रूपयों के लेनदेन को लेकर हुई हत्या...पशु चिकित्सक की हत्या से मोरना क्षेत्र में बना साम्प्रदायिक तनाव, जमकर हंगामा

मुजफ्फरनगर। लापता पशु चिकित्सक का बोरे में बंद शव मिलने से मोरना क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव बन गया है। पैसों के लेनदेन को लेकर हुई हत्या के बाद कई घंटे तक हंगामा चलता रहा और गुस्साये ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी देहात आलोक शर्मा भी कई थानों की फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और गुस्साये ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शान्त करते हुए जाम खुलवाया। पुलिस ने शीघ्र ही घटना का खुलासा करने का आश्वासन भी दिया है।

जानकारी के अनुसार बीते दिवस लापता हुए पशु चिकित्सक डॉ. सतीश मलिक की हत्या में शामिल आरोपी कामिल निवासी ककराला के घर पर पुलिस ने आशंका को लेकर पहरा लगा दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कामिल खल चोकर का व्यापारी है तथा खाद्यान्न का स्टॉक भी करता है, जिसके लिये वह मृतक चिकित्सक सतीश मालिक से मोटी रकम उधार लेता रहता था। हाल में भी कामिल ने एक बड़ी सतीश मलिक से उधार ली हुई थी मोटी रकम को हजम करने को लेकर कामिल ने भाड़े के तीन व्यक्तियों चुड़ियाला निवासी दिलशाद आरिफ व आशु के संग सतीश मलिक की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया। बताया जा रहा है कि मृतक चिकित्सक का परिवार लगभग 25 वर्ष पहले थाना सिखेड़ा क्षेत्र के गाँव नंगला मन्दौड़ से आकर मोरना में बसा था। मृतक तीन भाईयों वरुण मलिक व राजू मलिक में दूसरे नम्बर का था। छोटे भाई राजू मलिक की कैंसर की बीमारी के चलते मौत हो गयी थी। मृतक के परिवार में पिता सत्यपाल, माता सोहनवीरी, बहन रेखा व पत्नी गीता तथा एक 10 वर्षीय पुत्र आयुष है। उल्लेखनीय है कि थाना भोपा गंगनहर पुल पर दोपहर एक बजे से शाम साढ़े चार बजे तक ग्रामीणों ने चिकित्सक के शव की बरामदगी को लेकर जाम लगाया, जिसके चलते राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मोरना में दर्जनों गुस्साये नवयुवकों द्वारा बस स्टैंड पर जाम लगाने के बाद बस स्टैंड पर दुकानों को बंद करा दिया गया। वहीं गाँव के भीतर का बाजार बंद कराने को लेकर साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति एक बार को उत्पन्न हो गयी। क्षेत्राधिकारी भोपा राममोहन शर्मा ने बताया कि शव के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही किसी परिणाम पर पहुंचा जा सकेगा। ज्ञातव्य है कि भोपा थाना क्षेत्र के ग्राम अलीपुर तिस्सा निवासी फाइनेंसर विकास की हत्या गत वर्ष पांच अक्टूबर को उधार के रुपयों को लेकर कर दी गयी थी, जिसमें पुलिस ने तुरन्त घटना का खुलासा कर हत्यारोपियों को जेल भेज दिया था। चिकित्सक की हत्या के बाद हुई तनाव की स्थिति को लेकर जहां जनपद के दर्जनों थानों की पुलिस आरआरएफ बल सहित भारी पुलिस बल क्षेत्र में तैनात रहा, वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह देर शाम थाना भोपा पर रहे तथा क्षेत्रा की प्रत्येक गतिविधि का जायजा लेते नजर आये।
[रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

Share it
Top