अब दादी-नानी की भांति कहानी सुनाएंगे गुरुजी

अब दादी-नानी की भांति कहानी सुनाएंगे गुरुजी

मुजफ्फरनगर। छोटे बच्चों की अब पौबारह होने वाली है। अब वह केवल अवकाशों में ही नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई के दौरान भी एक से बढ़कर एक कहानियों का आनंद ले सकंेगे। यह कहानियांे उन्हें उनके दादा-दानी, नाना-नानी नहीं बल्कि उनके गुरू जी सुनाएंगे। जी हां, नाना-नानी व दादा-दादी की भांतिे कहानी सुनाने में प्राईमरी के गुरू जी भी पारंगत होंगे। शिक्षकों को कहानी सुनाने की परंपरा से जोड़ने के लिए पहली बार कहानी सुनाने की प्रतियोगिता कराई जा रही है। प्रतियोगिता दो चरणों में होगी और चयनित शिक्षकों की वीडियो एससीईआरटी की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। दरअसल बच्चों को कहानी सुनना बहुत अच्छा लगता है। लंबे समय से हमारे देश में कहानियां सुनाकर बच्चों को सम-सामयिक जानकारी देने और ज्ञान, संस्कार व आचरण के बीज रोपने की परंपरा रही है। कहानियां मनोरंजन का सुलभ एवं सबसे अच्छा साधन भी मानी जाती हैं। कहानियों से बच्चों में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों, एकाग्रता, समझ एवं कल्पना शक्ति का विकास होता है। साथ ही सुनी हुई कहानी को समझकर उसे अपने शब्दों में सुनाने का कौशल भी विकसित होता है। इस साधन को अत्यधिक प्रभावशाली बनाने एवं बढ़ावा देने के उद्देश्य से एससीईआरटी की ओर से कहानी सुनाने की प्रतियोगिता आयोजित करायी जा रही है। निदेशक एससीईआरटी डा. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी डायर्ट प्राचार्यों को इस संबंध में 12 अक्टूबर को पत्र भेजा था।
कहानी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों को तीन से पांच मिनट तक की कहानी सुनानी होगी। कहानी मनोरंजक, शिक्षाप्रद, परिवेश से जुड़ी, आरंभिक शिक्षा के बच्चों के स्तर की, कहानी की भाषा सरल एवं सभ्य, कहानी को सुनाने का तरीका रोचक एवं प्रभावी होगा। जिससे बच्चे कहानी को समझ सकें और उस पर पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर भी दे सकें और प्रश्न भी पूछ सकें। पहले चरण में डायट प्राचार्य खंड शिक्षाधिकारियों से 31 अक्टूबर तक इच्छुक शिक्षकों के नाम लेंगे। इन नामित शिक्षकों की कहानियों को सुनकर कहानी की विषयवस्तु, भाषा, सुनाने के तरीके के आधार पर स्क्रीनिंग की जाएगी तथा अधिकतम 10 शिक्षकों का चयन 10 नवंबर तक किया जाएगा। स्क्रीनिंग में चयनित शिक्षकों को कहानी सुनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जिला स्तर पर अंतिम चयन के लिए डायट की ओर से तीन सदस्यों का पैनल नामित किया जाएगा एवं चयनित शिक्षकों के नाम 17 नवंबर तक एससीईआरटी को उपलब्ध कराना है। कहानी का वीडियो, मोबाइल या कैमरे से बनाया जा सकता है। डायट से नामित शिक्षकों को दूसरे चरण में नवंबर के अंतिम सप्ताह में एससीईआरटी लखनऊ आमंत्रित किया जाएगा। संबंधित शिक्षकों को अपनी कहानी सुनाने के कौशल का प्रदर्शन करना होगा, जिसका मूल्यांकन चयन समिति करेगी। प्रत्येक मंडल से दो-दो श्रेष्ठ शिक्षकों को चुना जाएगा और पुरस्कृत किया जाएगा। इस प्रतियोगिता की वीडियो एससीईआरटी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। इसी विभागीय सूत्रों के द्वारा एक अच्छा कदम बताया जा रहा है। उनका कहना था कि छोटे बच्चे कहानियों के माध्यम से अच्छी प्रकार से जो उन्हें सिखाना चाह रहे हैं वह सीख सकंेगे। यह उनके लिए आम के आम व गुठलियों के दाम साबित होगा।

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