कार्यकाल के अन्तिम दिन चेयरमैन पारस जैन के पोस्टर पर महिलाओं ने उतारा गुस्सा

कार्यकाल के अन्तिम दिन चेयरमैन पारस जैन के पोस्टर पर महिलाओं ने उतारा गुस्सा

खतौली। निकलना कुल्द से आदम का सुनते आये थे अब तक। बड़े बे आबरू होकर तेरे कूंचे से हम निकले। प्रसिद्ध शायर मिर्जा गालिब का यह शेर आज उस वक्त ताजा हो गया, जब कार्यकाल की समाप्ति के दिन पालिका चेयरमैन पारस जैन की फोटो पर महिला सफाई कर्मियों ने एडीएम के समक्ष चप्पले बजाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

चेयरमैन पारस जैन का पांच साल का कार्यकाल विवादित रहा। करोड़ो का घोटाला उजागर होने पर तत्कालीन डीएम द्वारा चेयरमैन पारस जैन द्वारा खतौली नगरपालिका को अपनी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की तरह चलाने की रिपोर्ट शासन को प्रेषित किये जाने के बाद चेयरमैन के वित्तीय अधिकार सीज हो गये थे, किन्तु अपने जुगाड़ से चेयरमैन पारस जैन अपनी बहाली के आदेश कराने में कामयाब हो गये थे। इसके अलावा फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र और डबल पासपोर्ट को लेकर अदालत में चल रहे मुकदमों को लेकर भी चेयरमैन पारस जैन की पूरे कार्यकाल किरकिरी होती रही, हद तो तब हो गयी जब अपने पुत्र चेयरमैन पारस जैन के कारनामों के चलते इनके पिता संजय जैन को पालिका कर्मचारियों बाबूलाल बाल्मीकि व श्रीकृष्ण के साथ जेल तक जाना पडा।

चेयरमैन पारस जैन के गडबडझालो के मामले निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चल रहे है। भाजपा नेता राजा बाल्मीकि की हत्या का षडयंत्र रचने का आरोप भी चेयरमैन पारस जैन के उपर है। मृतक राजा के पिता बाबूलाल ने चेयरमैन पारस जैन के विरुद्ध खतौली कोतवाली में मुकदमा लिखवा रखा है। इस मुकदमे की जांच भी चेयरमैन पारस जैन के गले की फांस बनी हुई है। कुल मिलाकर चेयरमैन पारस जैन का पांच साल का कार्यकाल विवादित के साथ ही चर्चित भी रहा है। सोमवार को हड़ताल पर बैठी महिला सफाई कर्मचारियों ने चेयरमैन पारस जैन के कार्यालय पर लगी उनकी नेम प्लेट उखाड़ने के अलावा उनके फोटो जमीन पर डालकर चप्पलो से जमकर पिटाई कर अपना आक्रोश निकाला। पालिका सफाई कर्मचारियों के आक्रोश का सामना पालिका में जांच करने आये एडीएम हरीशचन्द को भी करना पडा।

नगरपालिका परिषद खतौली के इतिहास में चेयरमैन पारस जैन का विवादित कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा। चेयरमैन पारस जैन के कार्यकाल के अंतिम दिन आज एडीएम हरीशचन्द ने आज घंटो पालिका कार्यालय में रहकर लेखा विभाग की पत्रावलियों की जांच की। बताया गया कि एडीएम लेखा विभाग के बहुत सारे दस्तावेज जांच के लिये अपने साथ ले गये है।

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