जन्मदिन की दावत देने के कारण हुई नसीम की हत्या

जन्मदिन की दावत देने के कारण हुई नसीम की हत्या

मुजफ्फरनगर। अपने बच्चे के पहले जन्मदिन की दावत में ससुराल वालों को आमंत्रित करना ही नसीम की मौत का कारण बन गया। दावत के बुलावे से चिढकर ही नसीम की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, जब वह जन्मदिन का केक लेकर अपने भाई के साथ वापस लौट रहा था। पुलिस ने इस मामले में नामजद पिता-पुत्र को आज गिरफ्तार कर लिया। पुलिस लाईन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि विगत 17 जुलाई को भोकरहेडी-मोरना मार्ग पर भोकरहेडी नगर पंचायत के सरकारी ट्यूबवैल के पास नसीम पुत्र तसलीम निवासी भोकरहेडी की लाठी-डंडों से पीटकर तथा गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी, जिसके संबंध में मृतक नसीम के चाचा नजर मौहम्मद उर्फ राजू पुत्र महफूज खान निवासी भोकरहेडी ने थाना भोपा पर मुकदमा अपराध संख्या 491/17 धारा 147, 148, 149, 302, 506 आईपीसी अपने ही गांव के प्रदीप पुत्र राजेश, राजेश पुत्र रामसिंह, सोनू पुत्र राकेश, नीटू पुत्र भूषण व एक अज्ञात के विरूद्ध पंजीकृत कराया था। यह घटना भोकरहेडी-मोरना कांवड मार्ग पर दिनदहाडे हुई थी। समस्त पुलिसबल कांवड यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने में अतिव्यस्त था तथा मामला दो समुदायों के बीच होने के कारण अभियुक्तों की गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। विगत दिवस मुखबिर की सूचना पर भोपा पुलिस ने अभियुक्त राजेश पुत्र रामसिंह व प्रदीप पुत्र राजेश निवासी भोकरहेडी को मोरना-शुक्रताल के बीच लान्डा राजवाहे के पुल से गिरफ्तार किया है। अभियुक्त प्रदीप ने अपनी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक तमंचा 315 बोर तथा खोखा कारतूस व एक जिन्दा कारतूस 315 बोर तथा अभियुक्त राजेश ने घटना में प्रयुक्त डंडा जंगल ग्राम भोकरहेडी थाना भोपा से बरामद कराया। दोनों अभियुक्त पिता-पुत्र है, जिन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया। इस संबंध में एसपी देहात ने बताया कि अभियुक्त राजेश की पुत्राी पिंकी से नसीम ने प्रेम-प्रसंग के चलते दो वर्ष पूर्व शादी कर ली थी और उसे लेकर दूसरे शहर में चला गया था, जहां वह कपडा बेचने का कार्य करने लगा। विगत 26 जून को ईद से एक दिन पहले वह अपनी पत्नी पिंकी व एक वर्षीय पुत्र को लेकर गांव में पहुंचा था। विगत 17 जुलाई को नसीम के पुत्र का पहला जन्मदिन था और वह अपने ससुराल पक्ष के लोगों को पुत्र के जन्मदिन में आमंत्रित करने के लिये उनके घर चला गया था। पूछताछ में हत्यारोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि नसीम का उनके घर आकर जन्मदिन के लिये न्यौता देना उन्हें बहुत खला और उन्होंने तभी उसकी हत्या की योजना बना ली। उन्होंने पता किया कि नसीम कहां जा रहा है, तो जानकारी मिली कि वह पुत्र के जन्मदिन के लिये केक लेने अपने भाई के साथ बाईक पर जा रहा है। वह रास्ते में घात लगाकर बैठ गये और जैसे ही नसीम अपने भाई के साथ वापस आया, तो उस पर हमला कर दिया गया। इस दौरान उसका भाई भाग गया, जबकि उन्होंने नसीम को घेरकर लाठी-डंडों व गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। हत्यारोपी पिता-पुत्र का कहना था कि नसीम ने उनकी इज्जत पर हाथ डाला और बहला-फुसलाकर पिंकी को भगा ले गया था, जिससे उनकी समाज में बहुत बेईज्जती हुई। उन्होंने पिंकी को मरा समझकर सारे संबंध खत्म कर लिये थे और कभी भी भोकरहेडी में न आने की चेतावनी दे दी थी, लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी वह पिंकी को लेकर अपने घर आ गया और उन्हें चिढाने के लिये पिंकी से जन्मे पुत्र के पहले दिन की दावत देने भी उनके घर पहुंच गया। उसकी इतनी हिम्मत उन्हें नागवार गुजरी और इसी कारण उसकी हत्या करनी पडी। पत्रकारवार्ता के दौरान सीओ भोपा मौहम्मद रिजवान, प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह, एसएसआई जितेन्द्र कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, रौदास सिंह, कां. अरूण कुमार व नौशाद मौजूद रहे।

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