देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला रखा सिरमाथे

मुजफ्फरनगर। कई दशकों से चला आ रहा अयोध्या का मामला आज देश की सर्वोच्च अदालत के आये निर्णय से समाप्त हो गया। आये इस निर्णय का जनपद की जनता ने तहेदिल से स्वागत किया है। इस संबंध में सभी ने अपनी-अपनी राय व्यक्त की।

खालापार में अपनी बिरयानी को लेकर प्रसिद्ध हाजी सलीम का कहना था कि अब आपसी विवाद समाप्त होगा। आपस में भाईचारा कायम होगा तथा देश तरक्की की ओर अग्रसर होगा।

शाहबाद इलाही कोठी वाले पेशे से व्यापारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अवाम के बीच का विवाद समाप्त हो गया। आपस में मिलजुल कर रहने से लाभ होगा तथा देश दुनिया में तरक्की करेगा। विवाद से किसी को कुछ नहीं मिला, इससे देश की जनता का नुकसान अलग होता है।

पेशे से व्यापारी नवाब अली का कहना था कि फैसला सही हुआ। सभी अमन चैन कायम रखें। यह एक अच्छा निर्णय है। इसकी सभी कद्र कर रहे हैं। यह हार-जीत का मामला नहीं था। सही निर्णय हुआ है। सभी को एक होकर चलना होगा। जिसके चलते दुनिया में एक मिशाल कायम होगी।

इनाम इलाही पहलवान का कहना था कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अच्छा काम किया है। देश हित में आया यह एक अच्छा निर्णय है। सभी आपस में प्रेमभाव से रहें। समाजसेवी दिलशाद पहलवान का कहना था कि देश की सर्वोच्च अदालत का निर्णय उन्हें पसंद है। दूसरी जगह पर मस्जिद के लिए स्थान देना अच्छा निर्णय है। पुलिस व प्रशासन के द्वारा हाल के दिनों में जो व्यवस्था कायम की गयी, उसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। मौ. अख्तर डेयरी वाले का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का आज का निर्णय एक बेहतर निर्णय है। हम सभी इसे स्वीकार करते हैं। हम सभी देश की जनता के साथ हैं। सभी आपस में भाईचारा कायम रखें, यही देशहित में है।

समाजसेवी गौहर सिद्दीकी का कहना था कि देश की सर्वोच्च अदालत का निर्णय सर्वोपरि होता है। यह आज के निर्णय ने दिखा दिया। देश की जनता के खून में गंगा-जमुना तहजीब का वास है। देश भाईचारे से चलता है। आये निर्णय का सभी स्वागत करते हैं। सालों से पड़े विवाद का अंत हुआ है। सभी ध्र्म एक झंडे के नीचे आएंगे, तो देश खुद मजबूत होगा। मौ.इसरार का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का आज का निर्णय एक ऐतिहासिक निर्णय है। सभी को इसे मानना चाहिये और देश में अमन चैन कायम कर देश की तरक्की के लिये सोचना चाहिये। मौहम्मद साजिद एडवोकेट का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हमे स्वीकार है। हम इसे मानेंगे। मौहम्मद नफीस पेशे से व्यापारी का कहना था कि देश की सर्वोच्च अदालत ने एकदम सही निर्णय दिया है। लतीफ अहमद आढती का कहना था कि जो निर्णय कोर्ट ने दिया है वह हमें स्वीकार है, हम सभी को आपस में मिलकर रहना चाहिये और देश की तरक्की और खुशहाली के बारे में सोचना चाहिये। विपिन जैन व रोहित जैन दोनों व्यापारियों ने भी फैसले का स्वागत किया। डा. सुभाषचंद शर्मा का कहना था कि देश व दुनिया के लिये यह एक चिर परिचित महत्वपूर्ण निर्णय है। पिछले कई सालों से इसके लिये प्रयास किये जा रहे थे। बहुत से लोगों के प्रयास व बलिदान के बाद यह पल आया है। सभी पक्षों को यह निर्णय स्वीकार करना चाहिये और शांति व्यवस्था कायम करने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिये।

वाल्मीकि क्रांतिदल के संस्थापक/ अध्यक्ष दीपक गंभीर कहना था कि आज भारत देश निर्माण में एक कदम आगे बढ़ा है और हम भारतीय संविधन में अपना पूर्ण विश्वास रखते है। उच्चतम न्यायालय का अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर के पक्ष में व मुस्लिम समुदाय को 5 एकड जमीन देने का निष्पक्ष एवं पारदर्शी फैसले का हम स्वागत करते है। साथ ही जनपद की जनता का व प्रशासन का तहेदिल से आभार व्यक्त करते है। पंडि़त सुनील अंगीरा का कहना था कि उच्चतम न्यायालय के सौहार्द पूर्ण निर्णय का हम स्वागत करते है। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय सभी वर्गो के लिये सही है। हम सभी का कर्तव्य है उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये फैसले का स्वागत करें और आपस में सौहार्द पूर्ण वातावरण बनाये रखें। पटेलनगर निवासी महकसिंह का कहना था कि अयोध्या मंदिर पर देश की सर्वोच्च अदालत ने जो निर्णय दिया है उससे सभी पक्ष संतुष्ट है और तहे दिल से उसका स्वागत भी करते है। पेशे से व्यापारी अनिल लोहिया कहना था कि आज आया निर्णय एकदम सही व स्वागत योग्य निर्णय है, जिसे सभी को मानना चाहिये। गांधी कालोनी कोआपेरिटव हाऊसिंग सोसायटी के चेयरमैन राकेश ढींगरा का कहना था कि देश की सर्वोच्च अदालत ने दशकों पुराने विवाद का अंत किया है। निर्णय का स्वागत करते हुए सोचना चाहिये। समाजसेविका शालू सैनी कहना था कि यह एक अच्छा व ऐतिहासिक निर्णय है, जिसका जो अधिकारी था से देश ने दिया है। एमडीएस विद्या मंदिर इंटर कालेज मंसूरपुर के प्रबंधक संदीप कुमार कहना था कि सुप्रीमकोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक है अब इस पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिये। सभी आपस में अमन चयन कामम कर देश की तरक्की के लिये सोचे। शिक्षक ओपी चौहान का कहना था कि वह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते है, जो भी हुआ अच्छा हुआ आपस में मिलजुलकर एकता का संदेश दें। पंडित ब्रजबिहारी अत्री का कहना था कि कोर्ट ने अच्छा निर्णय दिया है। सभी इससे संतुष्ट है। यह गौरवशाली पल है। सभी इसका सम्मान करें। होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कालेज जडौदा के प्रधनाचार्य प्रवेन्द्र दहिया का कहना था कि रामजन्म भूमि पर दिया गया फैसला जनहित के लिये सर्वोपरि है इसलिये इस फैसले का सम्मान करके देश में सौहार्द का निर्माण करे। इसे किसी भी पक्ष के लिये हारजीत के पहलू में न देंखे। बल्कि यह निर्णय देश में अमन शांति व भाईचारे का निर्माण करेगा। शूटर प्रशिक्षक दीपक बालियान व कुश्ती कोच युििध्ष्ठर पहलवान ने भी निर्णय का स्वागत किया।

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