तो मंदिर जाने के पहले इसलिए बजाते हैं घंटी...!

तो मंदिर जाने के पहले इसलिए बजाते हैं घंटी...!

हिंदू धर्म में बहुत सारे ऐसे काम हैं जिन्‍हें व्‍यक्ति करता रहता है लेकिन उसके पीछे के कारणों के बारे में नहीं जानता। आज हम आपको ऐसी ही एक बात बताने जा रहे हैं। आप जब भी मंदिर जाते हैं तो वहां आपको घंटी की ध्‍वनियां तो सुनाई ही देती होंगी और इसके साथ ही दर्शन के समय आप भी उन्‍हें बजाकर भगवान का आर्शीवाद प्राप्‍त कर करते हैं। लेकिन क्‍या कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्‍यों किया जाता है और इसके करने से क्‍या लाभ होता है।
मंदिर में घंटी लगाने की प्रथा काफी पुरानी है और प्राचीन काल से ही देवालयों और मंदिरों में घंटी लगाने की शुरुआत हो चुकी थी। इसके पीछे का कारण बताया जाता है कि जिन स्‍थानों पर घंटी की आवाज नियमित तौर पर आती रहती है वहां का वातावरण हमेशा पवित्रता का अनुभव कराता है। इसे इस प्रकार भी कहा जा सकता है कि वहां से नकारात्‍मक और बुरी शक्तियां निष्क्रिय हो जाती है और आप हल्‍का महसूस करने लगते हैं।
यही वजह है कि सुबह और शाम जब भी मंदिर में पूजा या आरती होती है तो एक लय और विशेष धुन के साथ घंटियां बजाई जाती हैं जिससे वहां मौजूद लोगों को शांति और दैवीय उपस्थिति की अनुभूति होती है। लोगों का ऐसा मानना है कि घंटी बजाने से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत होती है जिसके बाद उनकी पूजा और आराधना अधिक फलदायक और प्रभावशाली बन जाती है।

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