कोई भी पात्र दिव्यांगजन पेंशन अथवा अन्य योजनाओं से वंचित न होः डीएम...कहाः सभी पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाये

कोई भी पात्र दिव्यांगजन पेंशन अथवा अन्य योजनाओं से वंचित न होः डीएम...कहाः सभी पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाये

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के अन्तर्गत अभिभावक की मृत्यु होने पर 30 हजार रूपये की धनराशि एक मुस्त दी जाती है, माह में 285 आवेदन स्वीकृत किये गये। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के 117 लाभार्थियों के सापेक्ष 35.10 लाख रूपये की धनराशि आहरित कर व्यय की गयी। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के निर्धन परिवार की पुत्रियों की शादी योजना के अन्तर्गत 52.60 लाख रूपये की धनराशि आवंटित है। वर्ष 2018-19 में समाज कल्याण विभाग की लॉगिंग पर 115 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। आवेदन पत्रों पर भुगतान की कार्यवाही करायी जा रही है। सामान्य वर्ग के 21 आवेदन पत्र भी प्राप्त हुए। इनके भुगतान की भी कार्यवाही करने के जिलाधिकारी ने निर्देश दिये।

जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने आज यहां कलैक्ट्रेट सभागार में समाज कल्याण, अल्प संख्यक कल्याण एवं अन्य पिछडा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए कड़े निर्देश दिये कि सरकार की सभी पेंशन योजनाओं को लाभ पात्रा व्यक्तियों को दिलाना सुनिश्चित किया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संचालित लाभार्थीपरक एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वंचित पात्र लोगों को उपलब्ध कराने के लिए सर्वेक्षण समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण कराना सुनिश्चत किया जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के अन्तर्गत 20038 के सापेक्ष 18631 लाभार्थियों को आंकन 223.53 लाख की धनराशि समाज कल्याण विभाग के पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी गयी है। उन्होंने बताया कि 1407 लाभार्थियों की धनराशि समाज कल्याण विभाग से प्रेषित की जानी है।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि विभिन्न विभागों को सामूहिक विवाह के लक्ष्य आवंटित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 880 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 1500 का लक्ष्य शीघ्र पूरा कराये। जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को कडी फटकार लगायी और निर्देश दिये कि उन्हें आवंटित लक्ष्य एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाये और पात्र जोडों का आवेदन कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अत्याचारों से उत्पीडित अनुसूचित जाति/जनजातियों की आर्थिक सहायता योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि इस मद में 61.00 लाख रूपये की धनराशि वर्ष 2018-19 के लिए प्राप्त हुए। जिसके सापेक्ष 42.625 लाख रूपये की धनराशि व्यय की गयी।

जिलाधिकारी ने राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास की भूमि की व्यवस्था के सम्बन्ध में जिला समाज कल्याण अधिकारी को एसडीएम से सम्पर्क किये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी पं. दीनदयाल उपाध्याय, स्वरोजगार योजना की समीक्षा की। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि योजना के अन्तर्गत 960 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 713 आवेदन बैंको को प्रेषित किये गये। बैंकों द्वारा 71 आवेदन स्वीकृत किये गये। जिला पिछडा वर्ग कल्याण विभाग की वर्ष 2018-19 हेतु शादी अनुदान योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि आनलाइन 712 आवेदन प्राप्त हुए जिसके सापेक्ष पीएफएमएस पोर्टल पर 179 आवेदन पत्र का रिसपॉन्स हुआ।

जिलाधिकारी ने पिछडा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा ओ-लेविल तथा सीसीसी कोर्स कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना की समीक्षा की। बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। निदेशालय स्तर से अभी धनराशि अप्राप्त है। जिलाधिकारी ने अल्प संख्यक वर्ग शादी अनुदान योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में 840 आवेदकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किये गये। जिसके सापेक्ष 179 आवेदन पत्र तहसील/विकास खण्ड स्तर से सत्यापित किये गये। सत्यापित किये गये आवेदन पत्रों में शहरी क्षेत्र के 72 तथा ग्रामीण क्षेत्र के 62 कुल 134 आवेदन पत्रों का पीएफएमएस से रिस्पॉन्स प्राप्त हुआ है।

जिलाधिकारी द्वारा अल्प संख्यक कल्याण विभाग की मदरसा आधुनिकीकरण योजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 35 मदरसों के 96 अध्यापकों के सत्यापन के उपरान्त राज्यांश से प्राप्त 10 लाख 53 हजार की धनराशि उनके खातो में अंतरित करायी जायेगी। वक्फ सम्बन्धी तीन शिकायतें प्राप्त हुए और उनका निस्तारण कराया गया।

जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन पेंशन योजना की भी समीक्षा की। वर्तमान में 12999 पात्र लाभार्थी पाये गये। उन्होने बताया कि 503 नवीन लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत की गयी। धनराशि मुख्यालय द्वारा लाभार्थियों के खाते में प्रेषित की जायेगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि एक बार पुनः सर्वे कराया जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन पेंशन अथवा अन्य योजनाओं से वंचित न हो। बैठक में समस्त एसडीएम, परियोजना निदेशक, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी, समस्त बीडीओ सहित समस्त सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

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