भ्रष्टाचार शून्य संचालन को होगी काउंसिलिंग

भ्रष्टाचार शून्य संचालन को होगी काउंसिलिंग

मुजफ्फरनगर। डब्ल्यूटी प्रकरण को लेकर उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध् निदेशक डा. राजशेखर ने पांच से अधिक बिना टिकट यात्रियों के प्रकरणों में कडी कार्यवाही करने को लेकर सभी क्षे. प्रबंधक व सहायक क्षे. प्रबंधकों (डीपोज) को निर्देशित किया। दिये गये निर्देश में कहा गया कि निगम में प्रवर्तन कार्यों को लिये त्रिस्तरीय प्रवर्तन कार्यो के लिये डिपो, क्षेत्र एवं मुख्यालय क्षेत्र पर परिवर्तन दलों का गठन करते हुए प्रवर्तन कार्यों को सम्पादित किया जाता है। इसके तहत क्षे. प्रबंधको व सहायक क्षे. प्रबंधको को प्रवर्तन कार्य किये जाने एवं रात्रि में चैकिंग के आदेश दिये गये हैं। अक्टूबर-नवम्बर माह में 13 नवम्बर तक मुख्यालय प्रवर्तन दलों द्वारा पांच से अधिक बिना टिकट यात्री के गंभीर प्रकरण सामने आये हैं, जो कि अति गंभीर मामला है। आगे कहा गया है कि परिचालकों की मार्ग पर भ्रष्टाचार शून्य संचालन हेतु काउंसिलिंग की जाये, जिसकी फोटोग्राफी कराकर 25 नवम्बर तक अनुपालन रिपोर्ट दी जाये। इसी विषय में जानकारी देते हुए मुजफ्फरनगर डिपो के सहायक क्षे. प्रबंधक बीपी अग्रवाल का कहना था कि मुख्यालय से मिले आदेशों का अक्षरश: पालन कराया जायेगा। पांच से अधिक यात्राी बिना टिकट पकड़े जाने पर संविदा परिचालक की जांच कर दोषी पाये जाने पर तत्काल संविदा समाप्त की जायेगी। नियमित परिचालक के प्रकरण में दोषी पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बन की कार्यवाही होगी। मार्ग संचालन के दौरान गंभीर प्रकरणों में संबंध्ति थाना क्षेत्रों में रिपोर्ट दर्ज की जायेगी। गंभीर बिना टिकट प्रकरण में परिचालक के पूर्व के प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए निगम को हुई क्षति की रिकवरी सम्बंधित परिचालकों के देयों से की जायेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आये निर्देशों से परिचालकों को अवगत करा दिया गया है तथा जीरो टोलरेंश की नीति अपनाई जायेगी।

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