मुज़फ्फरनगर -बस की छत,खिड़कियों पर लटक कर सफर, नहीं पड़ती किसी की नजर

मुज़फ्फरनगर -बस की छत,खिड़कियों पर लटक कर सफर, नहीं पड़ती किसी की नजर


मुज़फ्फरनगर। नियम और कानून को ताक पर रखकर चलाई जा रही हैं निजी बसें। प्राइवेट बसों में सवारियां बस की छतों पर बैठाकर बिना किसी रोक टोक के चरथावल-थानाभवन मार्ग पर चल रही हैं। प्राइवेट बस संचालकों द्वारा पैसा अधिक कमाने के लालच में सवारियों को बस के अंदर तो ठूंसा ही जाता है उसके अलावा बस के छत पर भी सवारियां बैठाकर ले जाया जाता है।बच्चों को बस की छतों पर बैठाकर व खिड़कियों पर लटकाकर कर रहे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

पुलिस प्रशासन के द्वारा चलाये जा रहे अभियान का बस ऑपरेटर में खौफ़ नही है। पुलिस प्रशासन या बस ऑपरेटर कहीं कोई बड़ी दुर्घटनाओं का इन्तजार तो नहीं कर रहा है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना होगा । मोटर एक्ट का नया कानून लागू होने के बाद भी इस तरह सवारियों को भरकर ले जाना परिवहन व पुलिस विभाग की मिलीभगत का सबूत है।

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