प्रकरण शामली जनपद का है, कलेक्ट्रेट में धरना सही नहीं: एडीएम

प्रकरण शामली जनपद का है, कलेक्ट्रेट में धरना सही नहीं: एडीएम

मुजफ्फरनगर। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि मास्टर विजय सिंह जो कई वर्षो से जनपद मुजफ्फरनगर के कलैक्ट्रेट परिसर में धरनारत थे। उनकी शिकायत थी कि ग्राम चौसाना जो अब जनपद शामली में है, की तहसील कैराना परगना बिडोली में 12 लोगों के नाम राजस्व अभिलेखो में फर्जी दर्ज है। उनकी शिकायत के आधार पर उप जिलाधिकारी कैराना ने प्रतिवादीगण के नाम खारिज कर 2007 में भूमि ग्राम सभा को दे दी। प्रतिवादीगण द्वारा इस आदेश के क्रम में न्यायालय राजस्व परिषद में अलग-अलग निगरानी दायर की। राजस्व परिषद द्वारा 2007 में ही उप जिलाधिकारी कैराना के आदेश निरस्त कर दिये गये। जिसके कारण प्रकरण अभी विचाराधीन है। इसके अलावा प्रतिवादीगण ने सिविल न्यायालय प्रथम शामली में वाद दायर किया। प्रतिवादीगण ने सिविल न्यायालय शामली से मई 2019 से इस पर स्थगन आदेश प्राप्त कर रखा है। मास्टर विजय सिंह कलैक्ट्रेट परिसर मुजफ्फरनगर में कई वर्षो से धरनारत थे, उनकी मांग थी कि भूमि कब्जा मुक्त कराई जाये और उसका भौतिक सत्यापन कराया जाये। चूंकि प्रकरण राजस्व परिषद में विचाराधीन है तथा स्थगन आदेश प्रभावी है ऐसे में जनपद मुजफ्फरनगर से कार्यवाही अपेक्षित नही है। चूंकि सभी वाद व्यक्तियों द्वारा योजित कियेे गये हैं, ऐसे में प्रकरण न्यायिक है और इसका निस्तारण न्यायालय प्रक्रिया से ही हो सकता है। विजय सिंह के भौतिक सत्यापन के प्रार्थना पत्र पर जनपद शामली के द्वारा अध्यक्ष राजस्व परिषद के आदेशानुसार अपने क्षेत्र के अन्तर्गत भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी शामली से भी अनुरोध किया जायेगा कि आख्या राजस्व परिषद को भेज दे। आज मास्टर विजय को कलैक्ट्रेट परिसर जहां वह धरनारत थे, उस स्थान को खाली करने के लिए यह कहा गया कि आपका प्रकरण चंूकि न्यायालय में विचाराधीन है तथा भौतिक सत्यापन गतिमान है। मास्टर विजय के धरनास्थल के खाली करने के उपरान्त उन्हें अस्थाई रूप से उनके रहने के लिए कांशीराम आवास को तात्कालिक व अस्थाई रूप से आवंटन की कार्यवाही भी जा रही है।

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