Read latest updates about "धर्म-दर्शन" - Page 1

  • शिवपूजा में इन वस्तुओं का न करें प्रयोग, नाराज हो जाते हैं भोलेनाथ

    सावन मास यानी प्रकृति के सानिध्य का मास और देवादिदेव महादेव की आराधना का मास। इस मास में प्रकृति अपनी मनमोहक छटा के सतरंगी रंग चारों और बिखेरती है। भोलेनाथ प्रकृति के देव माने जाते हैं। कैलाश पर्वत पर बसेरा, मृगछाल की पोशाख, नागों के आभूषण, और भस्म का श्रंगार धारण कर वो भक्तों को सुख,समृद्धि, धन और...

  • शुभ मुहूर्त का ऋण ही शुभकारी होता है

    लोग अपनी दैनिक आवश्यकता की पूर्ति, मकान बनाने, बालकों की शिक्षा, विवाह, चिकित्सा, व्यापार आदि कार्यों के लिए ऋण लिया करते हैं, परन्तु अनेक बार ऐसी परिरिथति बन जाती है कि ऋण लेने वाला ऋण चुकाना चाहता है किन्तु भारी घाटे या अन्य कारणों से ऋण चुकता नहीं हो पाता है। यह स्थिति ऋण लेने वाले तथा देने वाले...

  • जानिए कैसे होती है कांवड़ यात्रा और क्या है इसका महत्व

    सावन मास में शिव की उपासना कई तरह से की जाती है। शिवाभिषेक में जल, विभिन्न रसों, दुध आदि शिवलिंग पर समर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि सावन मास शिव का प्रिय मास है और इस महीने में की गई उपासना अवश्य फलीभूत होती है। इसलिए शिवभक्त इस दौरान महादेव की कई तरह से उपासना करते हैं। शिव को समर्पित और...

  • जाने क्यों जो मृत्यु को देखता है, उसकी नहीं होती मृत्यु

    जब सुकरात को जहर देने का आदेश दिया गया। जहर बनाने वाला, जहर पीस रहा है लेकिन सुकरात आराम से मित्रों के साथ चर्चा कर रहे थे। 5 बजे जहर पीना था। सुकरात दो मिनट पहले ही जहर बनाने वाले से कहते हैं- 'तुम देर न करो' वह बोलाः 'मैं चाहता हूं, आप जैसे महापुरुष दो सांस और ले लें, इसलिए जानबूझकर देर कर रहा...

  • सावन मास में गुरुवार को करें ये उपाय, आर्थिक तंगी दूर करेंगे भोलेनाथ

    इस बार सावन महीने में पड़ने वाला गुरुवार आपका सौभाग्य बनाने में सक्षम है। सावन के गुरुवार को ही बाबा भोलेनाथ ( Lord Shiva ) ने ताड़केश्वर का रूप धारण किया था और महिषासुर का वध किया था। इसलिए गुरुवार के दिन कुछ उपाय कर के शिव और बृहस्पति की कृपा पाई जा सकती है। शास्त्रों के अनुसार, गुरुवार...

  • सावन महीना में बुधवार को करें ये छोटा सा उपाय, भगवान गणेश की बरसेगी कृपा

    सावन महीना भगवान शिव का पवित्र महीना माना गया है। इस महीने में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए और उनकी कृपा पाने के लिए हम अनेकों उपाय करते हैं। सावन महीने में हर दिन का अलग-अलग महत्ता है। उसी तरह बुधवार का दिन भी अलग महत्व रखता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं बुधवार का दिन भगवान शिव के पुत्र...

  • 650 वर्षों से गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन कर रहा सिद्धपीठ हथियाराम मठ

    गाजीपुर, 14 जुलाई (ही.स.)। अध्यात्म जगत में एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित सिद्धपीठ हथियाराम मठ सौ पचास नहीं बल्कि 650 वर्षों से गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है। देश के हरिद्वार, इंदौर, काशी सहित तमाम स्थानों पर स्थापित इसकी शाखाओं का प्रमुख उद्देश्य इस परंपरा में मजबूती...

  • 149 साल बाद लग रहा ऐसा चंद्रग्रहण, करें ये उपाय

    16 जुलाई को साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगने वाला है। इस बार यह चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन लगेगा। बताया जा रहा है कि ऐसा चंद्रग्रहण 149 साल लग रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले इस तरह का चंद्रग्रहण 1870 में देखने को मिला था। यह चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण पूरे तीन घंटे तक...

  • पुनर्जन्म - एक दृष्टि

    भगवान कृष्ण ने गीता में अर्जुन से स्पष्ट कहा है कि न तो ऐसा ही है कि मैं किसी काल में नहीं था, तंू नहीं था अथवा ये राजा लोग नहीं थे और न ऐसा ही है कि इस से आगे हम सब नहीं रहेंगे। शरीर छोडऩे के बाद प्राणी अंतरिक्ष में स्थित छह सूक्ष्म लोकों में से किसी एक में सूक्ष्म शरीर के साथ कुछ काल तक सुख दुख...

  • तीर्थस्थल/पर्यटन: राष्ट्र की आत्मा हैं तीर्थ

    भारतीय परंपरा में तीर्थों का महत्व सदैव रहा है। तीर्थ का अर्थ है- पवित्र करने वाला। उस नदी, सरोवर, मंदिर अथवा भूमि को तीर्थ कहा जाता है, जहाँ भगवद् दिव्य शक्ति का वास माना जाता है। जिस भूमि में दिव्य पावन कारिणी शक्ति होती है, वहाँ जाने से मानव अपने अंत:करण में पावनता की अनुभूति करता है। भगवान...

  • पर्यटन/तीर्थस्थल: दर्शन को तैयार, चारों धाम के द्वार

    देव भूमि उत्तराखंड सदियों से ऋृषि मुनियों की तपस्थली रही है। यह ही कारण है कि लाखों करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष पुण्य कमाने के लिये देश विदेश से उत्तराखंड के विभिन्न तीर्थ स्थानों के साथ ही चार धाम यात्र पर आते हैं। यू तो आज भागम भाग की जिन्दगी में सब कुछ बदल गया है। अब वो पहली जैसी भक्ति नजर नहीं...

  • अगर मिल रहे इस तरह के संकेत तो समझ लीजिए प्रसन्न होने वाली हैं धन की देवी लक्ष्मी

    ज्योतिष शास्त्र से हम भविष्य के बारे में पता लगा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मदद से हम शकुन-अपशकुन के बारे में पता लगा सकते हैं। यही नहीं, इसकी मदद से भविष्य में होने वाली अच्छी-बुरी बातों के बारे में जानकारी मिल सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताएंगे जिसे जानकर आप ये पता लगा सकते हैं कि आप पर...

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