नगरपालिका परिषद् में बैठक नहीं होने से सभासदों ने किया हंगामा-प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में आगामी बोर्ड बैठक 19 अक्टूबर को आयोजित की गयी है। इसके लिए एजेंडा भी जारी कर दिया गया है। एजेंडे को जनहितों के विपरीत करार देते हुए पालिकाध्यक्ष को घेरने की तैयारी के लिए एकजुट हुए सभासदों का प्रयास आज उस समय विफल हो गया, जबकि पालिका के सभाकक्ष में बैठक के लिए जुट रहे सभासदों को वहां पर ताला लगा नजर आया। पालिका के ईओ से लेकर प्रशासन तक शिकायत करने के बाद भी इन सभासदों को पालिका में चेयरमैन के खिलाफ बैठक करने के लिए सभाकक्ष नहीं मिल सका। सभासदों ने इस पर कड़ा आक्रोश जताते हुए चेयरमैन पर उनको अपमानित कराने के आरोप लगाये और 19 अक्टूबर को आयोजित होने वाली बोर्ड मीटिंग में इस अपमान का बदला लेने की चेतावनी दी है। सभासदों ने कहा कि वह जनहितों से जुड़े मुद्दों और प्रस्ताव पर ही चेयरमैन के साथ हैं। आज दोपहर साढ़े बारह सभासद राजीव शर्मा कुछ सभासदों को साथ लेकर पालिका पहुंचे। वहां पर सभाकक्ष में ताला लटका हुआ पाया। इसको लेकर उन्होंने ईओ पालिका विनय त्रिपाठी को फोन करते हुए सभाकक्ष खुलवाने को कहा, लेकिन कोई भी हलचल नहीं हुई। बडे बाबू की तलाश की गयी तो उनका फोन स्विच ऑफ था। इसको लेकर सभासदों में रोष उत्पन्न होने लगा। एडीएम प्रशासन अमित सिंह को भी फोन पर इस आचरण की शिकायत करते हुए सभासदों ने रोष जताया। बताया गया कि कुछ सभासदों ने चेयरमैन अंजू अग्रवाल का फोन भी मिलाया, लेकिन फोन रिसीव ही नहीं हुआ। करीब डेढ़ घंटा वहां पर इंतजार करने के बाद सभासदों ने नीचे एकत्र होकर पालिकाध्यक्ष पर गलत व्यवहार करते हुए उनको अपमानित कराने के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। सभासद राजीव शर्मा ने कहा कि पालिका प्रशासन के द्वारा 19 अक्टूबर की बोर्ड बैठक के लिए जो एजेंडा जारी किया गया है। उसमें जनहित में एक दो प्रस्तावों को छोड़कर अन्य प्रस्तावों पर ऐतराज है। जनहित को लेकर सभासद पालिकाध्यक्ष के साथ हैं, लेकिन आज बैठक के लिए उन्होंने जिस प्रकार से गलत आचरण पेश किया है, वह सही नहीं है। वहीं दूसरी ओर पालिकाध्यक्ष श्रीमती अंजू अग्रवाल का कहना था कि आज रविवार होने के चलते पालिका में कार्यालय आदि सभी बंद रहते हैं। इसके साथ ही सभी कर्मचारी भी अवकाश पर रहते हैं। सभासदों के लिए पालिका में एक कक्ष आवंटित किया गया है। उसकी चाबी सभासदों के पास रहती है। वह उसमें किसी भी दिन बैठक करने को स्वतंत्र हैं। रही बात पालिका के सभा कक्ष में बैठक करने की, तो इसके संबंध में उनके सामने इस बैठक की बात नहीं आयी। उन्हें पूर्व में इस प्रकार की कोई भी सूचना नहीं दी गयी। यदि सभासद अपने कक्ष को छोड़कर सभाकक्ष में बैठक करना चाहते थे, तो वह मेरे समक्ष अनुमति के लिए बात को रखते, पालिका उनकी है। सभाकक्ष का प्रयोग पालिका की बोर्ड बैठक के लिए अधिकांशत: ही होता है। पालिका के अधिकांश सभासद विकास पसंद हैं और वह उनके साथ हैं। वह विकास को लेेकर किसी प्रकार से समझौता नहीं कर सकती हैं। सभासदगण समझदार व विद्वान व्यक्ति हैं, वह किसी के बहकावे मेंं नहीं आ सकते। वह लगातार उनके संपर्क में रहते हैं। इस दौरान राजीव शर्मा के अलावा सभासद विपुल भटनागर, मनोज वर्मा, नरेश चन्द मित्तल, नवनीत कुच्छल, विकास गुप्ता, सरफराज आलम, सुनील शर्मा, सलीम अंसारी, अमित बॉबी, प्रवीण पीटर, सचिन कुमार, राहुल पंवार, भीष्म धीमान, नौशाद कुरैशी, पवन चौधरी, नरेश कुमार, प्रेमी छाबडा, सत्तार, सरफराज अंसारी, मनीष कुमार, मौ. राहत और उमर एडवोकेट आदि शामिल रहे।

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