Read latest updates about "धर्म" - Page 4

  • होली के दिन डलमऊ के लोग मनाते हैं शोक

    रायबरेली। होली उल्लास और खुशी का पर्व है और जब इस दिन सभी रंग में सराबोर होकर जश्न मनाते हैं तो जनपद में हजारों लोग ऐसे भी होते हैं जो इस दिन गमगीन रहते हैं। उनके लिए ये तीन दिन बेहद शोक के होते हैं। सदियों से चली आ रही इस परम्परा के पीछे कई ऐतिहासिक तथ्य और मान्यताएं हैं, जिनका लोग अभी भी पालन कर...

  • होलिका दहन के अगले दिन बुंदेलखंड में रहता है शोक

    -वीरांगना लक्ष्मीबाई के पति गंगाधर की मौत पर बुंदेलखंड में परवा को नहीं होती होली -कुछ युवा लोग परवा को खेलते हैं धुरेड़ी, कीचड और कपड़ा फाड़ होली उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में वीरांगना लक्ष्मीबाई के पति गंगाधर की होलिका दहन के अगले दिन मौत होने के शोक में बुन्देलखण्ड के सभी जिलों...

  • परम्पराः होली में सैकड़ों सालों से पढ़ा जाता है हिन्दू पंचांग

    -रामजानकी मंदिर के बाहर गांव के सभी लोगों के बीच ग्रामीणों को सुनाया जाता है हिन्दू पंचांग -सैकड़ों साल पुरानी परम्परा से क्षेत्र में मजबूत है सामाजिक एकता हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में ग्राम कुण्डौरा में एक दिन सिर्फ महिलाओं द्वारा होली खेलने की परम्परा तो कायम है ही इसके साथ-साथ इस...

  • होलिका दहन की रात को करें इस मंत्र का जाप, नहीं होगी पूरे साल धन की कमी

    हिंदू धर्म में होली के त्योहार को विशेष महत्व दिया जाता है, इस बार 20 और 21 मार्च को होली मनाई जाएगी। 20 मार्च को होलिका दहन होगा और 21 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। होलिका दहन के दिन घरों में पूजा तो की ही जाती है इसके साथ ही अगर होली की रात को एक खास मंत्र का जाप किया जाए तो इससे माता...

  • कुछ जगहों पर रंग-गुलाल के बजाय होलिका की राख से लोग खेलते हैं होली

    होली का त्योहार जीवन में उमंग और खुशियां लेकर आता है, ये वो त्योहार होता है जब सभी गिले - शिकवे दूर कर एक-दूसरे के गले लगते हैं। जहां पूरे ​देश में लोग रंग और गुलाल से लोग होली खेलते हैं वहीं कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां पर गुलाल के बजाय राख से होली खेली जाती है। राख से होली खेलने के पीछे...

  • मिट्टी से बनी इन चीजों को घर में रखना माना जाता है शुभ

    आज के समय में प्लास्टिक का चलन बढ़ गया है और मिट्टी के सामान पीछे छूटते जा रहे हैं। जहां पहले खाना बनाने से लेकर खाने तक में मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल होता था वहीं अब इसकी जगह प्लास्टिक और स्टील के बर्तनों ने ले ली है। आपको बता दें कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाना और खाना स्वास्थ्य के लिए...

  • गोलीबारी में बाल-बाल बची बंगलादेशी क्रिकेट टीम

    वेलिंगटन। न्यूजीलैंड में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में शुक्रवार सुबह गोलीबारी में बंगलादेशी क्रिकेट टीम के सदस्य बाल-बाल बच गये। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। स्थानीय मीडिया के अनुसार बंगलादेश की टीम मस्जिद में प्रवेश करने वाली थी तभी उसमें हमला हो गया। इस हादसे के...

  • अध्यात्म: ईश्वर दर्शन

    एक बहुत पहुंचे हुए महात्मा थे। वृद्ध थे। हंस के समान सफेद दाढ़ी और सफेद जटायें। शान्त स्वभाव। अधिकतर समय भक्ति में ही लीन रहते थे। काम, क्रोध, लोभ और अहंकार उनसे बहुत परे थे। नगर के बाहर जंगल में उनकी एक छोटी सी कुटिया थी। माह में एक दिन भिक्षा के लिये जाते थे। एक बार, एक भक्त यह सोचकर कि महात्मा...

  • घर में लगाएं ये पौधे, हर इच्छा होगी पूरी

    लोग अपने घर मे तरह - तरह के पेड़ - पौधे लगाते हैं, पौधों को सकारात्मक ऊर्जा का संचारक माना जाता है और इन्हें लगाने से घर का वास्तु सही रहता है। कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो व्यक्ति की मनोकामना पूर्ति में सहायक होते हैं और इसी वजह से व्यक्ति को अपनी मनोकामना को ध्यान में रखकर इन पौधों को घर में लगाना...

  • परम्पराः होली के दिन होली के दूल्हे की निकलेगी बारात

    -घर-घर महिलायें दूल्हे का करेगी टीका -गांव के सभी मंदिरों में भी दूल्हा टेकेगा माथा -इस अनोखी परम्परा देखने को उमड़ेगी भीड़ उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में रंगों के पर्व को लेकर होली के दूल्हे की बारात बैण्डबाजे के साथ धूमधाम से निकाली जायेगी। सैकड़ों साल पुरानी परम्परा को देखने के लिये पूरा...

  • होली 2019 : 14 मार्च से लग रहे हैं होलाष्टक, भद्रा होने से होलिका दहन के लिए ये समय रहेगा शुभ

    फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली का त्योहार मनाया जाता है। होली से सभी के जीवन में खुशियों का संचार होता है, ये वो त्योहार होता है जब लोग सारे गिले शिकवे भूलकर एक - दूसरे के गले लगते हैं। होली का त्योहार दो दिन का होता है, पहले दिन होलिका दहन किया जाता है और दूसरे दिन रंगों की होली खेली जाती...

  • खाटूश्यामजी में श्रीश्याम बाबा के दस दिवसीय वार्षिक फाल्गुन मेले में श्याम भक्तों का हुजूम उमड़ा

    राजस्थान में सीकर जिले के खाटूश्यामजी में श्रीश्याम बाबा के दस दिवसीय वार्षिक फाल्गुन मेले में श्याम भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। बाबा श्याम का दीदार करने के लिए श्याम भक्त नाचते गाते रंग बिरंगे निशान लेकर बाबा के दर पर पहुंच रहे है। श्याम बाबा की जय, शीश के दानी की जय, खाटू नरेश की जय, लखदातार...

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