उपस्थिति शत-प्रतिशत करने को प्रतिमाह करें पीटीएमः डीएम

उपस्थिति शत-प्रतिशत करने को प्रतिमाह करें पीटीएमः डीएम

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि राज्य पोषण मिशन द्वारा सहयोगी विभागों के कन्वर्जेन्स से महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण की रोकथाम हेतु प्रयास किये जा रहे है। उन्होने कहा कि कुपोषण के निवारण के लिए 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं वजन सुनिश्चित करवाकर कुपोषित एवं अतिकुपोषित की श्रेणी के बच्चों को चिन्हांकित किया जाये। उन्होंने कहा कि बच्चो की सही संख्या का आंकलन कुपोषण की रोकथाम हेतु प्रभावी रणनीति का प्रथम चरण है।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां गांव चांदपुर में वजन दिवस का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वजन दिवस पर सभी बच्चांे का आवश्यक रूप से वजन लिया जाये और उनका सही चिन्हांकन किया जाये। वजन लिये जाने वाले बच्चांे का अंकन रजिस्टर में किया जाये तथा पोर्टल पर भी पफीडिंग की जाये। उन्होंने जीशान एवं बिल्लों का अपने सामने वजन कराया और उनका ग्रोथ चार्ट भी देखा। जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण को समाप्त करने के लिए बच्चें की आयु के अनुपात में उनका वजन, लम्बाई आदि का चिन्हांकन कर लिया जाये तथा एमओयू टेप की भी चिन्हाकन में मदद ली जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि अति कुपोषण बच्चों की पहचान हेतु दो चरणों में 0-5 वर्ष के 2 लाख 85 हजार बच्चों का वजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर ;विकास खण्ड/परियोजना जानसठ, पुरकाजी, सदर, चरथावल एवं मोरनाद्ध एवं 27 अक्टूबर ;विकास खण्ड/परियोजना बघरा, खतौली, बुढाना, शाहपुर एवं शहरद्ध को जनपद में वजन दिवस के रूप में एक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वजन दिवस के दिन प्रातः 8 बजे से आंगनवाडी केन्द्र पर लाये गये सभी बच्चों का वजन लेना सुनिश्चित किया जायेगा। इस अभियान में 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन लेते हुए बच्चों के पोषण स्तर का सही चिन्हांकन करना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि किन्ही अपरिहार्य कारणोवश यदि प्रथम एवं द्वितीय चरण में कुछ बच्चे छूट जायेंगे, तो उन्हें आच्छादित करने हेतु 30 अक्टूबर को एक अतिरिक्त वजन दिवस का आयोजन भी किया जायेगा। सभी बच्चों का वजन लेने की कार्यवाही 30 अक्टूबर तक पूर्ण की जायेगी।
जिलाधिकारी ने एएनएम मोनिका चौधरी को निर्देश दिये कि नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं को आयरन पफोलिक तथा कैल्शियम की 180-180 गोलियां दी जाये तथा बच्चों को सिरप आदि दिया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता कुपोषण को जड से समाप्त करना है, इसके लिए एएनएम बच्चों के अभिभावकों के साथ काउंसिलिंग करे और उसी के अनुसार उन्हें डाईट व पोषक तत्व दिये जाये। उन्होंने कहा कि अतिकुपोषित श्रेणी के बच्चों को एनआरसी संदर्भित किया जाये, जिससे वहां कुशल चिकित्सकों की देखरेख में बच्चा सामान्य की श्रेणी में आ सके। उन्होंने आंगनवाडी केन्द्रों पर मिड-डे-मील समय पर एवं गुणवत्तायुक्त दिये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत बच्चों को सोमवार को दिये जाने वाले मौसमी पफलों के बारे में भी निर्देश दिये कि ताजे पफल ही बच्चों को दिये जाये। गंाव चांदपुर में एक बच्चा अतिकुपोषित श्रेणी का है। बच्चे को सामान्य की श्रेणी में लाये जाने हेतु ग्राम प्रधान ने प्रतिदिन 500 ग्राम गाय का दूध निशुल्क उपलब्ध कराये जाने का आश्वासन जिलाधिकारी को दिया।
जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि ग्राम चांदपुर मेे 0-5 वर्ष के 318 बच्चें है। उन्होंने सभी बच्चों का वजन किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वजन दिवस तब तक संचालित रखा जाये, जब तक केन्द्र पर बच्चें आते रहे। ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि प्राथमिक विद्यालय नम्बर दो की कमरे की छत टूट गयी है। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधान ने बताया कि मिड-डे-मील की धनराशि भी समाप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त उच्च प्राथमिक विद्यालय में इन्वर्टर बैटरी की व्यवस्था कराये जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों को व्यवस्था कराये जाने के निर्देश दिये। विद्यालय में बिजली है और आंगनवाडी केन्द्र में भी पंखे आदि की व्यवस्था की गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि समस्त अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में कन्ट्रोल रूम ;0131-2621729द्ध स्थापित कराया गया है और उसके प्रभारी रकम सिंह प्रशासनिक अधिकारी बनाये गये है। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि वजन दिवस अभियान का सुचारू एवं सफल संचालन शासनादेश में दिये गये निर्देशों के अनुसार कराया जाये। उन्होंने कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाओं, आंगनवाडी कार्यकत्रियों के स्तर से कराते हुए समस्त आवश्यक कार्यवाही से सम्पादित किया जाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि वजन दिवस अभियान एक वृहद कार्य है, इसमें आईसीडीएस विभाग की प्रमुख भूमिका है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की पूर्ण सफलता हेतु सरकार के सभी विभागों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है।

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