राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पोस्टर प्रतियोगिता संपन्न

राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पोस्टर प्रतियोगिता संपन्न

मुजफ्फरनगर। आज पीआर पब्लिक स्कूल, पचेंडा रोड स्थित विद्यालय के विशाल प्रांगण में राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता जिला चिकित्सालय विभाग द्वारा आयोजित करवाई गई। इसके अंतर्गत कक्षा 6 से कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के सुंदर-सुंदर पोस्टर लोगों को आयोडीन के प्रति जागरूक करने के लिए बनाए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएस मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके सिंह तथा डा. एसके अग्रवाल तथा उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा. गीतांजलि वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। कक्षा 6 की छात्राओं द्वारा उपस्थित अतिथिजनों का स्वागत भारतीय परंपरा अनुसार तिलक लगाकर किया गया। कक्षा 9 के मास्टर वंश शर्मा द्वारा प्ररेणादायक गीत गाया गया। तत्पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीएस मिश्रा ने विद्यार्थियों का आयोडीन की अल्पता से होने वाले विकारों के बारे में बताते हुए कहा कि आयोडीन एक माइक्रो पोषक तत्व है, जो हमारे शरीर के विकास के लिए थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए काम आता है। यह हार्मोन शरीर की चयापचय और कई अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करते हैं। आयोडीन हमारे शरीर के तापमान को भी विनियमित करता है। इसकी कमी से हम शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रभावित हो सकते हैं । इसकी कमी से त्वचा में सूखापन, नाखूनों और बालों का अधिक मात्रा मी टूटना कपफ और भारी और कर्कश आवाज आदि समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नमक के साथ साथ अनाजों, दालों और अन्य पदार्थों में भी आयोडीन पाया जाता है। विद्यालय के प्रबंधक अशोक कुमार सिंघल, प्रधानाचार्या श्रीमती मानसी सिंघल तथा निदेशक अनघ सिंघल ने अतिथिजनों के सम्मान में विद्यार्थियों द्वारा निर्मित पेंटिंग भेंट स्वरूप प्रदान की। आशाएं खिले दिल की गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 12वीं की छात्रा ईशा मलिक ने अध्यापिका श्रीमती दिव्या शर्मा के नेतृत्व में किया। कार्यक्रम को सपफल बनाने में विद्यालय के अध्यापक शिवांशु, प्रवीण कुमार, गुरप्रीत सिंह आदि का विशेष योगदान रहा।

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