मासूम को फेंकने वाले मां-बाप गिरफ्तार...विवाह पूर्व बने शारीरिक सम्बन्धो से जन्मी बच्ची को खालापार में लावारिस फेंका था

मासूम को फेंकने वाले मां-बाप गिरफ्तार...विवाह पूर्व बने शारीरिक सम्बन्धो से जन्मी बच्ची को खालापार में लावारिस फेंका था

मुजफ्फरनगर। मौहल्ला खालापार से पिछले दिनों एक मकान की सीढियों से बरामद हुई नवजात बच्ची को लावारिस हालत में छोडने वाले उसके माता-पिता को पुलिस ने गिरफ्तार करने में बडी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने खुलासा किया कि नवजात बच्ची के माता-पिता के शादी से पूर्व ही अवैध सम्बन्ध थे। इस वर्ष फरवरी में ही दोनों की शादी हुई थी, जबकि 5 जून को बच्ची का जन्म हुआ। बदनामी के डर के चलते ही बच्ची के माता-पिता जन्म देने के पश्चात उसे लावारिस हालत में छोडकर फरार हो गये थे। बच्ची के माता-पिता को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस लाईन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव तिवारी ने बताया कि दिनांक 6 जून को थाना कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला खालापार में डा. अथहर के मकान के सामने सीढियों पर एक बच्ची लावारिस हालत में बरामद हुई थी। लडकी को सेंट्रो कार सवार लावारिस हालत में छोडकर फरार हो गये थे। जांच पडताल के बाद पता चला कि उक्त सेंट्रो कार का नम्बर एच.आर. ०6 एम-5००5 है। यह मामला मीडिया में काफी चर्चा का विषय बना रहा था। इस सम्बन्ध में थाना कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे को लेकर पुलिस काफी गम्भीर थी, यही कारण है कि इसके खुलासे के लिये चार टीमों का गठन किया गया। उक्त पुलिस टीमों ने पानीपत, पंजाब, कांधला, कैराना, शामली, सहारनपुर आदि स्थानों पर जांच पडताल की और अथक प्रयासों के बाद बच्ची के असली माता-पिता तक जा पहुंची। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर लावारिस बरामद हुई बच्ची के माता-पिता को रामलीला टिल्ला से सेंट्रो कार समेत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर दोनों ने अपने नाम सरवर पुत्र स्व. कामिल निवासी मकान नम्बर 451, बडी मस्जिद के सामने, बापोली थाना बापोली, पानीपत हरियाणा तथा कौसर पत्नी सरवर पुत्री स्व. बाबू खान निवासी ग्राम बिलासपुर, थाना नई मंडी हाल निवासी न्याजूपुरा थाना कोतवाली नगर बताये। कौसर ने पुलिस को बताया कि वह विंधयाचंदल कालोनी थाना चांदनी बाग पानीपत हरियाणा में अब से एक वर्ष पूर्व रहती थी तथा सरस्वती फैक्ट्री जहां कम्बल बनाने का काम होता है, में पांच हजार रूपये महीने की नौकरी करती थी। वहीं पर सरवर एक दुकान पर काम करता था तथा दोनों की जान पहचान हो गई थी और उनके एक-दूसरे की सहमति से शारीरिक सम्बन्ध भी हो गये थे, जिसके चलते कौशर गर्भवती हो गई, परन्तु सरवर उस समय कौसर से शादी करने को तैयार नहीं था, जिस कारण कौसर ने थाना चांदनी बाग पानीपत हरियाणा में एक मुकदमा भी दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद सरवर पर दबाव बन गया था और वह कौसर से विवाह करने को तैयार हो गया, जिसके बाद फरवरी 2०18 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के चार माह बाद, यानि 5 जून-2०18 को कौसर ने एक बच्ची को जन्म दिया। बदनामी के डर से सरवर और कौसर में सहमति बनी कि बच्ची को मौहल्ला खालापार स्थित डा. अथहर के मकान के सामने छोड दिया जाये, जिससे वे लोग भविष्य में उस पर नजर रख सकें और उसकी अच्छी तरह से देखभाल भी हो सके। इसके बाद उक्त दोनों बच्ची को डा. अथहर के मकान की सीढियो पर छोड आये थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नवजात बच्ची के माता-पिता कौसर और सरवर को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम प्र.नि. अनिल कुमार कपरवान, उपनिरीक्षक अक्षय शर्मा, राजेन्द्र प्रसाद वशिष्ठ, कांस्टेबिल अमित तेवतिया, मनेन्द्र कुमार, संदीप व रीनू के प्रयासों की जमकर प्रशंसा करते हुए टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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