पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से रोकने पर सपा कार्यकर्ताओंं में उबाल...पुलिस ने सपाईयों से छीना योगी का पुतला

मुजफ्फरनगर। इलाहाबाद छात्र संघ चुनाव के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिये जा रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ में ही रोके जाने को लेकर हुए विवाद के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त आक्रोश जताया। सपाईयों ने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप भी लगाया है।

जानकारी के अनुसार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में सपा छात्र सभा के पदाधिकारियों की जीत होने के पश्चात आज शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा था, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी रवाना होना था। अखिलेश यादव जैसे ही लखनऊ में हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो उन्हें अधिकारियों ने हवाई जहाज में नहीं चढने दिया और इलाहाबाद जाने से रोक दिया। इस बात को लेकर वहां काफी देर तक हंगामा चलता रहा। सपाईयों ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को जबरदस्ती रोककर अभद्रता का भी प्रयास किया गया है। इस बात की जानकारी मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और वे सडकों पर उतर आये। मुजफ्फरनगर में सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप के नेतृत्व में सपाईयों ने महावीर चौक पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंकने का प्रयास किया, इस बात की जानकारी मिलते ही सिटी मजिस्टे्रट अतुल कुमार, सीओ सिटी हरीश भदौरिया व सिविल लाईन थानाध्यक्ष डीके त्यागी भारी पुलिसबल के साथ वहां पहुंचे और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास कर रहे सपा कार्यकर्ताओं से पुतला छीन लिया। इस दौरान पुलिस व सपा कार्यकर्ताओं के बीच पुतले को लेकर खींचतान होती रही। इसी बीच सपा के युवा कार्यकर्ता युसूफ उर्फ हनी गौर ने कुछ साथियों के साथ मिलकर पास में ही मीनाक्षी चौक पर दूसरा पुतला फूंक दिया, जिससे पुलिस में हडकम्प मच गया। पुलिस उक्त कार्यकर्ताओं की तलाश कर रही है। पुलिस व सपा कार्यकर्ताओं में झडप के बाद आक्रोशित सपाई सडक पर ही बैठकर धरना देने लगे और योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। पुलिस ने सभी सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया और गाडियों में भरकर कलक्टे्रट ले जाया गया, जहां पर सिटी मजिस्टे्रट ने जमानत लेकर सभी को रिहा कर दिया, लेकिन सपाई जेल जाने की जिद पर अडे रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शान्त किया और वापस भेज दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, पूर्व मंत्री उमाकिरण, पूर्व जिलाध्यक्ष सतेन्द्र सैनी, महानगराध्यक्ष मौ. वसी अंसारी, चन्दन चौहान, जिला महासचिव जिया चौधरी, गौरव जैन, साजिद हसन, पूर्व नगराध्यक्ष अंसार आढती, राकेश शर्मा, शौकत अंसारी, शमशाद अहमद, महेश बंसल, राकिब कुरैशी, विभा चौधरी, विनयपाल, नरेश विश्वकर्मा, डॉ. इसरार, शलभ गुप्ता, निधिषराज गर्ग, फिरोज अख्तर, शिवम त्यागी, दिलशाद कुरैशी, पवन पाल, टीटू पाल, मोहसिन अंसारी, सद्दाम, लोकेश गौतम, प्रवीण गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, हरीश पाल, मामेश ठाकुर, अकबर आढती, नरेन्द्र सैनी, आसिफ, नदीम मलिक, नदीम राणा, सभासद अनु कुरैशी, ब्रिजेश कुमार, संदीप बालियान, गोल्डी अहलावत, साजिद नुड्डू, अनिल गोयल, फैसल, टीटू गुर्जर, जनार्दन विश्वकर्मा, शहजाद राव, प्रवीण, सलमान त्यागी, डॉ. नूरहसन, आजम अंसारी, शाहरूख चौधरी, नाजिम अली, अनिल गोयला, युसूफ गौर, नासिर राणा आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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