खादर क्षेत्र में गौवंश मरना लगातार जारी...गौवंश के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर पा रहा प्रशासन, इलाज के अभाव में तडप रहा गौवंश

मोरना। उम्र भर दौडे, किन्तु अढाई कोस। न कोई योजना न कोई इंतजाम, गौवंश की सुध लेने पहुंचे अधिकारियों की टीम ने अव्यवस्थाओं के कारण मर रही गायों के लिए कोई भी प्रबन्ध नहीं किया। अपनी उपस्थिति को दर्शाने के लिए चार भूमाफियाओं पर कार्रवाई कर गौवंश की व्यवस्था से किनारा कर लिया है। दूसरी ओर चिकित्सा न मिलने के कारण बीमार गायों का मरना लगातार जारी है। प्रशासन द्वारा गौवंश के लिए कोई त्वरित व्यवस्था न करने पर गौपालकों ने रोष प्रकट किया है।

ककरौली थाना क्षेत्र के जलालपुर खादर व बिजनौर जनपद की सीमा पर सैकडों गायों के मरने की खबर पर दौडा प्रशासन दो दिन में हांफता नजर आया। सोमवार को पशु चिकित्सकों की टीम मृत गायों के पोस्टमार्टम में व्यस्त रही। मंगलवार को चिकित्सकों के दल ने कुछ बीमार गायों का उपचार किया। वहीं मंगलवार को मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ मृत गायों के शवों को दबवाकर कार्य की इतिश्री कर ली। बुधवार को चिकित्सकों सहित किसी भी विभागीय अधिकारी ने गौवंश की सुध लेना उचित नहीं समझा, जिसके चलते अभी भी मृत गायों के शव भारी संख्या में इधर उधर पडे हुए हैं तथा शवों से आ रही भारी दुर्गन्ध वातावरण को दूषित कर रही हैं।

प्रशासन नहीं कर पाया है कोई व्यवस्था

मोरना। सैंकडों गाय मरने के बाद अन्य गाय भी भूखी चारे की तलाश में भटक रही है। सूखी घास घास में हरी पत्तियां तलाश रही घास अपनी बेबसी पर आंसू बहा रही है, जहां पशु चिकित्सकों ने मृत शवों का पोस्टमार्टम कर गाय की मौत का कारण भूखे रहकर ठंड से निमोनिया होना बताया था। वहीं प्रशासन भूखी गायों के लिए चारे आदि व्यवस्था को लेकर बगलें झांक रहा है। इतनी बडी संख्या में गौवंश की मौत के बाद भी व्यवस्थाओं के नाम पर परिणाम शून्य की नजर आ रहा है।

Share it
Top