लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली करें विभागः एडीएम-एफ

लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली करें विभागः एडीएम-एफ

मुजफ्फरनगर। अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह ने आज कलैक्ट्रेट सभागार में राजस्व वसूली व कर करेत्तर की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये कि जो अधिकारी अपने विभागों के निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत वसूली नहीं करेंगे, उनके विरूद्ध कडी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी राजस्व वसूली में शिथिलता न बरते एवं प्रवर्तन कार्य में तेजी लाये। उन्होंने समस्त तहसीलदारों को निर्देश दिये कि अपनी तहसील के बडे बकायेदारों से वसूली करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अन्य राजस्व विभागों को भी प्रर्वतन कार्याे में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वसूली में बढोत्तरी होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान भू-राजस्व की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी ने पाया कि माह अगस्त के लक्ष्य 24.66 लाख के सापेक्ष माह मंे 7.74 लाख की राजस्व प्राप्ति की गयी, जो लक्ष्य का 31.39 प्रतिशत है। स्टाम्प पंजीकरण शुल्क में माह अगस्त के लक्ष्य 1504.00 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 1184.72 लाख की वसूली की गयी, जो लक्ष्य का 78.77 प्रतिशत रहा। एआईजी स्टाम्प ने बताया कि इस माह अच्छी वसूली की सम्भावना है। इसी प्रकार राज्य आबकारी शुल्क में 2004.00 लाख के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 1604.00 लाख रूपये की उपलब्धि रही, जो लक्ष्य का 80.07 प्रतिशत रहा। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि एसडीएम एवं तहसीलदार शाम के समय यह भी देखे कि कही ओवर रेटिंग की वसूली तो नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि आबकारी निरीक्षक उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर दुकानों की चैकिंग करें। वाहन, माल व यात्राीकर मेें 395.74 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 521.91 लाख को राजस्व प्राप्त हुआ, जो लक्ष्य का 131.88 प्रतिशत है। विद्युतकर तथा शुल्क में 12239.00 लाख के लक्ष्य के विरू( 7131.00 के राजस्व की प्राप्ति हुई, जो लक्ष्य का 58.26 प्रतिशत रहा। अपर जिलाधिकारी ने तहसीलदारों को निर्देश दिये कि विद्युत विभाग की पेंडिंग आरसी वसूली में तेजी लायी जाये। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की जो बडी आरसी है, उनकी वसूली में कोताही न बरती जाये। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी वसूली व रिकवरी के लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं करेंगे, उनके विरू( कडी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो अमीन वसूली में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं, उनके विरूद्ध भी कडी कार्यवाही की जायेगी। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वसूली के लिए नई रणनीति बनायें, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। अपर जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देश दिये कि डग्गामार वाहन किसी भी हालत में न चलने पाये। उन्होंने कहा कि एआरटीओ प्रवर्तन स्कूल वाहनों की भी चैंकिंग करे कि वे मानकों के अनुरूप चले और उनकी फिटनेस एवं ड्राईविंग लाईसेंस आदि हो और बच्चों की संख्या मानकों के अनुरूप ही रखी जाये। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहन अवैध गैस किट से न चलाये, इसकी भी जांच करा ली जाये। उन्होंने बिजली विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद की अवैध रूप से चोरी हो रही बिजली को रोका जाये तथा बिजली चोरी के खिलापफ कार्यवाही की जाये। उन्होंने विद्युत लाईन के जर्जर एवं लूज तारों को भी ठीक कराये जाने के भी निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने विद्युत लाईन से हुई जन हानि एवं पफसल हानि के मुआवजा प्रकरण भी तेजी के साथ निस्तारित किये जाने के निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी ने तहसीलदारों के द्वारा राजस्व वादों को मानकों के अनुरूप तेजी के साथ निस्तारित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पुराने वादों को तेजी के साथ निस्तारित करें। उन्होंने लम्बित आरसी की वसूली में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी एसडीएम व तहसीलदार प्रतिदिन कोर्ट में अवश्य बैठे तथा राजस्व वादों सुनवाई करें। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिये कि अपनी कोर्ट में नियमित बैठकर वादों की सुनवाई करें तथा सर्वाधिक पुराने वादों के निस्तारण में तेजी लायी जाये। उन्हांेने कहा कि पुराने वादों को वरीयता देते हुए केस निपटायें, इससे जनता में भी विश्वास की भावना जागृत होगी। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों गुणवत्ता को दृष्टिगत रखते हुए निस्तारित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिशचन्द्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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