अनुपस्थित पांच बैंक प्रतिनिधियों के विरूद्ध डीएम का कडा रुख

अनुपस्थित पांच बैंक प्रतिनिधियों के विरूद्ध डीएम का कडा रुख

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि लघु/सीमान्त कृषकों के सतत्् उन्नयन एवं विकास हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा फसली )ण मोचन योजना लागू की गई है। जनपद में जिन कृषकों द्वारा 31 मार्च तक व्यवसायिक, सहकारी अथवा क्षेत्रीय बैंकों से फसली )ण लिया है और जिन कृषकों ने 31 माच तक जो फसली ऋण बैंकों में जमा कर दिया है उस जमा )ण की धनराशि को घटाने के पश्चात जो ऋण की धनराशि अवशेष रह जायेगी। ऐसे फसली ऋण में से 1,00,000/-रूपये तक फसली ऋण में छूट लघु/सीमान्त कृषकों/2.00 हेक्टेयर तक जोत वाले कृषकों को दी जानी है। फसली ऋण मोचन योजना का लाभ उठाने के लिए कृषकों को अपने आधार कार्ड नम्बर को अपने बैंक खाते से लिंक कराने होंगे। इसके लिए कृषकों को अपने आधार कार्ड की साफ छायाप्रति बैंक में जमा करानी होगी।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां कलक्ट्रेट सभागार में फसली ऋण मोचन से सम्बन्धित प्रगति की समीक्षा के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि तहसीलदार अपनी तहसील के दो हैक्टेयर के ऊपर की जोत वाले किसानों की सूची उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सभी सम्बन्धित बैंक शाखा प्रबन्धक जनसुविधा केन्द्र से डुप्लीकेट आधार कार्ड के सम्बन्ध में समन्वय कर सभी आधार कार्ड प्राप्त कर ले और भू-लेख सम्बन्धित आंकडे प्राप्त कर फीडिंग कार्य में तेजी लाये। उन्होंने पांच बैंकों के डीसीओ के उपस्थित न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और एलडीएम को निर्देश दिये कि सम्बन्धित डीसीओ के सम्बन्ध में उनके चेयरमैन को पत्रा लिखा जाये तथा भविष्य के लिए सचेत किया कि अगली बैठकों में केवल बैंक के डीसीओ ही उपस्थित होगे। उन्होंने कहा कि सभी बैंकों द्वारा फीडिंग कार्य में तेजी लायी जाये और जिन बैंकों में बडी संख्या में खाते है वह अपना डाटा पफीडिंग कार्य 3-4 दिन में पूर्ण कर अवगत कराये। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों में कम संख्या में किसानांे के खाते है वे हर हालात में दो दिन के अन्दर डाटा फीडिंग का कार्य पूर्ण कराये। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कहीं पर इण्टरनेट कनैक्टीविटी की समस्या है, तो एनआईसी से सम्पर्क करें। जिलाधिकारी ने कहा कि यह भी संज्ञान में आया है कि कतिपय बैंकों को गलत डाटा मिला है। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिये कि डाटा सही करने के सम्बन्ध में उनकी ओर से स्टेट को-आर्डिनेटर को पत्रा लिख कर डाटा सही कराये। उन्होंने सभी बैंकों के डीसीओ को इस सम्बन्ध में मेल द्वारा सम्बन्धितों को अवगत कराने के निर्देश भी दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक प्रबन्धक यह भी सुनिश्चित करें कि जिन खातों में आधार उपलब्ध नहीं है, तो फीड करते समय खाली न छोडा जाये। उन्होंने कहा कि सभी डीसीओ जिन्हे फीडिंग कार्य में अथवा सॉफ्टवेयर में आंशिक संशोधन होने पर यदि कोई समस्या आ रही है, तो अपने ऑपेरटर अथवा स्वयं एनआईसी आकर समस्या का निराकरण करा लें। उन्होंने कहा कि अपात्र लोगों को लाभ न मिलने पाये, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी बैंकों को प्रमाण पत्र भी देना होगा। उन्होंने कहा कि आर्डिटिड एवं वैरिफाई डाटा पूर्ण लगन व निष्ठा के साथ दिन-रात कार्य कर पफीड कराये, जिससे किसानों को प्रथम चरण में ही लाभ मिल सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना का लाभ उठाने के लिए ऐसे कृषकगण जिनका आधार लिंक नहीं हुआ है अपने-अपने बैंक शाखा में जाकर लिंक करा लें। उन्होंने बताया कि कृषकों की सुविधा के लिए जनपद स्तर, तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गयी है, जो प्रातः 10 बजे सांय 5 बजे तक कृषकों की फसली ऋण मोचन योजना से सम्बन्धित शिकायतों का निस्तारण करायेंगे। जिलाधिकारी ने ऐसे डीसीओ जो आज किन्ही कारणवश बैठक में उपस्थित नहीं हो सकें, उन्हें कल प्रगति से अवगत कराने के लिए बुलाया गया। जिलाधिकारी ने अभी तक लॉगिन न करने वाले बैंक शाखाओं को कडी फटकार लगायी और निर्देशित किया कि फसली ऋण मोचन योजना प्रदेश सरकार की अति महत्वपूर्ण एवं महत्वांकाक्षी योजना है, इसमें जरा भी उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी 23 बैंकों के फीडिंग कार्य की समीक्षा की और कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनपद के अधिकांशतः किसानों को प्रथम चरण में ही ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाने की उनकी प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार, समस्त तहसीलदार, एलडीएम, समस्त डीसीओ एवं कृषि विभाग के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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