ब्यूटीफुल हूं तो बोल्डनेस से परहेज क्यों करूं: उर्वशी रौतेला

ब्यूटीफुल हूं तो बोल्डनेस से परहेज क्यों करूं: उर्वशी रौतेला

बेहद खूबसूरत उर्वशी रौतेला ने, 2011 में महज 17 साल की उम्र में चीन में आयोजित एक सौंदर्य प्रतियोगिता में 'मिस टूरिज्म क्वीन ऑफ द ईयर' का खिताब जीता। उसके बाद उन्हें एशियन सुपर मॉडल चुना गया। 2015 में वह मिस इंडिया बनीं। 'मिस इंडिया यूनिवर्स' के खिताब से उन्हें दो बार नवाज़ा गया। इस तरह सबसे ज्यादा ब्यूटी कांटेस्ट जीतने का कीर्तिमान उनके नाम दर्ज है। 'मिस टूरिज्म क्वीन ऑफ द ईयर' चुने जाने के बाद अपनी पढ़ाई के साथ साथ उर्वशी रौतेला ने शौकिया तौर पर मॉडलिंग शुरू कर दी। उसी दौरान उन्हें यशराज बैनर की ओर से 'इश्कजादे' का ऑफर मिला लेकिन उर्वशी अपनी पढ़ाई अधूरी छोडऩे के मूड़ में नहीं थी, इसलिए उन्होंने वह ऑफर ठुकरा दिया। 2013 में सनी देओल के अपोजिट, अनिल शर्मा द्वारा निर्देशित, 'सिंह साहब द ग्रेट' से उर्वशी ने बॉलीवुड में कदम रखा। अनिल शर्मा की फिल्म होने की वजह से हर किसी को फिल्म से काफी अधिक उम्मीदें थीं लेकिन वह कुछ खास नहीं चली। 'भाग जानी' (2015) में उर्वशी रौतेला एक स्पेशल अपीयरैंस में नजर आईं। फिल्म में उन पर महज सवा चार मिनट का आयटम नंबर 'डैडी मम्मी.....' फिल्माया गया था। उसके बाद उर्वशी 'सनम रे' (2016) के सेकंड लीड में नजर आईं लेकिन अपनी खूबसूरती के बल पर उन्होंने लीड रोल निभाने वाली यामी गौतम के मुकाबले अधिक प्रशंसा हासिल की। इन्दर कुमार द्वारा निर्देशित 'ग्रेट ग्रांड मस्ती' (2016) के बोल्ड करेक्टर में उर्वशी को दर्शकों ने पसंद किया लेकिन बॉबी देओल के अपोजिट वाली 'पोस्टर ब्वॉयज' (2017) में वह कुछ खास नहीं कर सकीं। 'काबिल' (2017) में उर्वशी महज एक आयटम सांग 'सारा जमाना हसीनों का दीवाना.....' में नजर आईं। इस एक गीत में उन्हें इतनी अधिक लोकप्रियता मिली जितनी किसी दूसरी एक्ट्रेस को पूरी फिल्म करने के बाद नहीं मिलती। उर्वशी को फिल्म इंडस्ट्री में 5 साल का अर्सा हो चुका है लेकिन उनके बारे में माना जाता रहा है कि उनमें जितनी खूबसूरती है, उस लिहाज से उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी। बतौर सोलो अभिऩेत्री उर्वशी रौतेला के कैरियर की 'हेट स्टोरी 4' पहली इरोटिक थ्रिलर है। इसमें उनके अपोजिट विवान भटेना और करण वाही हैं लेकिन दो-दो हीरो के बावजूद फिल्म में उर्वशी रियल हीरो हैं। पूरी कहानी उनके करेक्टर के इर्द गिर्द घूमती है। बोल्ड किरदार की वजह से उर्वशी ने, पहले यह ऑफर ठुकरा दिया था लेकिन बाद में एक चुनौती के तौर पर स्वीकार किया। 'हेट स्टोरी 4' में उर्वशी को पहली बार अपने हुनर का खुलकर इस्तेमाल करने का अवसर मिला है। उर्वशी ने हाई हील्स पहनकर, 'आशिक बनाया आपने.....' का जो नृत्य किया, वह दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। इस गीत की कोरियोग्राफी खुद उर्वशी ने की। यह उनका खुद का आयडिया था। इसके पहले भी वह हनी सिंह के साथ एक म्यूजिक वीडियो के डांस की कोरियोग्राफी कर चुकी हैं। सलमान खान, बॉबी देओल, जैकलीन फर्नांडिस स्टॉरर 'रेस 3' में उर्वशी एक महत्त्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं। यह आगामी 15 जून को रिलीज होगी। उर्वशी रौतेला के साथ की गई बातचीत के मुख्य अंश प्रस्तुत हैं:
कहा जा रहा है कि 'हेट स्टोरी 4' आपने अपनी इमेज बदलने की खातिर की, इसमें कितनी सच्चाई है ?
नहीं, इसे किसी भी रूप में मेरी इमेज बदलने की कोशिश के तौर पर नहीं देखा जा सकता। मुझे तो बस स्क्रिप्ट पसंद आई और मैने फिल्म में काम करना मंजूर किया। मुझे यह भी नहीं लगता कि मैं किसी खास तरह की इमेज में बंध चुकी हूं। ये जो दर्शक होते हैं जो हम एक्टर्स को किसी इमेज में बांध देते हैं। हम लोग तो कहानी की वजह से हां या ना कहते हैं।
