Read latest updates about "धर्म-दर्शन" - Page 1

  • प्रतिकूल ग्रहों को अपने पक्ष में करने के लाल किताब के टोटके और उपाय, ये रखें सावधानियां

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हम सभी के जीवन की घटनाएं ग्रहों के द्वारा संचालित होती है। जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव और बदलती घटनाएं इस बात का प्रमाण होती हैं कि हम सोचते कुछ ओर है और होता कुछ ओर हैं। इसका अर्थ यह है कि एक ऊपरी शक्ति हैं जो हम सभी के जीवन को नियंत्रित करती हैं। जन्म के साथ ही हमारी...

  • कब होगी राम के आध्यात्मिक मूल्यों की धारणा

    रामायण महर्षि बाल्मीकी के द्वारा लिखित एक आध्यात्मिक पुस्तक है । हम यह जानते हैं कि महर्षि बाल्मीकी आध्यात्मिक जागृति के एक प्रेरक नायक थे। ईश्वरीय अनुभूति के द्वारा उनका जीवन दिव्य व महान हो गया था। जो भी ईश्वर की अनुभूति कर लेता है, वह दूसरों का शुभचिंतक हो जाता है व स्वयं की अनुभूतियों को समाज...

  • महामृत्युंजय मंत्र की रचना कैसे हुई?

    शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्ड ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे। विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था।मृकण्ड ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं, इसलिए क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्न कर यह विधान बदलवाया जाए।मृकण्ड ने घोर तप किया। भोलेनाथ मृकण्ड के तप का कारण जानते थे इसलिए उन्होंने शीघ्र...

  • पर्यटन : स्वर्ण नगरी-जैसलमेर

    मीरासी, मांगणियार, लंगा जाति के कलाकारों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाने वाला नगर जैसलमेर स्वर्ण नगरी के रूप में विख्यात है। न केवल लोक सांस्कृतिक दृष्टि से बल्कि स्थापत्य कला, वास्तु, शिल्प तथा नक्काशी कला की विशिष्टता के कारण जैसलमेर विश्वभर में अपनी साख रखता है। पीले पत्थरों से बने...

  • अपनी सुंदरता में लगाना है चार चांद तो आजमाइए ये एस्ट्रो टिप्स

    सुंदर दिखने की चाह भला किसे नहीं होती। प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वो खूबसुरत दिखे, जहां भी जाए सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। महिलाएं तो विशेष रुप से सुंदर दिखना चाहती है। इसके लिए महिलाएं जो संभव हो वह करती भी हैं। अपने सौंदर्य की प्रशंसा सुनने के लिए सदैव आतुर रहती हैं। अगर यह कहा जाए कि...

  • क्रोध है विनाश का कारण इसलिए जानिए इसे दूर करने के उपाय

    आधुनिक परिस्थितियों में प्रत्येक आमजन इस क्रोध नाम की बीमारी का शिकार है। समझ बूझ के साथ क्रोध का प्रयोग किया जाए तो वह एक ऊर्जा का कार्य करता है, प्रारम्भिक स्तर पर यह एक साधारण भावना होती है। नियंत्रण से बाहर होने पर इसके परिणाम बहुत ही भयंकर होते है। जोश और आवेश में क्रोध के कारण रिश्तों,...

  • जानिये आपके शरीर का तिल आपके व्यक्तित्व के बारे में क्या कहता है..

    शरीर पर तिल होना एक सामान्य बात हैं। अधिकाशंत: सभी व्यक्तियों के शरीर पर एक ना एक तिल या मस्सा होता ही है। सामान्य सी बात होने के कारण हम अक्सर इस पर ध्यान नहीं देते हैं। ज्योतिष शास्त्र का एक महत्वपूर्ण अंग सामुद्रिकशास्त्र है। इस शास्त्र में शरीर के विभिन्न अंगों पर तिल होने पर प्राप्त होने वाले...

  • तुलसी के कुछ टोटके हैं जो बड़े काम के..

    अनेक बीमारियों को जड़ से मिटाने वाली तुलसी को हिंदू धर्म में बहुत महत्व दिया गया है, ये माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है उस घर से नकारात्मक शक्तियां बहुत दूर रहती हैं। तुलसी के कुछ टोटके भी हैं जो बड़े काम के होते हैं, इन्हें अपनाकर व्यक्ति कई तरह की समस्याओं से छुटकारा पा सकता है।...

  • अगर आपके भी पैरों की बनावट हैं कुछ ऐसी तो आप भी हो सकते हैं भाग्यशाली

    भविष्यफल जानने की अनेक विद्याओं का वर्णन ज्योतिष शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र के ग्रंथों में किया गया है। सामुद्रिक शास्त्र अपने आप में एक बहुत बड़ा और उपयोगी शास्त्र है। यह शास्त्र स्वयं में फलादेश की अनेक विद्याएं समाहित किए हुए हैं। इस शास्त्र के माध्यम से शरीर के अंगों के आधार, रुप-रंग, आकार और...

  • धन और सेहत में लाभ के लिए अपनाएं ये उपाय

    किसी भी घर में धन-धान्य आने का प्रतीक तो यही है कि घर में बेबात तनाव न हो। परिवार का हर सदस्य अपने-अपने काम में लगा हो। स्वस्थ-प्रसन्न हो। घर इतना दमकता हो कि बीमारियां पास न फटकें। घर में इतना धन हो कि सबकी जरूरतें पूरी हों और किसी बुरे वक्त के लिए पर्याप्त बचत भी हो। घर में सम्पन्नता आने का अर्थ...

  • ऐसे किया जाता है छठ महापर्व का व्रत..

    चैत्र शुक्ल पक्ष की षष्ठी चैती छठ और कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी को कार्तिकी छठ कहा जाता है। यह पर्व सूर्यदेव की उपासना के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि छठ देवी सूर्यदेव की बहन है। इसलिए छठ पर्व पर छठ देवी को प्रसन्न करने हेतु सूर्य देव को प्रसन्न किया जाता है। गंगा-यमुना या किसी भी नदी, सरोवर के...

  • अध्यात्म: क्या गुरु बिना जीवन व्यर्थ है?

    कहते हैं कि हर व्यक्ति के जीवन का कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है और यदि यह सच है तो फिर कोई भी जीवन व्यर्थ नहीं है। लुट पिट कर भी, असफल हो कर भी कोई जीवन व्यर्थ नहीं जाता। लुट पिटने वाला, असफल होने वाला, दुष्ट-दुराचारियों के हाथों मारा जाने वाला व्यक्ति अन्यान्य हजारों लाखों लोगों की आंखें खोलकर...

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