छेडछाड को लेकर दो पक्षों में पथराव-मारपीट...रतनपुरी क्षेत्र के गांव भूपखेडी में दलित युवती से छेडखानी के बाद हुआ जातीय संघर्ष

खतौली। रतनपुरी थाना क्षेत्रा के गांव भूपखेडी में दलित युवती के साथ छेड़खानी के विवाद में दलित व ठाकुर पक्ष के बीच हुए पथराव और मारपीट में एक दर्जन लोग घायल हो गये। पथराव के दौरान गांव के चौराहे पर लगी अम्बेडकर मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने से गांव में जातीय तनाव व्याप्त हो गया। दलित समाज ने आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग कर जमकर हंगामा किया। आसपास कई थानों की पुलिस ने गांव में पहुंच कर स्थिति पर नियन्त्रण किया। एडीएम प्रशासन हरीशचन्द के आश्वासन पर गुस्साये दलित शान्त हुए। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड हेतु कई घरों पर दबिश दी, किन्तु आरोपी हत्त्थे नहीं चढे। आरोप है कि पुलिस की शिथिलता का चलते मामला तूल पकड़ा। जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार को संत समनदास के जन्मदिन अवसर पर दलित समाज ने धार्मिक झांकियों के साथ गांव में शोभायात्रा निकाली थी। रात्रि में संत रविदास आश्रम में सत्संग का आयोजन किया गया था। आरोप है कि ठाकुर समाज के युवकों ने सत्संग में आकर दलित समाज की युवती के साथ छेड़खानी की तथा विरोध करने पर दलित समाज के युवकों के साथ मारपीट की। इससे आक्रोशित दलित समाज ने रात्रि में ही 100 डायल के अलावा रतनपुरी पुलिस को सूचना देकर गांव में बुलवा लिया था। चर्चा है कि रतनपुरी पुलिस छेड़खानी करने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर थाने भी ले आयी थी, जिसे देर रात को एक नेता की सिफारिश पर छोड़ दिया गया। बताया गया कि बुधवार प्रातः दिशा शौच हेतु जंगल गये दलित समाज के तीन युवकों को ठाकुर पक्ष के युवकों ने गांव के बाहर रोककर उनके साथ मारपीट की। दलित युवकांे द्वारा गांव पहुंचकर पिटाई किये जाने की बात बताने पर दलित समाज में आक्रोश फैल गया तथा बड़ी संख्या में दलित अम्बेडकर चौराहे पर एकत्रित हो गये। इस दौरान दलित व ठाकुर पक्ष के लोगों में आरोप प्रत्यारोप के बाद मारपीट हो गयी। बताया गया कि दोनों पक्षों में जमकर पथराव होने के अलावा खूब लाठी-डंडे व तबल चले। गांव में जातीय संघर्ष होने की सूचना से पुलिस महकमे में हडकम्प मच गया। आनन-फानन रतनपुरी पुलिस के अलावा बुढ़ाना, शाहपुर, खतौली, मंसूरपुर पुलिस ने गांव पहुंचकर झगड़ा कर रहे दोनों पक्षों को लाठियां फटकार मौके से खदेड कर स्थिति पर काबू पाया। पथराव में चौराहे पर लगी अम्बेडकर मूर्ति के हाथ का अंगूठा क्षतिग्रस्त होने की खबर लगते ही दलित समाज में और आक्रोश फैल गया तथा दलित समाज ने चौराहे पर एकत्रित होकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम कन्हैई सिंह व सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव ने गुस्साये दलितों को समझा-बुझाकर शान्त कराने का प्रयास किया, किन्तु दलित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में जातीय संघर्ष की सूचना पर गांव पहुंचे एडीएम प्रशासन हरीशचन्द द्वारा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिये जाने पर ही गुस्साये दलित समाज के लोग शान्त हुए। जातीय संघर्ष में दलित पक्ष के संतोष पुत्र रतिया, प्रकाश पुत्र संतोष, अवनीश पुत्र नत्थन गंभीर तथा सोमपाल, रतिया, राहुल, संतराम, बुद्धन, ओमी, लीलू, राजपाल तथा ठाकुर पक्ष के युवक आकाश पुत्र अशोक, विशाल पुत्र मुकेश, सन्नू पुत्र पवन मामूली रूप से घायल हो गये। पुलिस ने सभी घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से गम्भीर घायलों संतोष, प्रकाश व अवनीश को जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु कई घरों पर दबिश दी, किन्तु कोई हत्ते नहीं चढ़ा। आरोप है कि रतनपुरी पुलिस की लापरवाही से मामला बिगड़ा है। पुलिस रात्रि में ही दलित युवती के साथ छेड़खानी करने वाले युवकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही अमल में लाती, तो प्रातःकाल गांव में जातीय संघर्ष होने की नौबत न आती। गांव में जातीय तनाव के चलते भारी पुलिस फोर्स की तैनाती कर आला पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे है।

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