'सिंह साहब द ग्रेट' के बाद अगली फिल्म आने में 2 साल का लंबा अरसा क्यों लगा ?
दरअसल मैं कोई ऐसा रोल करना चाहती थी जो हटकर हो। हालांकि पहली फिल्म रिलीज के बाद, मैने हनी सिंह के साथ 'लव डोज वीडियो' किया और उसके बाद 'डैडी मम्मी' गाना किया। पहली फिल्म के बाद मैं घर पर नहीं बैठी थी। जब 'सनम रे' और 'द ग्रेट ग्रांड मस्ती' के ऑफर अच्छे लगे तो मैंने स्वीकार किये।
सौंदर्य प्रतियोगिताएं जीतने के बाद आपके लिए अभिनय कितना आसान हुआ है ?
दोनों बिलकुल अलग अलग हैं। वहां पर आपको सिर्फ खूबसूरत दिखना होता है, अपने नाजो अंदाज पर ज्यादा ध्यान देना होता है लेकिन यहां सारा फोकस सिर्फ एक्टिंग पर ही होता है। आप चाहे खूबसूरत दिखें या न दिखें लेकिन आपको एक्टिंग आनी ही चाहिए।
आप एक एक्ट्रेस की तुलना में एक आयटम गर्ल के तौर पर ज्यादा लोकप्रिय हैं। क्या इस तरह की लोकप्रियता पर किसी तरह का एतराज है ?
मुझे आयटम नंबर करने में या आयटम गर्ल कहलाने में कोई समस्या नहीं है क्योंकि मेरा मानना है कि जब आप आयटम नंबर करते हैं, तब भी एक्टिंग ही कर रहे होते हैं। मैं अब तक दो फिल्मों में आयटम कर चुकी हूं। विशेषकर 'काबिल' के आयटम में ऑडियंस के मिले रिस्पांस के बाद तो मैं मन बना चुकी हूं कि इस तरह के आयटम नंबर करती रहूंगी। बेमतलब की फिल्में करने से आयटम नंबर करना ज्यादा अच्छा है।
आपके अब तक के कैरियर को देखकर लगता है कि फिल्म मेकर्स की दिलचस्पी आपको लेकर एक्सपोजर और इंटीमेट सीन्स वाली फिल्म बनाने में ज्यादा रही है ?
यदि इस तरह की बातें रोल की डिमांड में हों तो मुझे एक्सपोजर या इंटीमेट सीन करने में कोई आपत्ति नहीं है। मेरा मानना है कि हर फिल्म और रोल की कुछ खास डिमांड होती है जिसे कलाकार को पूरा करना ही होता है इसलिए इन बातों पर कम और अभिनय पर ज्यादा जोर देना चाहिए। जब दर्शकों को इस तरह की फिल्में पसंद हैं तो भला मुझे करने में एतराज क्यों होगा। मुझे लगता है कि मैं ब्यूटीफुल हूं तो बोल्डनेस से परहेज क्यों करूं।
'हेट स्टोरी 4' में आपके बोल्ड सीन्स पर आपके परिवार के सदस्यों की किस तरह की प्रतिकिया रही ?
मैं एक नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आई हूं। मेरे पेरेंट्स बिजनेस करते हैं। फिल्मों से उनका कभी वास्ता नहीं रहा। सिर्फ इस फिल्म में ही नहीं, जब कभी मुझे किसी भी फिल्म के लिए बोल्ड सीन्स करने होते हैं तो इसके लिए पेरेंट्स से पूछती, जरूर हूं। 'हेट स्टोरी 4' भी मैंने उनकी सहमति के बाद ही साइन की थी।
क्या 'हेट स्टोरी 4' करने से पहले, आपने इस फ्रेंचाइजी के पहले आये तीन भाग देखे थे ?
जब मैंने यह फिल्म साइन की, मुझे लगा था कि पहले की तीन फिल्में मुझे देखनी चाहिए लेकिन बाद में अचानक मैंने अपना इरादा बदल दिया। मुझे लगा कि यदि मुझे अपना बेस्ट देना है तो मुझे उन्हें नहीं देखना चाहिए।
'हेट स्टोरी 4' करते हुए उत्साहित थीं या पहले के तीन भाग की तरह कामयाबी को दोहराने का दबाव था?
मैं इस फिल्म को लेकर शुरू से बड़ी उत्साहित थी क्योंकि एक सफल सिरीज को आगे ले जाने का दायित्व मैं निभा रही थी। फिल्म का सारा दारोमदार मेरे ऊपर था इसलिए मुझे लगता था कि मेरे लिए यह गोल्डन चांस था।
इसके पहले मैंने जितनी भी फिल्में कीं, उनके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर मैं कभी दबाव में नहीं रहती थी लेकिन इस फिल्म के बारे में अवश्य सोचती रहती थी कि यह कितनी बड़ी हिट होगी।
-सुभाष शिरढोनकर

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