फिल्म साक्षात्कार: सब कुछ मेरी पसंद के हिसाब से चल रहा है: इलियाना डिक्रूज

फिल्म साक्षात्कार: सब कुछ मेरी पसंद के हिसाब से चल रहा है: इलियाना डिक्रूज

2006 में, तेलगू फिल्म 'देवदासु' से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली, इलियाना डिक्रूज 19 साल की उम्र से फिल्मों में काम कर रही हैं। इस वक्त वह 30 के आसपास हैं और उन्हें फिल्मों में काम करते हुए एक दशक से अधिक वक्त हो चुका है।
बेशक इलियाना डिक्रूज चेहरे से बड़ी खुशमिजाज, हंसती और खिलखिलाती नजर आती हैं लेकिन निजी जिंदगी में वो बेहद संकोची टाइप की लड़की हैं और हरदम उनके चेहरे पर एक अज़ीब सी उदासी छायी रहती हैं। एक वक्त इलियाना डिप्रेशन में आ गई थीं और आत्महत्या करने के बारे में सीरियसली सोचने लगी थीं।
अनुराग बसु द्वारा निर्देशित 'बर्फी' (2012) के जरिये इलियाना डिक्रूज ने हिंदी फिल्मों में कदम रखा। रनबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा के अपोजिट, फिल्म में उन्होंने छोटी भूमिका में कमला की अदाकारी दिखलाई थी। हिंदी फिल्मों में आने से पहले वो ढेर सारी तमिल तेलगू और कन्नड़ फिल्में कर चुकी हैं। लेकिन जब से हिंदी फिल्मों में आई हैं उन्होंने साउथ की फिल्में करना बंद कर दिया है।
'रूस्तम' (2016) में उन्होंने अक्षय कुमार की बीवी का किरदार निभाया था और हाल ही में प्रदर्शित 'रेड' में वो अजय देवगन की बीवी बनी नजर आईं। इन फिल्मों के बाद निर्माता निर्देशकों ने, इलियाना के बारे में एक नये सिरे से सोचना शुरू कर दिया था। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उनके कैरियर में गजब का उछाल आयेगा।
इलियाना को 'बर्फी' जैसी कम से कम एक और फिल्म का इंतजार है, जोकि एक बार फिर उनके एक्टिंग रेंज को सामने ला सके। हाल ही में निर्माता जतिश वर्मा और समीर दीक्षित ने इलियाना डिक्रूज को उज़्मा अहमद के जीवन पर बनने वाली बायोपिक के लिए साइन किया गया है। इसे शिवम नायर डायरेक्टर करेंगे। इसमें इलियाना के अपोजिट सैफ अली खान के होने की चर्चा है।
उज़्मा अहमद वही लड़की है जो पाकिस्तान घूमने गई थी और वहां एक पाकिस्तानी ने बंदूक की नोंक पर उसके साथ जबरन शादी रचा ली। काफी जद्दो जहद के बाद भारत सरकार के प्रयास के चलते उज़्मा को अपने वतन वापस लाया जा सका।
पिछले साल के आखिर में इलियाना डिक्रूज ने एक आस्ट्रेलियन फोटोग्राफर एंडू्र नीबोन के साथ गुपचुप विवाह रचा लिया। अब कहीं जाकर उन्होंने उस विवाह को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है। यहां प्रस्तुत हैं उनके साथ की गई बातचीत के मुख्य अंश:
बॉलीवुड एक्ट्रेस के कैरियर के लिए शादी सबसे बड़ी रूकावट मानी जाती रही है। इस बारे में आप क्या सोचती हैं ?
मैं ऐसा नहीं मानती मगर मेरे मानने से क्या होता है। लोग तो ऐसा ही मानते हैं लेकिन मुझे लगता है कि अब यह धारणा काफी हद तक बदल रही है। कई एक्ट्रेस हैं जो शादी के बाद बहुत अच्छा कर रही हैं । शादी आपकी होती है, आपके टेलेंट की नहीं। आपका टेलेंट तो हरदम अपनी लिमिट तोडऩे के लिए बेकरार रहता है। इसलिए शादी के बाद किसी को महज इसलिए नकार देना कि वह शादीशुदा है, ठीक नहीं है।
शादी के बाद शादी शुदा जिंदगी और प्रोफेशन के बीच संतुलन बनाये रखना कितना कठिन होगा ?
मैंने अब तक हमेशा अपने काम में, अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश की है और इस लाइन को मैं किसी भी कीमत पर नहीं छोडूंगी । एक एक्ट्रेस को सोते जागते सिर्फ अपने काम के बारे में ही सोचते रहना पड़ता है लेकिन अब सैट से बाहर आते ही मैंने सिर्फ फैमिली के बारे में सोचना शुरू कर दिया है। मैं हर हाल में अपने परिवार को खुश देखना चाहती हूं। मैं जानती हूं कि यह संतुलन बनाये रखना, थोड़ा कठिन होगा लेकिन उम्मीद करती हूं कि मुझे ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
