भूखे पेट किसानों को करा दिया करनाल भ्रमण... किसानों ने किया हंगामा, कृषि उप निदेशक हुए कार्यालय रणछोड़, पहले भी कृषि यंत्र घोटाले में नाम कमा चुके हैं डीडी

भूखे पेट किसानों को करा दिया करनाल भ्रमण...  किसानों ने किया हंगामा, कृषि उप निदेशक हुए कार्यालय रणछोड़, पहले भी कृषि यंत्र घोटाले में नाम कमा चुके हैं डीडी

मुजफ्फरनगर। अपनी कार्यप्रणाली को लेकर पहले ही कृषि यंत्र घोटाले में नाम कमा चुके जिला कृषि अधिकारी के द्वारा अपनी कार्य प्रणाली के चलते अपने विभाग में किसानों के भ्रमण को लेकर बडा खेल खेल दिया गया। किसानों को भूखे पेट करनाल में आयोजित बीज दिवस कार्यक्रम का भ्रमण कराया गया है, जबकि शासन स्तर से प्रत्येक किसान पर एक हजार रुपए खर्च करने का बजट विभाग की आत्मा योजना में भेजा गया था। सोमवार को कृषि विभाग ने करीब 60 हजार रुपए का बिल निकालने का प्रयास किया, तो सूचना मिलने पर किसान कृषि उप निदेशक के कार्यालय पर पहुंच गए और उन्होंने जमकर हंगामा किया। किसानों के विरोध और हंगामे को देखते कर डीडी/ जिला कृषि अधिकारी आफिस छोडकर चले गए। कृषि विभाग की आत्मा योजना (नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी) के तहत पांच अक्टूबर को करीब 60 किसानों को करनाल में आयोजित बीज दिवस के टूर पर ले जाया गया है। कृषि विभाग ने किसानों को करनाल भ्रमण पर ले जाने की जिम्मेदारी एक एनजीओ को दी। बाद में एनजीओ ने किसानों को टूर पर लेकर जाने से हाथ खडे कर दिए। उप परियोजना निदेशक अरविंद शर्मा को किसानों के साथ बस में भेजा गया। इसके बाद विभागीय अधिकारी एक बस में सभी किसानों को करनाल भ्रमण पर लेकर गए। किसानों आरोप लगाया कि विभाग ने भूखे पेट बीज दिवस का भ्रमण कराया,जबकि शासन स्तर से प्रत्येक किसान पर एक हजार रुपए खर्च करने का बजट आया हुआ है। किसानों को न तो भोजन कराया गया और न ही उन्हें निर्धारित भत्ता दिया। शाम को किसान भूखे पेट वापस आ गए। सोमवार को किसानों को सूचना मिली कि कृषि विभाग के अधिकारी उक्त भ्रमण को लेकर करीब 60 हजार के बिल पास कर रहे है। सूचना मिलने पर किसान सुबोध के नेतृत्व में कापफी किसान डीडी आफिस पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस पर अपनी सफाई देते हुए जसवीर सिंह तेवतिया, उप कृषि निदेशक ने कहा कि पांच अक्टूबर को किसानों को करनाल बीज दिवस भ्रमण पर लग जाया गया था। एक हजार रुपए में किसानों के लिए भोजन से लेकर वाहन आदि सभी व्यवस्थाएं शामिल थीं। बस में किसानों को 200-200 रुपए दिए गए थे। जिन किसानों को पैसे नहीं मिल पाए, वे बस से रास्ते में उतर गए होंगे। उन्हें भी उक्त धनराशि दी जाएगी। किसानों के साथ भ्रमण पर गए अधिकारी ने 30 किसानों को एक हजार रुपए से 200 रुपए दिए हैं। जिसमें 100-100 रुपये भोजन और 100-100 रुपये गेहूं बीज के लिए दिए गए। बाकी किसानों को कुछ भी नहीं दिया गया है। किसानों ने डीएम और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने की चेतावनी दी है। शासन स्तर से उप परियोजना निदेशक का पद समाप्त हो गया है, लेकिन पिफर भी डीडी आफिस में अरविन्द शर्मा को चार्ज दिया हुआ है। इस मामले को लेकर कई बार सवार उठ चुके हैं और शिकायत भी हुई है।

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