Read latest updates about "धर्म-दर्शन" - Page 2

  • दैनिक जीवन में मुहूर्त का महत्व

    दैनिक जीवन में मुहूर्त का महत्व मुहूर्त का अध्ययन उन प्रभावों का ही अध्ययन है जो किसी क्षण विशेष में किसी कार्य विशेष को करने की योग्यता-अयोग्यता का निर्णय तथा उसके पश्चात् व्यक्ति विशेष के लिए उस क्षण की अनुकूलता और प्रतिकूलता का निर्णय करता है। यह समय की विभिन्न स्थितियों का अध्ययन है।...

  • महाराष्ट का मुख्यमंत्री कौन बनेगा ? क्या कहते हैं ग्रह

    ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री 8178677715, 9811598848 वर्तमान में कश्मीर राज्य से धारा 370 हटाने का मामला न्यूज चैनलों की चर्चा से बाहर होता जा रहा है। हर अखबार, हर न्यूज चैनल और हर व्यक्ति की जुबां पर सिर्फ सिर्फ हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली...

  • पर्यटन: कोणार्क का सूर्य मंदिर

    सूर्य रथ के रूप में निर्मित उड़ीसा के सागर तट के समीप स्थित कोणार्क मंदिर भारतीय संस्कृति, स्थापत्य कला तथा आस्था का बेजोड़ प्रतीक है। विश्व धरोधर के रूप में प्रतिष्ठित कोणार्क अपने कलात्मक सौंदर्य और विशालता के कारण एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन केंद्र केे रूप में विकसित हो चुका है। बारहवीं सदी के दौरान...

  • विघ्नहर्ता गणेश जी को राशि मंत्रों से करें प्रसन्न

    बुद्धि के देवता गणेश जी को प्रसन्न करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। कोई भी धार्मिक कार्य पूजा-पाठ इनकी पूजा के बिना संपन्न नहीं होता। अपनी राशि को ध्यान में रखते हुए, आप गणॆश मंत्रों से प्रसन्न करें तो आपको जीवन भर गणेश जी के चमत्कारों का अनुभव मिलता रहेगा। असंभव से असंभव कार्य संभव...

  • पर्यटन/धर्मस्थल: मां शाकम्भरी, जिन्होंने एक सहस्र वर्ष तप किया

    सम्पूर्ण भारतवर्ष में प्रसिद्ध मां शाकम्भरी देवी शक्तिपीठ ऐसा शक्तिपीठ है जिसके बारे में यह मान्यता है कि इस स्थान पर रहकर देवी ने एक सहस्र वर्षों तक हर माह के अंत में एक बार शाकाहार करते हुए घोर तप किया था। इस तीर्थ की स्थापना महाभारतकाल से पूर्व की मानी जाती है। जनपद सहारनपुर जिला मुख्यालय से 40...

  • आध्यात्मिक माला रहस्य का महत्व

    माला के धारण करने से हृदय चक्र (अनाहत चक्र) सक्रिय रहता है जिससे मन शांत रहता है, आत्मविश्वास बना रहता है और मानव मस्तिष्कि में सकारात्मक विचार आते हैं। माला का निर्माण अनेक कार्यो के लिए किया जाता है जैसे : आभूषण की तरह पहनने के लिए, सजावट के लिए व जप के लिए। जप एवं...

  • रत्न कब शुभ और कब अशुभ

    रत्नों धारण कर हम अपने जीवन की अनेक समस्याओं को दूर कर सकते है। जिस प्रकार मंत्र जाप में शक्ति होती है, ठीक इसी प्रकार रत्न जीवन की दिशा और दशा दोनों को बेहतर कर सकते है। पौराणिक काल में समुद्र मंथन के समय में अमृत के साथ, १४ रत्न और नवनिधियां प्राप्त हुई थी। यही वजह है कि रत्न अपना विशेष महत्व...

  • सूर्य, बुध और राहु / केतु की युति - करियर सफल, वैवाहिक जीवन असफल

    सूर्य और बुध जब कुंडली में एक साथ हों तो बुधादित्य योग का निर्माण करते हैं। बुधादित्य योग सूर्य और बुध की युति से बनने वाला एक शुभ योग है। इस योग के फल बहुत ही अच्छे मिलते है। बुध बुद्धि का स्वामी है तो सूर्य प्रतिष्ठा और तेजस्विता का। जब सूर्य-बुध एक साथ हो जाते तब इन दोनों ग्रहो की शक्ति कई...

  • भविष्य की गोद में क्या छिपा है..

    जब हम ज्योतिष शब्द सुनते हैं तो सबसे पहले हमारे दिमाग में एक सवाल उठता है कि ज्योतिष क्या है? मानव का स्वभाव ही कुछ ऐसा है कि वह जानना चाहता है। क्यों ? कैसे ? और क्या? सब सवालों का जवाब जानने पर व्यक्ति की उत्कंठा शांत होती है। ज्योतिष एक शक्तिशाली, आकर्षक, भविष्यसूचक विषय है जो कि अविश्वसनीय...

  • उपाय कितने दिन करने चाहिए? मनोकामना पूर्ति कब होगी?

    उपाय की अवधि अधिकतर उपायों की अवधि 40 दिन की होती है प्रत्येक प्रकार की पूजा 40 से 43 दिन में शुभ परिणाम देना शुरु कर देती है। इसलिए धार्मिक कृत्यों को लगातार 43 दिनों तक किए जाने की परम्परा है और यदि समस्या अधिक गंभीर हो तो इन कर्म कांडों का एक सुविधा जनक अंतराल के बाद पुनरावर्तन किया जाना चाहिए।...

  • गोवर्धन पूजा के दिन लगता है अन्नकूट का प्रसाद

    गोवर्धन पूजा अथवा अन्नकूट हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। दीपावली के दूसरे दिन सायंकाल गोवर्धन पूजा का विशेष आयोजन होता है। लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस त्यौहार का भारतीय लोकजीवन में काफी महत्त्व है। इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है। इस पर्व की अपनी...

  • दीपावली/जानकारी: पटाखों का बारूद कहां से आया?

    खुशियों और उमंगों से भरा आलोक पर्व दीपावली हर वर्ष धूम-धाम से मनाया जाता है। इस पर्व में लक्ष्मी जी के पूजन के साथ अतिशबाजी छोडऩे का भी विशेष महत्त्व है। बड़े-छोटे हर कोई इसका आनंद उठाते हैं। फुलझड़ी, अनार, बम, चरखी, मशाल आदि रंग बिखेरने के साथ-साथ आवाज भी करते हैं। इस सब रोशनी, आवाज और धुएं के...

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