आलोचक ही हमारे मार्गदर्शक होते हैं - परिणीति चोपड़ा

आलोचक ही हमारे मार्गदर्शक होते हैं - परिणीति चोपड़ा

2011 में 'लेडीज वर्सेज रिकी बहल' से कैरियर की शुरूआत करने वाली परिणीति के खाते में 'इश्कजादे', 'शुद्ध देसी रोमांस' 'हंसी तो फंसी, 'ढिशुम' और 'मेरी प्यारी बिंदु' जैसी फिल्मे दर्ज हैं।
परिणीति चोपड़ा ने 'मेरी प्यार बिन्दु' में पहली बार एक गीत 'माना कि हम यार नही...... गाया था उसे काफी पसंद किया गया था लेकिन 'मेरी प्यारी बिंदु' फ्लॉप साबित हुई और उसके बाद, परिणीति चोपड़ा एक बार फिर आलोचनाओं से घिर गईं।
पिछले दिनों रिलीज, 'जुड़वां 2' के लिए नाम फायनल होने के बाद परिणीति चोपड़ा को बाहर का रास्ता देखना पड़ा था। तापसी पन्नू ने उनकी जगह ले ली। इसी तरह कोरियाग्राफर से डायरेक्टर बने बोस्को मार्टिंस की 'सर्कस' से भी उन्हें सोनाक्षी सिन्हा के आ जाने से बाहर होना पड़ा।
इन दुर्घटनाओं के बाद परिणीति चोपड़ा, सफल वापसी के इंतजार में है और अब उनकी सारी उम्मीदें 'गोलमाल अगेन' पर हैं। इस फिल्म को उनके कैरियर के लिए एक जीवन दान की तरह देखा जा रहा है।
20 अक्टूबर को रिलीज होने जा रही रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित इस, मल्टी स्टॉरर फिल्म को इस साल दिवाली धमाका माना जा रहा है। परिणीति चोपड़ा इसे लेकर काफी अधिक उत्साहित हैं।
'गोलमाल अगेन' की रिलीज से पहले परिणीति चोपड़ा ने विगत की भांति आत्म प्रशंसा में डूबना शुरू कर दिया है। वह हर किसी से कहती फिर रही हैं कि वह फिल्म की मुख्य नायिका हैं जबकि तब्बू की मौजूदगी में इस तरह की बातें करने की हिम्मत किसी में नहीं हो सकती।
बेशक परिणीति अजय देवगन के अपोजिट हीरोइन हैं लेकिन इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि तब्बू के रहते परिणीति चोपड़ा जैसी कोई भी एक्ट्रेस कभी भी साइड लाइन हो सकती है।
परिणीति चोपड़ा, दिबाकर बनर्जी के निर्देशन में यशराज फिल्म्स की 'संदीप और पिंकी फरार' कर रही है। इसमें उनके अपोजिट अर्जुन कपूर हैं। परिणीति चोपड़ा और क्रिकेटर हार्दिक पांड्या के बीच इन दिनों प्यार का चक्कर चल रहा है। दरअसल परिणीति के एक ट्वीट से ही इन अफवाहों का जन्म हुआ। यहां प्रस्तुत हैं परिणीति के साथ हाल ही में की गई बातचीत के मुख्य अंश:
आपका कहना है कि 'गोलमाल अगेन' में आपकी मुख्य नायिका वाली भूमिका है। तो फिर तब्बू का किस तरह का किरदार है ?
'गोलमाल अगेन' एक मल्टी स्टॉरर फिल्म है और मैं अजय देवगन के अपोजिट मेन रोल में नजर आऊंगी। तब्बू जी का भी काफी महत्त्वपूर्ण रोल है लेकिन जब तक फिल्म रिलीज नहीं हो जाती, मैं किसका क्या रोल है, इस बारे में अधिक कुछ नहीं बता सकूंगी।
पिछले दिनों आपका वह बयान काफी सुर्खियों में रहा जिसमें आपने कहा था कि फिल्म में आप मुख्य नायिका हैं। उस बयान को आपके द्वारा तब्बू का कद छोटा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है?
असल में मेरे कहने का मतलब ऐसा बिलकुल नहीं था। मैं तो तब्बू जी की बहुत इज्जत करती हूं और अब इस मसले पर मैं चुप ही रहूंगी, कुछ नहीं बोलूंगी लेकिन मुझे यकीन है कि फिल्म देखने के बाद लोगों को मेरी बातों का मतलब पता चल जायेगा।
कहा जाता है कि इस फिल्म को हासिल करने के लिए आपने रोहित शेट्टी को काफी अप्रोच किया, तब कहीं जाकर आपको यह फिल्म मिल सकी ?
