हल्की सी बदली ने दिलायी गर्मी से थोड़ी राहत

हल्की सी बदली ने दिलायी गर्मी से थोड़ी राहत

मुजफ्फरनगर। रविवार का दिन आमजन सहित अन्नदाता के लिए राहत लेकर आया। दोपहर सवा बारह बजे व शाम को पौने छह बजे आयी हल्की बारिश ने जनपदवासियों के चेहरांे पर हल्की सी रौनक लौटा दी। भली ही थोड़े समय की बारिश हुई हो, लेकिन यह अन्नदाता के लिए किसी आसमानी सोने से कम नहीं रही।
रविवार को इंद्र देवता ने लोगों को वह सौगात दी, जिसकी वह काफी समय से पल-पल प्रतीक्षा कर रहे थे और वह थी बारिश भले ही ऐसी न हुई हो, जैसे चाह रहे थे, लेकिन जितनी भी हुई, उसने जनपदवासियों के चेहरों पर प्रसन्नता रूपी हंसी तो ला ही दी। बारिश से यदि जनपद में सबसे अधिक प्रसन्नचित नजर आया, वह था अन्नदाता। अन्नदाता के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। इस बारिश ने पड़ रही भीषण गर्मी से भी लोगांे को एक बड़ी भारी राहत प्रदान की।
कई दिनों से पड़ रही आसमानी आग से सभी हर वर्ग परेशान था। यहां तक कि जानवर भी पूरी तरह से हलकान नजर आ रहे थे। इसके साथ ही अन्नदाता कहा जाने वाला किसान सबसे अधिक परेशान था। वह इसलिए था कि उसे अपनी पफसल को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं उपलब्ध हो पा रहा था। खासकर उन स्थानों पर जहां पर बिजली के नलकूप आदि नहीं हैं। यदि कहीं पर हैं, तो वहां पर पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जहां पर केवल राजवाहे व नहर आदि ही सिंचाई के साधन हैं। इस प्रकार के स्थानों पर किसानों के सामने परेशानी यह थी कि उन्हें राजवाहे में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा था, जिसके चलते उनकी फसलें पानी के अभाव में गर्मी के इस मौसम में बर्बाद हो रही थी। इस बारे मंे जानकारी देते हुए पीनना निवासी किसान सुमित मलिक का कहना कि राजवाहे में इतना पानी नहीं आ रहा था कि खेतों की सही प्रकार से सिंचाई हो सके। डीजल इतना महंगा हो गया है कि उससे सिंचाई करना हर किसी के बस की बात नहीं है। आज की बारिश भले ही थोडी हुई हो, लेकिन यह किसी भी वरदान से कम नहीं है हमारे जैसे छोटे किसानों के लिए। यह बारिश किसानों के लिए आसमान से बरसा सोना है। इसके साथ ही बारिश ने पड़ रही भीषण गर्मी से भी राहत दी। लोगों को कहना था कि इस छोटी सी बरसात ने थोड़ी बहुत राहत तो प्रदान कर ही दी।

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