जानसठ सीओ व कोतवाल पर गिरी गाज....एसएसपी ने अपने रीडर तूफान सिंह व एसआई जयप्रकाश को भी किया लाईन हाजिर

जानसठ सीओ व कोतवाल पर गिरी गाज....एसएसपी ने अपने रीडर तूफान सिंह व एसआई जयप्रकाश को भी किया लाईन हाजिर

मुजफ्फरनगर। पुलिस विभाग में अपनी जड़े बेहद गहरी कर चुके भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत एसएसपी की कार्यवाही से आज पुलिस विभाग में हडकम्प मचा हुआ है। आज एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने जानसठ सीओ सोमेन्द्र कुमार नेगी, कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार त्यागी, जानसठ थाने के एसआई जयप्रकश व अपने रीडर तूफान सिंह को लाईन हाजिर कर दिया। एसएसपी की इस कडी कार्यवाही से पुलिस विभाग में हडकम्प मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत मेरठ रोड निवासी कुंजबिहारी अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता है और जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके है। कस्बा जानसठ के मूल निवासी कुंजबिहारी अग्रवाल का दादइलाही सम्पत्ति को लेकर अपने ही खानदानी भाईयों से विवाद चला आ रहा है। करोड़ों रूपये की इस सम्पत्ति का मामला कोर्ट-कचहरी के बाद बिरादरी के जिम्मेदार लोगों के बीच पहुंचा। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उक्त सम्पत्ति को लेकर कुंज बिहारी अग्रवाल के पक्ष में मामला निपट गया था। इस मामलेे में जानसठ पुलिस द्वारा कुंजबिहारी अग्रवाल के विपक्षीगणों का पक्ष लिया जा रहा था और मामले को लगातार उलझाया जा रहा था।

चर्चा है कि कुंजबिहारी अग्रवाल के विपक्षीगणों से जानसठ पुलिस ने मोटा माल खा रखा था, यहीं कारण था कि वह इस मामले को निपटने नहीं दे रहे थे। पूरे प्रकरण की जानकारी कुंजबिहारी अग्रवाल ने कुछ दिन पहले एसएसपी सुधीर कुमार सिंह को दी, जिस पर एसएसपी ने अपने स्तर से पूरे मामले की गोपनीय जांच करायी, जिसमें यह बात सामने आई कि जानसठ सीओ सोमेन्द्र कुमार नेगी, कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार त्यागी, थाने के एसआई जयप्रकाश व एसएसपी के वाचक तूफान सिंह ने मिलकर मोटी रिश्वत खाई और कुंजबिहारी अग्रवाल के विपक्षीगणों का साथ दिया जा रहा है, जिसके कारण विवाद कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है और पूरी सम्पत्ति पर साजिशन विपक्षीगणों का कब्जा करा दिया गया है।

इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने आज देर रात्रि में जानसठ सीओ सोमेन्द्र कुमार नेगी, कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार त्यागी, एसआई जयप्रकाश समेत अपने पेशकार, पुलिस निरीक्षक तूफान सिंह को लाईन हाजिर कर दिया। एसएसपी की इस कार्यवाही से पुलिस विभाग में हडकम्प मचा हुआ है। उक्त पुलिस अधिकारियों के स्थान पर अभी कोई नियुक्ति नहीं की गयी है।

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