वाहन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत....मलीरा में स्टेट हाईवे पर हुआ हादसा, ग्रामीणों ने लगाया जाम

वाहन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत....मलीरा में स्टेट हाईवे पर हुआ हादसा, ग्रामीणों ने लगाया जाम

मुजफ्फरनगर। बाईक पर सवार होकर शहर से अपने गांव मलीरा वापस लौट रहे एक युवक की मलीरा अड्डे के पास स्टेट हाईवे पर अज्ञात वाहन से कुचलने पर मौत हो गई। युवक की मौत की जानकारी मिलते ही सैंकडों ग्रामीण मलीरा अड्डे पर पहुंच गये और जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। गुस्साये ग्रामीणों ने कई वाहनों में तोडफोड की। इस दौरान कई थानों की फोर्स लेकर उच्चाधिकारी वहां पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद मामला शान्त कराया।

जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गांव मलीरा निवासी 30 वर्षीय युवक तनुज पुत्र भूषण आज अपनी बाईक पर सवार होकर शहर से सामान लेकर वापस अपने गांव मलीरा लौट रहा था। जब वह मलीरा अड्डे पर पहुंचा, तो तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाईक में टक्कर मार दी, जिससे वह उछलकर सड़क पर जा गिरा और तेज रफ्रतार वाहन उसे कुचलता हुआ वहां से निकल गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने युवक को देखा, तो उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दुखद हादसे की सूचना मलीरा के ग्रामीणों को मिली, तो सैंकडों की संख्या में ग्रामीण व मृतक के परिजन वहां पहुंच गये और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना मिलने पर डायल 100 पुलिस वहां पहुंची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस टीम को भी दौडा दिया। आरोपी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण हंगामा करने लगे। इसके बाद रोहाना चौकी प्रभारी विनय शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे ओर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, तो वे दरोगा से ही बहस करने लगे। सूचना मिलने पर आलाधिकारी शहर कोतवाली, छपार व सिविल लाईन पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। तीनों थानों की पुलिस फोर्स ने आक्रोशित लोगोें को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, तो उक्त ग्रामीण उत्तेजित हो गये और उन्होंने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क से गुजर रहे वाहनों पर पथराव कर कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। लाठीचार्ज होने के बाद तितर-बितर हुए लोगों के कब्जे से पुलिस ने शव को निकाल लिया और उसे कब्जे में लेकर मोर्चरी पर भिजवा दिया। बताया जा रहा है कि सैंकडों की भीड सामने पुलिस भी कुछ नहीं कर पा रही थी। लाठीचार्ज के बाद ही भीड तितर-बितर हो सकी। बताया जा रहा है कि पुलिस समय से पहुंच जाती, तो स्थिति इतनी विस्फोटक नहीं होती। लगभग डेढ घंटे तक हंगामा चलता रहा। ग्रामीणों में पुलिस के देर से पहुंचने को लेकर भी गुस्सा था। उनका आरोप था कि यदि पुलिस समय से पहुंचती, तो आरोपी वाहन चालक को गिरफ्रतार किया जा सकता था। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर आरोपी वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है।

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