एटूजेड पर शीघ्र होगा प्रशासन का कब्जा...सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरने पर डीएम हुए गंभीर

एटूजेड पर शीघ्र होगा प्रशासन का कब्जा...सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरने पर डीएम हुए गंभीर

मुजफ्फरनगर। एटूजेड की हड़ताल नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है। हड़ताल के चलते शहर में बिगड़े सफाई के हालातों (जगह-जगह पर लगे गंदगी के अंबार) को देखते हुए जिला प्रशासन किदवईनगर में स्थित एटूजेड प्लांट को अपने निर्देशन मंे चलाने को लेकर तत्पर है। अब जिला प्रशासन नगर पालिका से इस प्लांट को चलवाएगा। इसके लिए एक प्रकार से ट्रायल भी किया जा चुका है। वहीं पालिका के सूत्रों के अनुसार इस संबंध मंे कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। नगर में कूड़ा उठाने का जिम्मे नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर द्वारा एटूजेड कंपनी को दिया गया था। जिसके चलते प्रति माह एक बड़ी मोटी रकम इसके चलते पालिका की ओर से एटूजेड को दी जाती है। हाल के दिनों में कुछ मांगों को लेकर पालिका व एटूजेड कंपनी में ठन गयी। जिसके चलते एटूजेड कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा हड़ताल कर दी गयी। जिसके कारण नगर में जगह-जगह, जिसमें प्रमुुख स्थान भी शामिल हैं, कूडे़ के अंबार लग गये हैं। स्थिति यह है कि वहां से गुजरना भी दूभर हो चला है। पालिका सूत्रों के अनुसार इस समस्या का निदान करने को लेकर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को प्लांट का प्रभारी बनाया है। वहीं एटूजेड से 260 सफाई कर्मचारियों की भी सूची मांगी गई है। एटूजेड कम्पनी की हड़ताल के बाद से शहर के ढलावघरों से कूड़ा नहीं उठ पाया है। हालांकि नगर पालिका ने किराए पर वाहन लेकर ढलावघरों से कूड़ा उठवाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सपफलता नहीं मिल पाई। ऐसे में शहर के सभी ढलावघरों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कूड़ा सड़कों पर आ गया है। शहर की सफाई व्यवस्था ठप्प होता देख जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लिया। शहर में सफाई व्यवस्था में सुधर करने के लिए जिला प्रशासन ने एटूजेड प्लांट अपने निर्देशन मंे संचालित करने का निर्णय लिया। हालांकि एटूजेड कम्पनी को अभी अलग नहीं किया गया है। बताया गया कि कूड़ा बहुत की कम सपफाई कर्मचारी उठा रहे थे, लेकिन एटूजेड 260 सपफाई कर्मचारियों के हिसाब से पालिका से भुगतान ले रहा था। इन सफाई कर्मचारियों की तलाश की जा रही है।

वहीं दूसरी ओर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. रविंद्र सिंह राठी का कहना था कि एटूजेड कंपनी से पूरी तरह से इस मामले को अलग करनेे को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। अभी केवल प्रशासन के निर्देशन मंे एक प्रकार से कूड़ा उठाने का ट्रायल किया गया है। " रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

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