पशुपालन विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचायेः बघेल

पशुपालन विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचायेः बघेल

मुजफ्फरनगर। कैबिनेट मंत्री पशुधन उ0प्र0 सरकार एसपी सिंह बघेल ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अच्छी किस्म की गाय व भैंस रखकर एवं उन्नत किस्म के सीमेन से गर्भाधान कराकर जहां एक और उत्तम नस्ल की गाय भैंस की प्रजाति विकसित होगी, वहीं अधिक दूध की मात्रा भी बढेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा उनकी वित्तीय हालत में सुधार आयेगा। उन्होंने कहा कि समय-समय पर पशुपालन विभाग खुरपका व मुंहपका एवं गलाघोंटू जैसी बीमारियों केे टीके अभियान चलाकार लगवाये। उन्होंने कहा कि खुरपका एवं मुहपका से दुधारू पशुओं का दूध सूख जाता है, इसलिए किसानों में टीके लगवाने के लिए जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए पशु प्रसार केन्द्रों पर बैनर एवं होर्डिग आदि लगवाये जाये। कैबिनेट मंत्री पशुधन उ.प्र. सरकार एसपी सिंह बघेल आज यहां विकास भवन में उ.प्र. पशु प्रजनन नीति एवं खुरपका, मुंहपका रोग निवारण टीकाकरण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह प्रचार वाहन गांव-गांव जाकर पशु प्रजनन नीति एवं खुरपका, मुंहपका रोग निवारण के लिए प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोग जागरूक होंगे तो स्वतः अपने पशुओं को समय पर टीकाकरण करायेंगे और उन्हें सम्भावित बीमारियों से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दृश्य एवं श्रृव्य दोनों ही माध्यमों से पशुओें की बीमारियों से निजात दिलाने के लिए प्रचार-प्रसार किये जाने की नितान्त आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित लाभ के लिए दृढ संकल्प है। उन्होंने कहा कि कृषक हरियाणा, पंजाब एवं राजस्थान से उन्नत नस्ल के पशु क्रय करने के स्थान पर जनपद में ही उन्नत नस्ल के पशुओं की संस्तुति विकसित करें। उन्होंने कहा कि पुरानी नस्ल के पशु जहां कम दूध देते है और उनके रख रखाब पर उतनी ही व्यय आता है, जितना कि उन्नत नस्ल के पशु के रख रखाव पर आता है, इसलिए हमे आज जागरूक होने की जरूरत है। मंत्राी जी ने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही कम जोत वाले किसानों के लिए एक ऐसी योजना पर विचार कर रही है, जिसमें 6 पशुओं को यूनिट पर पशुपालन योजना श्ुारू की जा सके, जिससे लघु एवं सीमान्त किसान भी लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि पशु प्रबन्धन की नवीनतम जानकारी में दक्ष होकर किसान कम लागत में अधिक दूध का प्राप्त कर सकेगे। उनकी लागत कम होगी ओर आय अधिक होगी। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने उपस्थित पशु चिकित्साधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बडे गर्व की बात है कि आपको बेजुबान पशुओं की सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि इससे बडा पुण्य का कार्य नहीं हो सकता। पशु को क्या रोग हुआ है, वह बता भी नहीं सकता है, किन्तु चिकित्सक उसे देखकर ही उसके रोग की जानकारी कर लेते है और उसका बेहतर से बेहतर इलाज करके बीमारी से निजात दिलाते है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जनपद में ही उन्नत नस्ल के पशु विकसित किये जाये और यहां के पशुपालकों को हरियाणा, पंजाब व राजस्थान न जाना पडें, बल्कि हमारा यह प्रयास भी होगा कि यहां के पशुपालक ऐसे दुधारू व उन्नत नस्ल के पशु रखे, जिससे कि अन्य प्रदेशों के पशुपालक यहां खरीदारी करने आये। इस अवसर पर अपर निदेशक पशु चिकित्सा डा. नरेन्द्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. हरपाल सिंह, सहित पशु चिकित्साधिकारी व पशुधन प्रसार अधिकारी उपस्थित थे।

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