार्ग पर बाल विकास परियोजना अधिकारी का कार्यालय है। मंगलवार को इस कार्यालय के मकान मालिक ने अपना ताला लगा दिया। मकान मालिक का आरोप है कि दस माह पूर्व किराये पर लिए गये उसके भवन का किराया नहीं दिया जा रहा है। बाल विकास परियोजना अधिकारी उन्हें हर माह टरकाते आ रहे है। सुबह दस बजे कार्यालय परिसर के गेट पर लगा ताला देखकर कर्मचारी हैरान रह गए। पहले तो कर्मचारी एक दूसरे पर ताले के चाबी होना जानकर पूछताछ करते रहे। घंटो बाद दूसरा ताला लगा होने की सूचना सीडीपीओ सतीश कुमार को दी गई। सरकारी कार्यालय पर मकान मालिक द्वारा ताला लगाने से आनन-फानन में अधिकारी मौके पर दौड़ पडे। उन्होंने मकान मालिक से सम्पर्क किया, तो पता चला कि मकान मालिक बकाया किराया मिलने से पहले ताला नहीं खोलना चाहता। इस सम्बंध में सीडीपीओ ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता की। देर सायं तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका। देर सायं विभागीय अधिकारियों व मकान मालिक के बीच हुई वार्ता में पिछले रकम का कुछ शेष व आगे से किराया समय पर देने का समझौता हुआ। सीडीपीओ सतीश कुमार ने कहा कि किराए की पत्रवली शासन को मंजूरी के लिए गई है। किराया न मिलने से मकान मालिक ने मेन गेट पर अपना ताला लगा दिया था। एसडीएम श्याम अवध चौहान ने कहा कि उच्चाधिकारियों व मकान मालिक से वार्ता कर मामले को सुलझा लिया गया है। बुधवार को कार्यालय विधिवत खुलने पर सहमति हो गई है।

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