प्रधानमंत्री की पत्नी ने किये शुकतीर्थ के दर्शन...मानसिक रूप से विक्षिप्त व बेसहारा व्यक्तियों के बीच गुजारा समय, मन्दिरों के दर्शन कर गंगा आरती में भाग लेकर शहीदों को किया नमन

मोरना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पत्नी श्रीमती जशोदाबेन व उनके परिवार के सदस्यों ने शुकतीर्थ पहुंचकर मन्दिरों के दर्शन किये तथा प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा की। कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन किया तथा सभा को सम्बोधित किया व गंगा घाट पर जाकर मां गंगा की आरती में भाग लिया। इसके उपरान्त अपना घर आश्रम में जाकर मानसिक रूप से विक्षिप्त तथा बेसहारा व्यक्तियों के साथ दयाभाव प्रकट किये। प्राचीन तीर्थनगरी व भागवत उद्गमस्थली शुकतीर्थ में दर्शन के लिए पहुंची श्रीमती जशोदाबेन, उनके भाई अशोक, प्रवीण, भाभी रेणुका, दामाद केतन भाई मोदी व परिवार के अन्य सदस्यों ने सर्वप्रथम हनुमतद्धाम में जाकर हनुमान मन्दिर में पूजा-अर्चना की व प्रसाद चढाया तथा राम मन्दिर के दर्शन किये। हनुमतद्धाम के महन्त महामण्डलेश्वर स्वामी केशवानन्द जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने श्रीमती मोदी से उनकी कुशतलापूर्वक यात्रा के बारे में जानते हुए स्वास्थ्य के बारे में जानकारी कर जलपान की इच्छा के बारे में जाना। स्वामी केशवानन्द जी महाराज ने हनुमत(ाम के बारे में श्रीमती मोदी को विस्तार से जानकारी देकर बताया कि हनुमतद्धाम में स्थित हनुमान जी की विशाल प्रतिमा विश्व में अनूठी है। करोडों राम नाममयी हनुमान जी की प्रतिमा दिव्य कृपा प्रदान करती है। इसके उपरान्त श्रीमती जशोदाबेन पूर्व सैनिकों की संस्था कारगिल शहीद स्मारक पर जाकर कारगिल में शहीद हुए सैनिकों को नमन किया व पुष्पांजलि अर्पित करते हुए आयोजित सभा में गुजराती भाषा में सम्बोधन कर शहीदों को श्रद्धाजलि अर्पित की। जहां पूर्व सैनिकों ने कारगिल शहीद स्मारक के विकास के लिए सरकार से अपनी मांग को दोहराया। इसके उपरान्त श्रीमती मोदी शुकदेव आश्रम पहुंची, जहां उन्होने शिक्षाऋषि ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणदेव जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की व ब्रह्मलीन स्वामी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजलि दी तथा प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर मनोकामना का धागा बांधा तथा शुकदेव मन्दिर के दर्शन किये, जहां आचार्य सुमन ने शुकदेव मुनि की संक्षिप्त कथा का वर्णन किया। शुकदेव आश्रम में महंत स्वामी ओमानन्द जी महाराज के दर्शन कर श्रीमती जशोदाबेन व उनके परिवार के सदस्यों ने स्वामी जी आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी ओमानन्द जी महाराज ने श्रीमती मोदी को भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका, वीरांगनाओं के बलिदान, समाज व धर्म की स्थापना में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला व मातृशक्ति को परमशक्ति बताते हुए शॉल व पटका पहनाकर श्रीमती जशोदाबेन का सम्मान किया। स्वामी जी ने श्रीमती जशोदाबेन व उनके परिवार के सदस्यों को दिव्य प्रसाद सहित शुकतीर्थ दर्शन नामक पुस्तक व भागवत गीता भेंट की तथा शुकदेव आश्रम के महत्व सहित शुकतीर्थ के प्राचीन इतिहास को विस्तार से बताया। श्रीमती जशोदाबेन ने शुकदेव आश्रम में चल रही भागवत कथा का श्रवण भी किया। इसके उपरान्त श्रीमती जशोदाबेन बिहारगढ में स्थित अपना घर आश्रम में पहुंची जहां उन्होने आश्रम में रह रहे मानसिक रूप से विक्षिप्त व बेसहारा व्यक्तियों से बातचीत की तथा आश्रम की व्यवस्था को भली प्रकार देखा व आश्रम की व्यवस्था की प्रशंसा की। अपना घर में आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया, जहां सैकडों समाजसेवियों को श्रीमती जशोदाबेन ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मानवसेवा जीवन में शान्ति प्रदान करती है। मानव सेवा के कार्यों में भाग लेना बडे पुण्य का कार्य है तथा अपना घर आश्रम के सामने स्थित स्कूल के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इसके उपरान्त श्रीमती जशोदाबेन सम्भलहेडा के लिए रवाना हो गयी। इस अवसर पर सत्यप्रकाश रेशू, पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित राठी, लवी अग्रवाल, अनिल राठी, अमरीश गोयल, बेदवीर सिंह, श्रीमती माधुरी भारद्वाज, राजेश्वर बंसल, विनोद गोयल, गजराज गंगवाल, प्रदीप सिंह सिक्का, अमित गर्ग, मुकेश मित्तल, अरूण तायल, पं. विनोद शर्मा, कैप्टन सुरेश, सुधीश, मांगेराम, हरपाल, जयप्रकाश त्यागी, हरिप्रकाश, सूबेदार अशोक, जयपाल, गुड्डू, आचार्य अजय कृष्ण उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री की पत्नी ने शुकतीर्थ में बिताये साढे पांच घंटे: सवेरे दस बजे हरिद्वार से शुकतीर्थ पहुंची श्रीमती जशोदाबेन ने बिना किसी जल्दी के मन्दिरों के दर्शन किये तथा बेहद तल्लीनता के साथ गंगा घाट पर आरती में भाग लिया व अपना घर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में दो घंटे बिताये। साढे तीन बजे श्रीमती जशोदाबेन शुकतीर्थ से ग्राम सम्भलहेडा के लिए प्रस्थान कर गई।

श्रीमती जशोदाबेन ने कराये आस्था व श्रद्धा के दर्शन: शांत व कोमल स्वभाव तथा शांति चित्त व सादगी की मूर्ति श्रीमती जशोदाबेन ने अपने व्यवहार से उपस्थित लोगों का मन जीत लिया तथा शांत भाव व तल्लीनता के साथ मन्दिरों में पूजा अर्चना कर धार्मिक आस्था व श्रृद्धा भाव के दर्शन आमजन को कराये तथा बिना किसी जल्दी के क्षेत्र के बारे में विस्तार से जाना। मामूली सुरक्षा के बीच रही श्रीमती जशोदाबेन: प्रधानमंत्राी की पत्नी श्रीमती जशोदाबेन साधारण व्यक्तित्व के साथ सादगी का परिचय भी दे गयी। श्रीमती जशोदाबेन के कार्यक्रम के दौरान भारी सुरक्षा इंतजाम के इतर साधारण सुरक्षा रही, जिसके चलते युवतियों ने श्रीमती जशोदाबेन के साथ सेल्फी ली तथा महिलाओं ने प्रधानमंत्री की पत्नी के साथ फोटो खींचाये।

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