स्कूली वाहनों की हड़ताल के चलते आज भी अभिभावक हुए हलकान

स्कूली वाहनों की हड़ताल के चलते आज भी अभिभावक हुए हलकान

मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में किए गए संशोधन के विरोध में इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के नेतृत्व में चल रही दो दिवसीय सांकेतिक हडताल के चलते आज भी छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को भारी दिक्कत का सामना करना पडा। इस दौरान अभिभावक अपने बच्चों को बाईक, स्कूटर व कार आदि से स्कूल छोडने आए। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के नेतृत्व में आयोजित की गई दो दिवसीय स्कूली वाहनों की सांकेतिक हडताल का असर शनिवार की सुबह भी देखने को मिला। इस दौरान कस्बे के समस्त विद्यालयों ने हडताल का समर्थन करते हुए अपने वाहनों को स्कूल में ही बन्द रखा तथा स्कूल आने वाले छात्र-छात्राओं व नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्कूल छोडने के लिए उनके अभिभावक अपने वाहनों को लेकर स्कूल पहुंचे। इस दौरान अभिभावक बच्चों को बाईक, स्कूटर व कार आदि से लेकर विद्यालय तक छोडने आए तथा दोपहर में स्कूलों की छुट्टी होने के दौरान बच्चों को वापिस लेकर लौटे। हडताल के चलते अभिभावक भारी परेशान दिखे वहीं छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पडा। जिन अभिभावकों के पास अपने वाहन नहीं है, वे ई-रिक्शा, टेम्पो आदि किराए पर लेकर बच्चों को छोडऩे पहुंचे। अभिभावकों ने स्कूल संचालकों से अपनी नाराजगी भी जताई। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने शुक्रवार व शनिवार को स्कूली वाहनों की हडताल की घोषणा की थी। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन में शामिल समस्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने एकजुट होकर उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में सरकार द्वारा किए गए 26वें संशोधन का विरोध किया था। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से 9 मांगों को पूरी करने की मांग की थी। जिसमें स्कूली वाहनों के बीमा दर में 80 प्रतिशत की छूट, नि:शुल्क परमिट दिया जाना व स्कूली बसों में महिला परिचालक व अध्यापक की अनिवार्यता को खत्म करना साथ ही प्रत्येक बच्चे को सीट बेल्ट की अनिवार्यता व 7 वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों बस में यात्रा करना प्रतिबंधित किया जाना शामिल है।

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