Read latest updates about "बाल जगत" - Page 1

  • बाल कथा: आदमी और जानवर

    एक शेर के तीन बच्चे थे। उन्हें अपने पापा की ताकत पर बहुत गर्व था। वे तीनों जब अपने मम्मी-पापा के साथ जंगल में घूमते, सारा जंगल डर से कांप उठता। पशु इधर-उधर अपनी जान बचाने के लिए भागने लगते। पक्षी शोर करते हुए पेड़ों से उडऩे लगते। शेर के बच्चे जब अपनी आंखों से यह सब देखते तो गर्व से उनका सीना फूल...

  • बाल कथा: मनुष्य से दूर जा रहा है हाथी

    यह सच है कि हाथी आने वाले भूकम्प का अनुमान पहले से ही लगा लेता है और अपनी भाषा में इसकी सूचना देने का प्रयास भी करता है परन्तु यह भाषा हर किसी की समझ से परे है। भारतीय (एशियाई) हाथी में सिर्फ नर के ही दांत होते हैं जबकि अफ्रीकी हाथी में नर व मादा दोनों के ही दांत होते हैं। अपने जीवन काल में करीब 24...

  • युवाओं में बढ़ती हिंसात्मकता

    कहीं मजे के लिये बैंक में डकैती, कहीं चलती टेऊन से किसी को नीचे फेंक देना, कहीं रेप कर मर्डर कर देना, बाप ने वी आर एस में मिले पैसे नहीं दिये तो गुस्से में बाप की जान ले लेना, यह तस्वीर है आज के युवा वर्ग की। एक तरफ बढ़ती बेरोजगारी, दूरी तरफ टीवी और फिल्मों में दिखाया जाने वाली ग्लैमरस लाइफ स्टाइल।...

  • बाल कथा: मकान अपना-अपना

    किसी गांव में एक किसान रहता था। उसके तीन बेटे थे। किसान की पत्नी का स्वर्गवास हो चुका था। फिर भी वह अपने बेटों की अच्छी देखभाल करता था। उस समय गांव में कोई स्कूल नहीं था, इसीलिए किसान के लड़के लिखना-पढऩा नहीं सीख सके। किसान के पास जायदाद के नाम पर गांव में केवल एक मकान था जिसमें वह अपने बेटों के...

  • बाल जगत/जानकारी: लुप्त होता पक्षी-टिटहरी

    टिटहरी एक ऐसा अनोखा पक्षी है जो उड़ता कम है। यह अपना अधिकांश समय तालाब और झीलों के नजदीक गुजारता है। भारत के सभी प्रदेशों में टिटहरी पाई जाती है। इसका अंग्रेजी नाम 'लेपविंग' है। भारत में इसकी दो-तीन प्रजातियां ही पाई जाती हैं। टिटहरी का आकार प्रकार कुछ-कुछ बगुले से मिलता-जुलता होता है। गर्दन बगुले...

  • दोस्ती काम आयी

    राजू के घर के सामने बरगद का एक पेड़ था। उस पेड़ में एक गिलहरी और एक चिडिय़ा रहती थी। उन दोनों में बहुत गहरी दोस्ती थी। गिलहरी कभी पेड़ से कूदकर राजू के घर की छत पर पहुंच जाती तो कभी घर के सामने मैदान में घूमती। वह हमेशा इधर-उधर कूदती रहती थी। राजू जब गिलहरी को देखता तो बहुत खुश होता। वह उसे पकडऩा...

  • बोध कथा: राजसी बनाम खादी वस्त्र

    एक बार आचार्य हेमचंद्र सौराष्ट्र की यात्र करते हुए शाम को एक गांव में ठहरे। वहां के लोगों ने खूब सत्कार किया। उस गांव में गरीब किसान भी था जिसके पास आचार्य को देने लायक कोई वस्तु न थी, न ही उसके पास पैसे थे। तब उसने पत्नी द्वारा बुनी गई खादी की मोटी चादर भेंट की। आचार्य ने मूल्यवान कौसेय उतारकर...

  • बाल जगत/जानकारी: कैसे बने कार्टून कैरेक्टर

    जब भी तुम किसी कार्टून को टीवी पर देखते हो तो तुम्हारे ही क्या, साथ बैठे बड़ों के चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है। उसके करतब शुरू होने से पहले ही सब हंसने लगते हैं। तुम्हारे हाथ में एक बार रिमोट लग जाए तो सीधे कार्टून चैनल ही लगाने के लिए मचल जाते हो पर क्या तुम्हें पता है कि हमारे ये पसंदीदा कार्टून...

  • बाल कथा: जहां चाह, वहां राह

    विक्रमगढ़ में राजा विराट राज्य करते थे। वे बहुत ही दयालु एवं न्यायमित्रा राजा थे। प्रजा के हर सुख-दुख का पूरा ख्याल रखते। प्रजा के कष्टों को जानने के लिए वे अपने प्रधानमंत्री हिमांशु के साथ रात्रि में भेष बदलकर घूमने निकला करते थे। एक दिन अपने नियम के अनुसार राजा विराट अपने प्रधानमंत्री के साथ घूम...

  • बाल जगत/जानकारी: जन्म कथा डाक टिकट की

    आज रंग-बिरंगे डाक टिकट प्रचलन में हैं। हर देश डाक टिकट छापता है। ब्रिटेन के डाक टिकट पर उसके देश का नाम अंकित नहीं होता जबकि डाक टिकट का जन्मदाता ब्रिटेन ही है। डाक टिकट कैसे अस्तित्व में आया, आइए इस बारे में जानें। बात 1835 की है। इंग्लैंड के एक अध्यापक और समाज सुधारक रोलेंड हिल को लगा कि डाक...

  • बाल जगत: हमारे पर्व-त्योहार किसी विशिष्ट तिथि को ही क्यों होते हैं

    हमारे पर्व-त्योहार हिन्दी तिथियों के अनुसार ही होते हैं जिसका निर्णय हम पंचांग से करते हैं किंतु कोई पर्व-त्योहार किसी विशेष तिथि को ही क्यों होता है, इसके पीछे एक विशेष कारण है। पर्व-त्योहारों में किसी विशेष देवता की पूजा की जाती है, अत: स्वाभाविक है कि वे जिस तिथि के अधिपति हों, उसी तिथि में उनकी...

  • आवश्यक है बच्चों में चंचलता

    अक्सर बच्चे एक काम को करते-करते ऊब जाते हैं और वे पहला काम छोड़कर दूसरे काम में लग जाते हैं लेकिन उनकी यही छटपटाहट दूसरे काम में लगते ही फिर शुरू हो जाती है जिससे वे कोई भी काम पूरा नहीं कर सकते। नतीजन उन्हें डाँट खानी पड़ती है। बच्चे का किसी काम में मन नहीं लगने का कारण यह माना जाता है कि बच्चा...

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