तहसील कर्मचारी पर भड़के विधायक उमेश मलिक...तहसीलदार के पेशगार पर लगाया ग्रामीण से रिश्वत मांगने का आरोप

तहसील कर्मचारी पर भड़के विधायक उमेश मलिक...तहसीलदार के पेशगार पर लगाया ग्रामीण से रिश्वत मांगने का आरोप

बुढ़ाना। ग्रामीण के सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में जुर्माने का नोटिस जारी करने पर ग्रामीण की हिमायत में पहुंचे विधायक ने तहसीलदार के पेशकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने ग्रामीण से रिश्वत मांगे जाने के भी आरोप लगाए। विधायक ने तहसीलदार को भी आड़ हाथ लेते हुए इस मामले में ढिलाई बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। तहसील परिसर स्थित तहसीलदार कार्यालय पर गुरुवार को सायं करीब चार बजे विधायक उमेश मलिक ग्रामीणों व समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार मनोज कुमार को उनके कार्यालय से जारी नोटिस को पफर्जी बताते हुए कहा कि उनके कर्मचारी किसानों व ग्रामीणों को परेशान कर रहे है। उन्होंने आरोप लगाए कि कर्मचारी किसानों को पफर्जी नोटिस भेजकर परेशान कर रहे हैं तथा उसके बाद रिश्वत मांगी जा रही है। उन्होंने आचार संहिता के बाद रिश्वतखोर कर्मचारियों के विरु( कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होने बताया वीर सिंह निवासी गांव वैली ने मई 2018 में चकरोड खुलवाने की बाबत तहसील दिवस में शिकायत पत्रा दिया था। इस पर कोई कार्यवाही ना होने के बाद अन्य शिकायती पत्रा दिए गये व आरटीआई के तहत भी सूचना मांगी गई। लेखपाल धर्म सिंह मौके पर गये उसने खसरा नंबर 117 की चकरोड आधी अधूरी छुड़वा दी थी। जबकि सरकारी जमीन पर कब्जे की रिपोर्ट भेजकर उसे गलत नोटिस भिजवा दिया। करीब साथ महीने चक्कर काटने के बाद इस बार पेशकार अरविंद मलिक द्वारा पहले पचास हजार की तथा अब करीब पच्चीस हजार की मांग की जा रही है। विधायक उमेश मलिक ने पेशगार अरविंद को तहसीलदार कार्यालय में बुलाकर जमकर भड़ास निकाली। जबकि कर्मचारी का कहना था कि ग्रामीण द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियादी है। तहसीलदार मनोज कुमार का कहना है कि ग्रामीण पर सरकारी जमीन पर कब्जे पर जुर्माने का नोटिस है। प्रथम दृष्टया ग्रामीण द्वारा गलत आरोप लगाए जा रहे है। अब आरोप लगे है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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