दरअसल, मैं इस फ्रेंचाइजी की बहुत बड़ी फैन रही हूं। मैं 'गोलमाल' देखकर जितनी हंसी थी, उतना बहुत कम फिल्मों को देखकर हंसी हूं इसलिए जब कभी रोहित से मिलती थी, उनसे कहती थी कि मुझे इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना है। मैं अक्सर उनसे कहती रहती थी कि इसमें मैं छोटा मोटा कैमियो भी कर लूंगी लेकिन उन्होंने मुझे मुख्य हीरोइन बना दिया, इसलिए मेरे लिए यह बहुत स्पेशल फिल्म है।
'गोलमाल अगेन' की शूटिंग के वक्त सैट पर किस तरह का माहौल रहता था, इस बारे में कछ बताइये ?
शूटिंग के दौरान मुझे ऐसा कोई दिन याद नहीं है, जिस दिन सैट पर कोई प्रैंक नहीं हुआ हो। अजय, अरशद, तुषार और श्रेयस और कुणाल असल में इतने पागल हैं कि ये लोग अपनी पूरी लाइफ लोगों का मजाक उड़ाने में और प्रैंक करने में बिताते हैं।
आप आठ साल में नौ फिल्में कर चुकी हैं लेकिन सही अर्थों में आपको कामयाबी नहीं मिल सकी है लेकिन इसके बावजूद आपके चेहरे पर परेशानी कभी नजर नहीं आती ?
हमारी मुश्किल यह है कि हमें बाहर से अच्छा दिखना और अंदर से अच्छा महसूस करना होता है, फिर चाहे आप अंदर से भले ही कितनी भी कड़ी मुश्किलों का सामना क्यों नहीं कर रहे हों। चेहरे पर परेशानी दिखी तो नाकामी अंदर से आपको जकड़ लेती है, इसलिए परेशानी चेहरे पर दिखनी नहीं चाहिए।
आप जब कोई फिल्म करती हैं, तो क्या उसे करते वक्त ही आपको एहसास हो जाता है कि उसके लिए आपकी आलोचना हो सकती है ?
नहीं, और ऐसा संभव भी नहीं है। यदि काम करते वक्त ही आप जान जाएंगे तो फिर खराब काम करेंगे ही क्यों लेकिन मैं तो बस एक बात जानती हूं कि आपके आलोचक ही आपके सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। यदि आप उन्हें सुनेंगे नहीं और उनकी बातों पर ध्यान नहीं देंगे तो आपको अपनी कमियों के बारे में पता किस तरह चलेगा।
तो क्या अपने आलोचकों को प्रशंसकों से ज्यादा महत्त्व देती हैं ?
बिलकुल, मैं पहले ही कह चुकी हूं कि वह आपके सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, इसलिए मुझे आलोचना करने वाले लोग अच्छे लगते हैं। मैं अपनी आलोचना सुनने के लिए हर वक्त तैयार रहती हूं। वह आपको आपकी कमियों से अवगत कराते रहते हैं। मैं अपनी गलतियां जानकर उन्हें सुधारने की कोशिश करती हूं और नया काम करने के लिए फिर से आगे बढ़ जाती हूं। मैं अपने प्रशंसकों को उतनी गंभीरता से नहीं लेती।
बॉलीवुड में एक नायिका के लिए जिस तरह का कंपटीशन है, उसे लेकर क्या सोचती हैं ?
बॉलीवुड की चमक दमक में लगातार टिके रहना आसान नहीं। कैमरे के सामने हर वक्त खूबसूरत दिखने का दबाव बेहद मुश्किल होता है। एक फिल्म असफल हुई तो आपकी बखिया उधेडऩे वाले आपके ऊपर हावी होने की कोशिशों में जुट जाते हैं।
अपने काम पर आप कितनी फोकस्ड रहती हैं ?
मुझे अपने काम और अपनी फिल्मों से बेहद प्यार है। जब बहुत ज्यादा काम होता है और काम के कारण फुर्सत नहीं मिलती, तब भी परेशान नहीं होती। काम के प्रति मेरा जो समर्पण है, उसे आप सेंट परसेंट कह सकते हैं।
आप एक ऐसे दोराहे पर आ पहुंची हैं, जहां आपको तय करना है कि कैरियर को एक एक्ट्रेस या सिंगर, किस रूप में आगे बढ़ाना है ?
चूंकि मैं एक एंटरटेनर हूं, इसलिए हर तरीके से लोगों को मनोरंजन करूंगी। कोई भी मुझसे यह नहीं कह सकता कि इस तरीके से लोगों का मनोरंजन करो। मैं एक ट्रेंड क्लासिकल सिंगर हूं। यदि हमने कुछ ऐसे गाने तैयार किए हैं जो हिट हो गए और जिन्हें लोगों ने पसंद किया तो इसमें समस्या क्या है। हर किसी को अपने तरीके से लोगों का मनोरंजन करने का अधिकार है। मैंने जो पहला गाना गाया था, वह काफी अच्छा रहा, इसलिए अब मैं इस दिशा में और आगे बढऩा चाहती हूं।
-सुभाष शिरढोनकर

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