चोट पहुंचाने, सामान खुर्द-बुर्द करने का आरोप सरासर गलतः लीलाराम अग्रवाल

चोट पहुंचाने, सामान खुर्द-बुर्द करने का आरोप सरासर गलतः लीलाराम अग्रवाल

मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष लीलाराम अग्रवाल ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित अपनी पांच दुकानों के संबंध में बताते हुए कहा कि उक्त पांच दुकानों में से चार दुकानें नाजायज कब्जे पर है, जिसमें से तीन दुकानें कमलकान्त एडवोकेट के भाईयों सुरेन्द्र हलवाई, दिलीप सतीश होटल व सीताराम आदि पर है, जबकि एक दुकान हमारे कब्जे में ही है। लीलाराम अग्रवाल ने बताया कि कल जब वह वृन्दावन स्थित विजय कौशल जी महाराज के आश्रम में मुख्यमंत्राी योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम से लौटे, तो ज्ञात हुआ कि उक्त किरायेदार दुकान में फर्श कर निर्माण का अवैध कार्य कर रहे हैं, जब वह स्वयं वहां पहुंचे, तभी कानूनी रूप से पुलिस भी वहां से उपस्थित थी। अतः किसी भी प्रकार की कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई और उसके बाद दोनों पक्ष थाने आ गये थे। उन्होंने बताया कि कमलकान्त एडवोकेट निरन्तर कुछ समय से भाजपा विधायक की शह पर उन्हें परेशान कर रहा है और धमकी दे रहा है। उक्त जगह हमने विधिवत बैनामे द्वारा खरीदी है और उस पर भारतीय स्टेट बैंक का लोन भी है। हमारी मंशा जरा भी धोखाधडी की नहीं है। न्यायालय जो भी फैसला देगा, हमें सहर्ष मान्य होगा, परन्तु विधायकों की शह पर बदनाम किया जाना जरा भी सहन करने योग्य नहीं है। लीलाराम अग्रवाल ने बताया कि रेलवे स्टेशन के गेट के सामने वाली बिल्डिंग में पांच दुकानें जिनके हम तन्हा मालिक व काबिज हैं, जिनमें से एक दुकान छोडकर चार किराये पर है। विगत 5 अक्टूबर को वह परिवार सहित घूमने के लिये वृन्दावन गये थे, जब वह सात अक्टूबर को वापस लौटकर सीधे अपनी दुकान पर आकर रूके, तो वहां देखा कि कमलकान्त की दुकान नम्बर 147 पर पफर्श चिनाई का कार्य चल रहा था। दुकान का सारा सामान दुकान के सामने व्यवस्थित ढंग से रखा हुआ था। चिनाई देखकर हमने कमलकान्त के भाई सीताराम को पफोन करके बुलाया और पूछा कि चिनाई कार्य कौन चला रहा है, उसने कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में कमलकान्त को ही जानकारी होगी। इसके बाद कमलकान्त को मौके पर बुलाया गया और पिफर जानकारी की गई कि बिना उनकी अनुमति के चिनाई क्यों करायी जा रही है, तो वह आग-बबूला हो गया। उसने कहा कि वह 30 साल पुराने किरायेदार है, इसलिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद भी पफोन कर पुलिस को बुलाया गया, जब पुलिस मौके पर आ गयी, तो सारी बातें पुलिस को बताने पर पुलिस ने तहरीर देने की बात कही, जिसके बाद हम थाने चले गये। हमारे थाने जाते ही कमलकान्त ने सारा सामान अस्त-व्यस्त कर मीडिया को पफोन कर दिया और आरोप हमारे उफपर लगा दिया कि हमने सारा सामान खुर्द-बुर्द कर उनके साथ मारपीट की है। कमलकान्त के द्वारा यह आरोप कि हमने किसी को चोट पहुंचाई है और सामान खुर्द-बुर्द किया है, वह सरासर गलत है।

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