पटल से पूर्व गायब हुए शत्रु संपत्ति के पत्र....जिलाधिकारी ने मामले को लिया गंभीरता से, शीघ्र गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट

पटल से पूर्व गायब हुए शत्रु संपत्ति के पत्र....जिलाधिकारी ने मामले को लिया गंभीरता से, शीघ्र गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर। एक हजार करोड़ की संपत्ति के विक्रय और निर्माण कार्यो पर गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक के आदेश के परिपेक्ष्य में जिला प्रशासन ने सब रजिस्ट्रार, पालिका और एमडीए को पत्र जारी कर दिया है। 15 अक्टूबर को जारी आदेश का पालन 22 दिन बाद शुरू हुआ। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सहायक शत्रु संपत्ति अभिरक्षक पीसी पिफयालो ने 16 पफरवरी 2018 को छह बिंदुओं पर जांच के लिए पत्र जारी किया था। गृह मंत्रालय के पत्र को प्रशासन ने कोई तवज्जो नहीं दी। इसके बाद 15 अक्टूबर 2019 को पीसी फियालो ने शत्रु संपत्ति के विक्रय और निर्माणों पर रोक के आदेश जारी किए। इस आदेश पर भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. की ओर से सहायक महानिरीक्षक निबंधन, सब रजिस्ट्रार प्रथम, सब रजिस्ट्रार द्वितीय को शत्रु संपत्ति के विक्रय पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। वहीं प्रशासन ने एमडीए को इस 570 बीघा भूमि पर कोई भी नक्शा नहीं जारी करने और नगर पालिका को इसमें किसी का नाम दर्ज नहीं करने के लिए पत्र जारी किया गया। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने इस मामले में कहा है कि एक हजार करोड़ की संपत्ति का मामला गंभीर है। जिला प्रशासन की ओर से इसमें शीघ्र ही गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। मुजफ्फरनगर। गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति विभाग के दो पत्र जिलाधिकारी कार्यालय से गायब हो गए हैं। इसके चलते विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। 16 फरवरी 2018 और एक अगस्त 2019 में जारी पत्र प्रशासन के रिकार्ड में ही नहीं है। 16 फरवरी के पत्र में शत्रु संपत्ति की जमीन पर छह बिंदुओं पर जांच मांगी गई थी और एक अगस्त के पत्र में शत्रु संपत्ति के विक्रय और निर्माण पर रोक के आदेश थे। जिलाधिकारी कार्यालय से गृह मंत्रालय के पत्र गायब मिलने से पूरे प्रशासन में हडकंप मचा है। जिलाधिकारी कार्यालय से देश के गृह मंत्रालय के दो पत्र ही गायब हो गए हैं। इन दोनों पत्रों में 570 बीघा शत्रु संपत्ति की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश हैं। इन पुराने दोनों पत्रों का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति विभाग ने 15 अक्टूबर को रिमाइंडर भेजकर दोनों पत्रों की प्रति भी संलग्न की, लेकिन प्रशासन ने मामले को दबाए रखा। 16 फरवरी 2018 को जारी पत्र में गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति विभाग ने भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने को लेकर छह बिंदुओं पर जांच मांगी थी। इस पत्र की प्रति विशेष सचिव राजस्व लखनऊ, एडीएम प्रशासन मुजफ्फरनगर, नगर पालिका, एसएसपी मुजफ्फरनगर को भी जारी हुई थी। दूसरा पत्र एक अगस्त 2019 को जारी हुआ। इस पत्रा में 16 फरवरी के पत्र का हवाला भी दिया गया। साथ ही शत्रु संपत्ति विभाग ने भोपा रोड की 570 बीघा भूमि के विक्रय और निर्माण पर रोक के आदेश जारी किए। शत्रु संपत्ति का पटल देख रहे लिपिक का कहना है कि उनके पास दोनों पत्र नहीं आए। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि गृह मंत्रालय के आदेश वाले दोनों पत्र पटल पर पहुंचने से पहले ही गायब हो गए। गृह मंत्रालय के आदेश गायब होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर एक सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जिलाधिकारी कार्यालय से गृह मंत्रालय के आदेश गायब होना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है।

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