मानसून की पहली बारिश में ही जनपद में गिरे कई स्थानों पर कच्चे मकान

मुजफ्फरनगर। मानसून की पहली बारिश में जनपद में कई स्थानों पर कच्चे मकान गिरने से कई परिवार दब गये, जिनमें से तीन मासूम बच्चें व एक वृद्धा की मौत हो गयी, जबकि दर्जनों घायल हो गये। थाना सिखेडा क्षेत्रा के गांव बहादुरपुर में कच्चे मकान की छत गिरने से मलबे के नीचे दबकर 62 वर्षीय वृद्धा श्रीमती छोटी पत्नि सोहनलाल की मौके पर ही मौत हो गयी। इसी प्रकार नई मण्डी क्षेत्र के गांव बिलासपुर में भी कच्चे मकान की छत गिरने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गयी। शहर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला गहराबाग में बारिश के कारण कच्चे मकान की छत गिरने से निशा पत्नि शाहनवाज व उसका 12 वर्षीय बेटा मौहम्मद कैप मलबे के नीचे दब गये। पडौसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिस डायल 100 पुलिस ने नागरिकों के सहयोग से मलबा हटाकर मां बेटे को बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया।

चरथावल संवाददाता के अनुसार थाना क्षेत्र के गांव चरथावल देहात के मौहल्ला मुनव्वर नगर में दो दिन से हो रही भारी बारिश से गरीब का आशियाना भर भराकर गिर गया। घर में सो रहे दम्पति ने बच्चों सहित भाग कर अपनी जान बचाई। वहीं कड़ी लगने से पति घायल हो गया। चरथावल देहात के मौहल्ला मुनव्वर नगर में दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण नौशाद पुत्र इकराम का कच्चा मकान देखते ही देखते भर भराकर गिर गया, जिस समय मकान गिरा उस वक्त मकान में नौशाद अपनी पत्नी और 6 बच्चों सहित सो रहा था। मकान गिरने की आहट से नौशाद ने आनन-फानन में सभी को गिरते मकान से बाहर निकाला गया, जिसमें मकान मालिक नौशाद छत की कड़ी लगने से घायल हो गया, जबकि 3 वर्षीय हसन, साढ़े 4 वर्षीय हुसैन, 6 वर्षीय शायान, 8 वर्षीय रिहान व 11 वर्षीय आयशा व सितारा ने भागकर अपनी जान बचाई। गरीब परिवार ने प्रशासन से मुआवजा दिलाया जाने की मांग की है। लगातार हो रही बारिश में परिवार पर रहने का संकट भी आन खड़ा हुआ है। उधर लेखपाल ने मौके पर पहुँचकर जांच पड़ताल की है।

मोरना संवाददाता के अनुसार बारिश के दौरान कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गयी, जिससे छत के नीचे सो रहा परिवार बाल-बाल बच गया। मकान की छत के नीचे घरेलू सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। पीडित ने प्रशासन से शहरी आवास के अन्तर्गत घर बनवाने की गुहार लगाई है। कस्बा भोकरहेडी के मौहल्ला लोकुपुरा दक्षिणी निवासी शाहिद उर्फ बिल्लू पुत्र यामीन मलिक का परिवार रात में अपने कच्चे घर मे सोया हुआ था तथा बारिश हो रही थी। तभी छत की कडिय़ों में आवाज हुई, तो शाहिद ने अपनी पत्नी संजीदा व बच्चों अर्श तथा साहिल को तुरन्त घर से बाहर किया, तभी घर की छत भरभरा कर गिर गयी। जान बच जाने पर जहां शाहिद ने ईश्वर का धन्यवाद किया। वहीं गरीब को छत के लाले पड गये। शाहिद का घरेलू सामान व खाद्य सामग्री छत के नीचे दबकर खराब हो गयी। पीडि़त ने प्रशासन से मकान बनवाने की गुहार लगाई है।

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