भाकियू जिलाध्यक्ष की प्रशासन को चेतावनी, किसानों को मुकदमे का डर न दिखाए पीड़ित किसानों व एनएचएआई में वार्ता विफल

भाकियू जिलाध्यक्ष की प्रशासन को चेतावनी, किसानों को मुकदमे का डर न दिखाए पीड़ित किसानों व एनएचएआई में वार्ता विफल

मुजफ्फरनगर। दस जनवरी को किसानों ने खतौली बाईपास पर भंगेला में हाइवे जाम किया था। हाइवे जाम होने पर एसपी सिटी चार थानों की पुलिस लेकर व एडीएम-ई, एडीएम-एफ, एसडीएम सदर, एसडीएम खतौली व एनएचएआई के पीडी दिनेश कुमार चतुर्वेदी जाम स्थल पर किसानों के बीच पहुंच गए थे। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से बात करके सोमवार तक का समय मांगा गया था। भाकियू की ओर से घोषणा हुई थी कि जब तक किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा नहीं मिलता, तब कोई भी निर्माण कार्य नहीं होगा। सोमवार को जिला पंचायत सभागार में एडीएम-एफ आलोक कुमार की अध्यक्षता में किसानों के साथ इस संबंध में मीटिंग हुई। जिसमें पीडी एनएचएआई दिनेश कुमार चतुर्वेदी अपने पूरे स्टाफ के साथ आये। मीटिंग में ब्याज की राशि, जो त्राुटिपूर्ण छूट गयी थी, उसको 31 जनवरी तक किसानों को देने की बात हुई। 20 गांव के आर्बिट्रेशन डीएम के द्वारा शीघ्र ही घोषित किया जाएगा, मगर जो किसानों की मुख्य मांग है कि आर्बिट्रेशन का पुनः निरीक्षण हो, क्योकि आर्बिट्रेशन में काफी त्राुटि है, जिससे किसानों मुआवजे में भारी क्षति हुई। इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई। सहमति न बनने पर किसानों ने एक सुर में कहा कि जब आर्बिट्रेशन का पुनः निरीक्षण नहीं होता, तब तक एनएच-58 हाइवे पर कोई भी काम नहीं चलने दिया जाएगा भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कन्ट्रक्सन कम्पनी व जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि किसानों को मुकदमे का डर न दिखाए। अगर किसी भी किसान को डराने की कोशिश की, तो परिणाम जिले के लिए अच्छे नहीं होंगे। मीटिंग के उपरांत 32 गांव के किसानों ने निर्णय लिया कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, तब तक हाइवे का निर्माण कार्य बंद रहेगा। मीटिंग में राजू अहलावत, जहीर फारूकी, धीरज लटियान, अंकित चौधरी, दीपक बालियान, कमल शर्मा, पीयूष, राहुल मलिक, जितेंद्र त्यागी, सुधीर अहलावत, महक सिंह, पंकज त्यागी, रामेश्वर, लोकेश, राजकुमार आदि उपस्थित रहे।

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