मीटू के समर्थन में आए महेश भट्ट

मीटू के समर्थन में आए महेश भट्ट

जाने माने फिल्म निर्माता और निर्देशक महेश भट्ट वैसे तो अपने विवादित बयानों के कारण हमेशा सुर्खियां बटोरते रहे हैं, लेकिन इस समय उन्होंने मीटू मूवमेंट का समर्थन करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर चल रहे मीटू कैंपेन के कारण अनेक हस्तियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में महेश भट्टा का इस कैंपेन का समर्थन करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। दरअसल एक तरफ जहां तमाम नामचीन लोगों की नींद उड़ी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड से आगे निकलते हुए अन्य क्षेत्र की महिलाओं ने भी अभियान में शामिल होने की बात कही है। एक साक्षात्कार के दौरान महेश भट्ट कहते सुने गए कि जहां इस देश में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है और घर से लेकर मंदिर तक देवी के रुप में पूजा जाता है, उसी स्त्री को घरों में, सड़कों में, चौराहों और दफ्तरों में सताया जाता है, उनका यौनशोषण किया जाता है। उनके साथ छेड़छाड़ होती है। इस तरह पुरुष अपने पावर का गलत इस्तेमाल करते हैं। यहां पर महेश भट्ट ने सेक्सुअल हैरेसमेंट को परिभाषित भी करने की कोशिश की और कहा कि 'एक महिला आपको मना करती है, बावजूद इसके आप उसे परेशान करते हैं यही असल में सेक्सुअल हैरेसमेंट है। जहां तक नाना और तनुश्री का मामला है तो महेश भट्ट कहते हैं कि दोनों ही फिल्मी दुनिया के लोग हैं और ऐसा कुछ हुआ भी है या नहीं इसकी जांच करने का कोई साधन भी नहीं है। बावजूद इसके सवाल यही है कि क्या उस लड़की को अपनी बात रखने से रोकना चाहिए, मेरे हिसाब से तो बिल्कुल भी नहीं। बकौल महेश भट्ट लड़कियां चुप इसलिए रह जाती हैं कि वो सोचती हैं कि आखिर समाज क्या कहेगा और क्या सोचेगा। बदनामी होने के डर से वो चुप रह जाती हैं, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। बहरहाल ये ऐसे मामले हैं जो जनता की अदालत या जनता की राय या फिर मीटू जैसे कैंपेन से हल होने वाले नहीं हैं, इसके लिए खुद ही अंदर से महसूस करने की आवश्यकता है।

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