Read latest updates about "धर्म" - Page 1

  • कुंवारों के लिए बड़े काम का है ये फूल, मिलता है मनचाहा जीवनसाथी

    फूल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जिस घर में रंग-बिरंगे फूल लगे होते हैं उस घर से नकारात्मकता दूर रहती है। इसी के साथ घर में इन रंग-बिरंगे फूलों को देखकर मन में भी प्रसन्नता रहती है। फूल खुशहाली का तो प्रतीक होते ही हैं इसके साथ ही एक फूल को फेंगशुई में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता...

  • तीर्थों में सर्वश्रेष्ठ है बदरीनाथ धाम

    तीर्थ भारतीय जातीयता और भारतीय व्यापक अखंडता के दिव्य प्रतीक हैं। ये तीर्थ वस्तुत: भारतीय जातीयता सांस्कृतिक अखंडता और तीर्थयात्रियों की स्वर्णिम समन्वय माला के मनके हैं। हमारे पूर्वजों ने इस देश में महत्त्वपूर्ण तीर्थो की स्थापना एक ही जगह न करके देश के चारों कोनों पर की है ताकि एक प्रान्त के...

  • इन उपायों को अपनाकर व्यक्ति बन सकता है करोड़पति

    धनवान बनने के लिए धन कमाने के साथ ही धन बचाना भी जरूरी है। अगर घर में किसी प्रकार का वास्तुदोष हो तो भी धन संचय नहीं हो पाता है। वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसे उपाए बताए गए हैं जिन्हें आजमाकर आप धन का संचय तो कर ही सकते हैं, इसके साथ ही अगर सही तरीके से ये उपाय किए जाएं तो व्यक्ति जल्दी ही करोड़पति बन...

  • तो इसलिए रखा जाता है एकाक्षी नारियल को व्यापारिक स्थल पर

    अगर आपको लगता है कि आप पूरी मेहनत से काम करते हैं फिर भी व्यापार में अनुकूल सफलता नहीं मिल रही है तो इसका कारण ग्रहों का विपरीत प्रभाव हो सकता है। ऐसे में आप व्यवसाय में उन्नति के लिए रविवार के दिन कुछ उपायों को अपनाएं । इन उपायों को करने से व्यवसाय में आ रही बाधाऐं दूर होंगी और आपको अपने कार्यों...

  • हमीरपुरः धराशायी होने लगे बारहवीं सदी के मठ-मंदिर

    -ग्रेनाइट और चूना मिश्रित प्लास्टर से बना था चंदेल मंदिर -उपेक्षा के कारण मंदिर के कई हिस्से हो गये धराशायी उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बारहवीं सदी में बने चंदेली मठ-मंदिरों के धराशायी होने का सिलसिला अब शुरू हो गया है। हालांकि यहां कई ऐतिहासिक धरोहर पुरातत्व विभाग के मानचित्र पर आ...

  • पति हाथ पाँव छिलवाकर और एक..

    😂😂😂😂 पति हाथ पाँव छिलवाकर और एक आंख सुजवाकर घर आया… 😏 पत्नी ने घबराकर पति से पूछा : क्या हुआ ???😌 पति : कुछ नहीं, एक औरत स्कूटी से टक्कर मार के निकल गई 😏😏 पत्नी : – तो उसके स्कूटर का नंबर नोट किया, कौन थी ?? कुछ तो याद होगा 😦 पति : – नहीं, दर्द के कारण स्कूटर का रंग और नंबर तो नहीं देख...

  • जानिए ! कैसे बना एक चूहा भगवान गणेश का वाहन

    चूहा भगवान गणेश का वाहन है, गणपति हमेशा चूहे पर विराजमान रहते हैं। क्या आप जानते हैं कि कैसे भगवान गणेश ने चूहे को अपना वाहन बनाया। उन्होंने अपने वाहन के रूप में चूहे को ही क्यों चुना। शास्त्रों में एक कथा में इसका वर्णन किया गया है। आइए आपको बताते हैं इस कथा के बारे में..... चूहा कैसे बना...

  • प्रेमियों को एक दूसरे से मिलाते हैं इश्किया गजानंद, रिश्ते की मनोकामना लेकर पहुंचते हैं युवा

    जोधपुर । देश के कई मंदिर अपनी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। मनोकामनाएं पूरी करने के लिए लोग बड़ी श्रद्धा के साथ इन मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते हैं। जोधपुर में भी एक ऐसा ही मंदिर है इश्किया गजानंद मंदिर। जूनी मंडी स्थित इस मंदिर में युवा अपने रिश्ते की मनोकामना लिए गजानंद भगवान के दर्शन करने...

  • इन कारणों से राम को रहना पड़ा चौदह वर्षों तक वन में

    भगवान राम को चौदह वर्षों तक वन में रहना पड़ा। इसका मुख्य कारण कैकेयी की जिद को माना जाता है। लेकिन यह मात्र एक कारण है। इसके अलावा भी कई कारण हैं जिनके कारण राम को वनवास हुआ। कैकेयी ने हमेशा राम को अपने पुत्र भरत के समान ही प्रेम किया। कभी भी कैकेयी ने राम के साथ कोई भेद भाव नहीं किया।...

  • गणेश चतुर्दशी पर गणपति जी की अनुकम्पा प्राप्त करने के लिए उनके चरित्र को अपनाएं

    हिन्दू धर्म में बाबा गणपति का अपना एक विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति जी की अराधना के बिना किसी भी ईष्ट की पूजा सार्थक नहीं मानी जाती। किसी भी शुभ कार्यो को करने से पहले गणपति जी का ध्यान-आराधना करके ही उसे सम्पूर्ण किया जाता है। ये भारतीय देव परंपरा में सबसे विलक्षण देवता है।...

  • इन चीजों के बिना अधूरी है गणपति की पूजा

    गणेश चतुर्थी के दिन व्रत करने से विघ्न हर्ता भगवान गणेश भक्त के सभी कष्ट हर लेते हैं। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। गणेश पूजा में अगर कुछ खास चीजों को शामिल किया जाए तो इससे गजानन जल्द ही प्रसन्न होते हैं। ये माना जाता है कि ये चीजें भगवान गणेश को बहुत प्रिय हैं और जो भक्त गणेश...

  • तीर्थ स्थल: आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है देवघर

    यूँ तो पूरा भारत ही आस्था, श्रद्धा और विश्वास का एक मुख्य केंद्र है। यहाँ मंदिरों,मस्जिदों,गुरुद्वारों और गिरजाघरों के ऐतिहासिक भवन व स्थल हैं जहाँ साल भर सैलानियों और श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहता है। इसी क्रम में अगर देवघर का नाम लिया जाये तो अनायास ही मन श्रद्धा एवं भक्तिभाव से भर जाता है। ...

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