'रेड' में आपका किरदार ज्यादा बड़ा और पॉवरफुल नहीं था, इसके बावजूद आपने वह फिल्म की। क्या इसे अजय देवगन के साथ 'बादशाहो' के बाद बनी टयूनिंग का असर माना जाये ?
बेशक 'रेड' में मेरा किरदार ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन फिल्म में मैं अपने पति अजय देवगन को मोरली सपोर्ट करती हूं। फिल्म में मेरे हिस्से में कई इमोशनल सीन्स आए हैं। अजय के साथ मेरी यह दूसरी फिल्म है। वह एक बेहद अच्छे और पॉजिटिव इंसान हैं। बेशक उनके साथ मेरी काफी अच्छी टयूनिंग बन चुकी है लेकिन 'रेड' मैंने सिर्फ इसलिए साइन की थी क्योंकि मुझे अपना किरदार पसंद था।
कहा जा रहा है कि अजय देवगन आजकल आपकी काफी सिफारिश करते फिर रहे हैं। पहले, आपको, 'रेड' उनकी सिफारिश पर मिली। अब वो 'टोटल धमाल' में आपको फिट करवाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं ?
इस तरह की अफवाहों से मन को दुख होता है। मैं अजय की काफी इज्जत करती हूं। यह सच है कि 'रेड' के लिए मेरा नाम अजय ने ही सजेस्ट किया था लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि उनके साथ मेरा कोई चक्कर चल रहा है या मैं उन्हें प्रभावित करने की कोशिश कर रही हूं। मुझे फिल्में मेरी योग्यता की वजह से मिलती हैं। इसके लिए मुझे लोगों से मीठी मीठी बातें करने की जरूरत नहीं है और ना ही काम पाने के लिए मैं लोगों को कभी प्रभावित करने की कोशिश करती हूं।
आज आप जिस मुकाम पर हैं, क्या इसकी कभी आपने कल्पना की थी ?
साउथ की फिल्मों में लोकप्रिय होने के बावजूद बॉलीवुड में अपने डेब्यू को लेकर मैं काफी घबराई हुई थी। मुझे यही लगता था कि क्या मैं साउथ की तरह यहां पर कामयाब हो सकूंगी ? थैक गॉड यहां सब कुछ ठीक ठाक रहा। पहली ही फिल्म के लिए मुझे ऑडियंस और क्रिटिक्स का जिस तरह का रिस्पॉंस मिला उसने मेरा हौसला काफी बढ़ाया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि यहां पर कभी इस मुकाम तक पहुंच सकूंगी।
सुना है कि अब आप प्रियंका चोपड़ा और दीपिका की तरह हॉलीवुड जाने का मन बना रही हैं ?
किसी की तरह दिखने या करने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं रही क्योंकि ऐसा कर आप किसी और की तरह दिख तो सकते हैं लेकिन आपका अपना खुद का वजूद गुम हो जाता है। बात सिर्फ इतनी सी है कि हॉलीवुड की कुछ फिल्मों के ऑफर मेरे पास आये हैं और मैं उन पर विचार कर रही हूं। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो मैं वहां पर भी काम करूंगी।
आप 'बर्फी' के बाद उस तरह की कामयाबी को दोहराने में कामयाब नहीं हो सकीं लेकिन अब कहा जा रहा है कि उज्मा अहमद की बायोपिक को लेकर आप बेहद उत्साहित हैं और आप उम्मीद कर रही हैं कि यह आपको 'बर्फी' की तरह कामयाब बना देगी ?
'बर्फी' के बाद भले ही मेरे खाते में, उस तरह की कोई फिल्म न आई हो लेकिन मैंने अब तक जो भी किया उससे बेहद खुश हूं। मैं इस तरह की छोटी छोटी बातों से निराश नहीं होती। मैं उज्मा अहमद की कहानी को बड़े पर्दे पद लाने के लिए बेहद उत्साहित हूं। अब यह फिल्म और किरदार मुझे किस लिमिट तक लेकर जाता है, इस बारे में तो अभी मैं कुछ नहीं कहूंगी लेकिन मैं इसे एक अलग रंग और इनर्जी के साथ निभाने की कोशिश अवश्य करूंगी।
-सुभाष शिरढोनकर

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