मुजफ्फरनगर- विरासत सम्बन्धी प्रकरण में एसडीएम बुढ़ाना को जांच के आदेश

मुजफ्फरनगर- विरासत सम्बन्धी प्रकरण में एसडीएम बुढ़ाना को जांच के आदेश


मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने जनपद में कार्यभार ग्रहण करते ही अधिकारियों व कर्मचारियों केा स्पष्ट संदेश देते हुए अपना इरादा स्पष्ट कर दिया था कि भ्रष्टाचार, कमीशनखोर किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहींं की जायेगीं। उन्होंने निर्देश दिये थे कि अगर कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उस पर तत्काल जांच कराई जायेगी तथा जांच में दोषी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नही जायेगा और उत्पीड़न बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होने किसानों के लिए कृषक परिक्रमा मुक्ति अभियान चलाया हुआ है। जिसमे खतौनी में दर्ज त्रुटियों केा ठीक करने, विरासत दर्ज करने आदि कार्य किये जाने है।

जिलाधिकारी ने बताया कि श्रीमती उषा देवी पत्नी स्व0 अनिल कुमार निवासी ग्राम राजपुर छाजपुर तहसील बुढ़ाना का शिकायती प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि उसके ससुर स्व0 ओमपाल के दो पुत्र अनिल कुमार व अशोक कुमार थे, जिसमें उनके पति अनिल कुमार की मृत्यु हो जाने के कारण उसके स्व0 ससुर की परासौली स्थित खाता संख्या-701,702 व 776 में अशोक कुमार व उसकी अविवाहित दो पुत्रियों की विरासत दर्ज होनी थी। उक्त खाता संख्या पर ऋण भी दर्ज था परंतु राजस्व विभाग द्वारा कथित रूप से अशोक कुमार से उत्कोच लेते हुए सम्पूर्ण विरासत अशोक कुमार के नाम दर्ज कर दी गई है। प्रार्थीया ने यह भी कथन किया है कि तहसील स्तर पर उसके द्वारा शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई है बल्कि अशोक कुमार व क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा उसको धमकाया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने उक्त प्रकरण पर उप जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि मेरे स्पष्ट निर्देशों के बावजूद उक्त विरासत संबंधी प्रकरण में निष्पक्षता न बरता जाना, भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होना अत्यंत गंभीर बात है। उनहोने निर्देश दिये कि प्रकरण का स्वयं परीक्षण कर नियमानुसार न्यायोचित कार्यवाही करते हुए राजस्व विभाग के कर्मियों की भूमिका की भी जांच करे। उन्होने कहा कि जांच में विपरीत स्थिति पाये जाने पर सम्बन्धित का उत्तरदायित्व का निर्धारण कर उनके विरूद्ध यथोचित कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही से एक सप्ताह में अवगत कराना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डेय ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिये कि आज विभिन्न समाचार-पत्रों में तहसील बुढाना के किसान को जारी अवैध कब्जे के नोटिस को वापस किये जाने के एवज में तहसील कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। जो कि विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भ्रष्टाचार की शिकायतें संज्ञान में आना गंभीर एवं दुखद है। उन्होने कहा कि प्रकरण की गम्भीरता से जांच कर समाचार-पत्रों में प्रकाशित समाचार में उल्लिखित बिंदुओं व प्रकरण से संबंधित पत्रावलियों का निरीक्षण के साथ कॉल डिटेल की भी गहनता से जांच कर लें एवं उत्तरदायित्व का निर्धारण कर अपने सुस्पष्ट मन्तव्य सहित वस्तुपरक आख्या एक सप्ताह में उपलब्ध कराना सुनिश्चत करें।

Share it
Top