लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली होः जिलाधिकारी

लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली होः जिलाधिकारी

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि सभी विभाग अपने लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली करना सुनिश्चित करें। उन्हांेने कहा कि प्रवर्तन कार्य बढ़ायें, जिससे राजस्व में वृद्धि हो। उन्हांेने कहा कि बडे बकायेदारों से आरसी वसूली के कार्य में तेजी लायी जाये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि आबकारी में वसूली बढाने के लिए इंपफोर्समेंट की कार्यवाही करायी जाये। कच्ची शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। हाईवे के किनारांे पर ढाबे पर छापामारी कर यह सुनिश्चित किया जाये कि शराब की बिक्री न होने पाये। इसके अतिरिक्त वाणिज्यकर में रिकवरी बढाने के लिए क्या-क्या कदम उठाये जाये। इसके लिए एक समिति का गठन किये जाने के निर्देश दिये। उन्हांेने नोनकमर्शियल वाहनांे को कमर्शियल में चला रहे वाहनांे के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को दिये। इसके अतिरिक्त स्कूलों के बाहर खडी गाडियों को भी चेक कराये जाने के निर्देश दिये कि वे मानकों के अनुसार हैं अथवा नहीं। उनकी पिफटनेस सहित सभी आवश्यक जांच करायी जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि ऑवर लोडिंग वाले वाहनों के डीएल निरस्तीकरण की कार्यवाही एआरटीओ करना सुनिश्चित करे। इसके साथ ही गन्ना ऑवर लोडिंग वाले ट्रॉलों पर भी शिकंजा कसने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतांे का निस्तारण करते समय शिकायतकर्ता को भी सुना जाये और उनसे संतुष्टि प्रमाण पत्रा लेते हुए अपलोड कराया जाये। उन्होंने कहा कि शतप्रतिशत निस्तारित शिकायतों का सत्यापन कराया जायेगा। अधिकारीगण शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण करंे और इसके गम्भीरता से लंे।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि स्टाम्प पंजीकरण शुल्क में माह नवम्बर के लक्ष्य 1324.00 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 1087.46 लाख की वसूली की गयी, जो लक्ष्य का 82.13 प्रतिशत है। इसी प्रकार राज्य आबकारी शुल्क में 2347.00 लाख के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 1789.57 लाख रूपये की उपलब्धि रही, जो लक्ष्य का 76.25 प्रतिशत है। वाहन, माल व यात्राीकर मेें 547.91 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 570.74 लाख को राजस्व प्राप्त हुआ, जो लक्ष्य का 104.17 प्रतिशत है। विद्युतकर तथा शुल्क में 13855.00 लाख के लक्ष्य के विरूद्ध 6560.00 के राजस्व की प्राप्ति हुई, जो लक्ष्य का 47.35 प्रतिशत है। मनोरंजन कर में माह के लक्ष्य 40.23 लाख के सापेक्ष 3.10 लाख की वसूली की गयी, जो लक्ष्य का 7.71 प्रतिशत है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी वसूली व रिकवरी के लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं करेंगे, उनके विरू( कडी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो अमीन वसूली में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, उनके विरूद्ध भी कडी कार्यवाही की जाये। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वसूली के लिए नई रणनीति बनायें ताकि निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। एआरटीओ को निर्देश दिये कि शहर में कोई भी वाहन बिना नम्बर का न हो, चाहे वो ई-रिक्शा हो या कोई अन्य वाहन। उन्हांेने बिजली विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभागांे को बकाया बिजली बिल भुगतान के लिए पत्रा लिखवाया जाये। लाईन लोस घटाया जाये और अवैध बिजली चोरी को रोका जाये। उन्होंने कहा कि विद्युत दुर्घटनाओं के क्लेम शीघ्रता के साथ भुगतान कराये जाये। जिलाधिकारी ने तहसीलदारों के द्वारा राजस्व वादों को मानकों के अनुरूप निस्तारण करने व आरसी को सख्ती से न वसूल करने पर भी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिये कि अपनी कोर्ट में नियमित बैठकर वादों की सुनवाई करें तथा पांच वर्ष से अधिक लम्बित राजस्व वादों में शीघ्र तिथि लगायें ताकि लम्बित प्रकरणों का निस्तारण शीघ्र किया जा सके। उन्होंने कहा कि नियमित कोर्ट में बैठने से वादों के निस्तारण में अवश्य कमी आयेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि एसडीएम व तहसीलदार वाद निस्तारण का स्वयं लक्ष्य निर्धारित करें। उसी अनुरूप वादों को निपटायें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिश्चन्द्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं कर करेत्तर से जुड़े सभी सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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