दीप जले घर-घर, अवधपुरी के धाम, दीपमाला तब से बनी, मिले भरत को राम

मुजफ्फरनगर। दीपों का पर्व व सुख, समृद्धि, शांति, सौहार्द को देने वाला दीपावली का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर पूरा नगर रंग-बिरंगी रोशनियों में नहाया हुआ नजर आया। इस मौके पर जमकर आतिशबाजियों का खेल खेला गया। साथ ही पटाखे भी खूब फोड़े गये, भले ही सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इन पर रोक लगायी गयी हो। दीवाली के मौके पर घर-घर में दीपकों की रोशनी की गयी तथा इसके साथ ही घर-घर में मिठाई का भी वितरण किया गया।

इस बार यह त्योहार इसलिए खास रहा कि चाहे वह पुलिस ही क्यों न हो, गरीब के घर पर भी इस त्योहार को उनके द्वारा पहुंचाया दीयों के रूप में। दीवाली के मौके पर नगर सहित जनभद भर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश एक प्रकार से बेमायने नजर आये। नगर सहित पूर जनपदभर में जमकर पटाखे फोड़े गए. जमकर हुई आतिशबाजी से धुएं के गुब्बार और धुंध में जनपद सिमट गया। प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद नगर में कई जगहों पर जमकर आतिशबाजी हुई और वह तमाम पटाखे भरपूर दागे गए, जो शहर की फिजाओं में बारूदी जहर घोलते हैं।

दीपावली का पर्व नगर में श्रद्धा, उत्साह, उमंग व उत्साह के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पूरे दिन लोग बाजारों में खरीदारी में लगे रहे। शाम के समय पूजा किया गया। उसके उपरांत अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के यहां पर मिठाई व उपहार आदि को पहुंचाने का क्रम जारी हुआ। जो कि काफी समय तक जारी रहा। उसके उपरांत लायी गयी रंगबिरंगी झालरों को लगाया गया। साथ ही मिट्टी के दीयों को भी रोशन किया गया। फिर दौर शुरू हुआ पटाखों को फोडऩे का। बच्चों व महिलाओं के द्वारा धमाके करने वाले पटाखों से परहेज किया गया। उनके द्वारा फुलझडियों व चक्री का प्रयोग किया गया। इस बार भी एनसीआर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर बैन के बावजूद प्रदूषण का स्तर कम होता दिखाई नहीं दिया। दीवाली की रात के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से 12 गुना तक ज्यादा हो चुका था। जनपद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 पर जा पहुंचा। कोर्ट की ओर से रात्रि आठ बजे से लेकर दस बजे तक केवल दो घंटे का समय पटाखे चलाने के लिए दिया गया था, लेकिन पटाखों का शोर रात्रि दो बजे तक भी सुनाई देता रहा। कुल मिलाकर हवा में जहर जमकर घोला गया।

गांधी कालोनी, नई मंडी, अग्रसैन विहार, लक्ष्मण विहार, कृष्णापुरी, आदर्श कालोनी, सुभाषनगर, बचन सिंह कालोनी, शांतिनगर, मोतीमहल जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा पहुंच गया। ये आंकड़े रात करीब 10.00 बजे तक के हैं।

पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जारी आदेश के चलते प्रशासन पूरी तरह आदेश के अनुपालन में लगा रहा, लेकिन यहां पर तो आदेश के आते ही उसके तोड़ को निकाल लिया गया। एक ओर प्रशासन के द्वारा जहां कड़ी कार्यवाही करते हुए कुछ पटाखा बेचने वालों के गोदाम तक सीज कर दिये गये हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ छुटभैया दुकानदारों के द्वारा इसका तोड़ भी निकालते हुए पिछले दरवाजे से पटाखों की बिक्री कर दी गयी। इतना ही नहीं बल्कि होम डिलीवरी तक की गयी, ताकि प्रशासन की पकड़ से बचा जाए। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्या करें कर्ज पर पैसे लेकर सामान को लाया गया है। यदि नहीं बेचेंगे, तो कर्ज के पैसे को कैसे उतारेंगे। उनका कहना था कि वह किसी भी अनजान को पटाखे नहीं दे रहे हैं। जानने वाले को ही दे रहे हैं। दीवाली के मौके पर इस बार चाइनीज सामानों के बहिष्कार के चलते माटी के फनकार की भी मौज रही। उसके बनाये गये दीपक घर-घर पर रोशन हुए, साथ ही मिष्ठान भी जमकर वितरण किया गया।

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