शुक्रताल आश्रम पहुंचकर संतों व सीओ ने सुनी संचालिका की पीड़ा

शुक्रताल आश्रम पहुंचकर संतों व सीओ ने सुनी संचालिका की पीड़ा

मोरना। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित अखिल भारतीय दिव्यांग एवं अनाथ आश्रम की संचालिका ने नियम कायदों को लेकर अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए उनसे तंग आकर गंगा में कूद कर जान दे देने की चेतावनी दी थी। रविवार को नगरी के संतो, सीओ व भाजपा नेताओं ने आश्रम में पहुंचकर उनकी पीड़ा सुनकर समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया। जिला बागपत के दाह निवासी निसंतान दंपत्ति विरेंद्र एवं मीना राणा वर्ष 1990 से तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में अखिल भारतीय दिव्यांग एव अनाथ आश्रम की स्थापना कर जरूरतमंद, अनाथ व दिव्यांग बच्चों का पालन पोषण कर उनको शिक्षा देने में लगे है। बीते शनिवार को मीना राणा ने पंजीकरण में नियम कायदों को लेकर अधिकारियों पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए उनसे तंग आकर गंगा में कूदकर अपनी जान दे देने की चेतावनी दी थी। रविवार को भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित राठी, नगरी के मां अन्नपूर्णा गिरी आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी गोपाल महाराज, सीओ भोपा राममोहन शर्मा, रामदास महाराज, आश्रम में पहुंचे। संचालिका ने बताया कि बीते 12 सितंबर को तहसील जानसठ से एक अधिकारी उनके आश्रम में आए थे और उन्हें तत्काल आश्रम को बंद करने व जेल भेजने की धमकी दी। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित राठी ने एसडीएम जानसठ इंद्राकांत द्विवेदी से मोबाइल पर बात की और समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।

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