अधिशासी अभियंता सिंचाई के वेतन रोके जाने के आदेश...भू-माफियाओं पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों पर होगी कडी कार्यवाही

अधिशासी अभियंता सिंचाई के वेतन रोके जाने के आदेश...भू-माफियाओं पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों पर होगी कडी कार्यवाही

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित कर लें कि उनकी परिसम्पत्तियों पर अवैध कब्जा अथवा अतिक्रमण न होने पाये। उन्हांेने निर्देश दिये कि सम्बन्धित विभाग सम्बन्धित उप जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर अपनी परिसम्पत्तियों को कब्जामुक्त कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि बाद में यह जानकारी में आया कि किसी विभाग की भूमि पर अतिक्रमण है, तो सम्बन्धित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्हांेने कहा कि कब्जामुक्त जमीन पर तारबन्दी करायी जाये और बोर्ड भी लगवाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि कोई नया अवैध कब्जा चिन्हित नहीं हुआ।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज जिला स्तरीय एन्टी भू-माफिया समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम सम्पत्तियों का लेखा-जोखा ऑनलाइन होना चाहिए। अगली बैठक मंे चकबन्दी विभाग के अधिकारियों को भी बैठक में बुलाये जाने के निर्देश दिये। उन्हांेने कहा कि अवैध कब्जा हटाने के बाद ऑनलाईन पफीडिंग करना सुनिश्चित कराया जाये। उन्हांेने तहसील दिवस में भूमि सम्बन्धी अवैध कब्जे की शिकायतों को भी एन्टी भू-माफिया पोर्टल पर डाले जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे करने वाले दबंग लोगों के खिलाफ लोक सम्पत्ति निवारण अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करायी जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि करेक्टिड लैंड रिकॉर्ड रखने का दायित्व समस्त तहसीलदारों का है। जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध कब्जे वाली अधिकांशतः अतिक्रमण मुक्त करायी जा चुकी है किन्तु शेष जमीन अभी कब्जामुक्त नहीं हो पायी। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने कहा कि धारा 67 के निस्तारण का एक नक्शा भी बनाया जाये। ग्राम पंचायत की भूमि को कब्जामुक्त कराने के बाद तारबन्दी का आंकलन पीडब्ल्यूडी से बनवा लें। उन्होंने तहसीलवार एवं विभागवार भूमि से कब्जा हटाये जाने और सम्बन्धित कब्जाधारकों पर की गयी कार्यवाही की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो भी भू-माफिया चिन्हित किये गये उन पर गुन्डा एक्ट एवं गैंगस्टर में कार्यवाही की गयी। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित करंे कि सभी एफआईआर में चार्जसीट लगी है अथवा नहीं। उन्हांेने कहा कि कोई भी पेंडेन्सी शेष नहीं है। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई को बैठक में अनुपस्थित रहने पर वेतन रोके जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने वन विभाग एवं सिंचाई विभाग के द्वारा प्रस्तुत किये गये आंकड़ों पर कड़ी फटकार लगायी। नलकूप विभाग की 6 परिसम्पत्तियों में से 5 परिसम्पत्तियों को कब्जामुक्त कराया जा चुका है। उन्हांेने शेष एक कब्जाधारक के विरूद्ध भी भूमि को कब्जामुक्त कराने और सम्बन्धित के विरूद्ध एफआईआर के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने विकास प्राधिकरण एवं नगर पंचायत तथा पीडब्ल्यूडी आदि विभागों की परिसम्पत्तियों के कब्जामुक्त किये जाने की भी समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को कडे़ निर्देश दिये कि भू-मापिफया एन्टी टास्क पफोर्स की नियमित बैठक करें तथा बैठक में की गई कार्यवाही से अवगत कराये। उन्हांेने निर्देश दिये कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनकी भूमि पर यदि अवैध कब्जा/अतिक्रमण है, तो उसे प्राथमिकता पर हटवाया जाये। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों तथा इनकी अधिकारिता में आने वाले सरकारी एवं अधर्् सरकारी, निकाय, प्राधिकरण, निगम/उपक्रम तथा पंचायत की भूमियों पर अमिक्रमण एवं अवैध कब्जों को हटवाये जाने के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश समय-समय पर शासन द्वारा दिये गये हैं।
जिलाधिकारी ने तहसील स्तर सभी विभागांे के अधिकारियों के साथ बैठक किये जाने के निर्देश उप जिलाधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि तहसील स्तरीय बैठक में आवश्यक रूप से सभी विभागों के अधिकारी प्रतिभाग करें और सबसे पहले बडे़ रक्बे पर अवैध अतिक्रमण/कब्जा और हटवाने की कार्यवाही अमल में लाये। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जा हटवाने के लिए बूल्डोजर ले और पुलिस पफोर्स की मांग कर प्राथमिकता पर अतिक्रमण/अवैध कब्जे हटवाये। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरीश चन्द्र, समस्त उप जिलाधिकारी/तहसीलदार, एवं अन्य सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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