भर्ती से वंचित अभ्यर्थियों ने मांगी इच्छा मृत्यु....प्रदर्शन करके राष्ट्रपति के नाम दिया दस सूत्रीय ज्ञापन

भर्ती से वंचित अभ्यर्थियों ने मांगी इच्छा मृत्यु....प्रदर्शन करके राष्ट्रपति के नाम दिया दस सूत्रीय  ज्ञापन

मुजफ्फरनगर। साल 2013 में पुलिस आरक्षी भर्ती से वंचित रहे सूबे के 11786 अभ्यर्थियों में से जनपद के कुछ अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर उनके द्वारा प्रदर्शन करते हुए देश के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को दिया गया। दिये गये ज्ञापन में उनके द्वारा इच्छा मृत्यु की मांग की गयी है। दिये गये ज्ञापन में कहा गया कि वह यूपी पुलिस बोर्ड के द्वारा शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से पीडि़त हैं। उन्होंने दस सूत्राीय ज्ञापन में देश के राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। उन्होंने कहा कि 2013 में सपा सरकार के शासनकाल में उप्र पुलिस आरक्षी के 41610 पदों के लिए आवेदन मांगे गये थे। इसमें 22 लाख युवाओं को प्रारंभिक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। इसमें लिखित, शारीरिक दक्षता व मुख्य लिखित परीक्षा करायी गयी। जिसमें 55 हजार पास हुए। सभी का चिकित्सा परीक्षण भी कराया गया। 16 जुलाई 2015 को 38315 को अंतिम रूप से चयन करके ट्रेनिंग पर भेज दिया गया। शेष रिक्त पदों को अग्रसारित कर दिया गया। इसके बाद नाराज अभ्यर्थी इलाहाबाद उच्च न्यायालय चले गये। जहां पर कोर्ट ने शेष पदों के जल्द भरने का आदेश दिया, लेकिन आज तक अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान नहीं की गयी। वह कई बार सीएम, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड व गृहसचिव से मिल चुके हैं, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो सकी। नियुक्ति न होने से वह टूट चुके हैं, उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाए। जिले के लगभग 350 अभ्यर्थियों में से प्रदर्शन करने वालों में सोनू तोमर, सचिन कुमार, संदीप कुमार, संदीप मलिक, अजीत सिंह, मोहित बालियान,मणिक राठी, प्रमोद कुमार, अमित पंवार, मोहित कुमार, पायल पुंडीर, कामिनी शर्मा व कंचन आदि शामिल रहे।

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