दीपिका को सताता रहा डिप्रेशन का डर

दीपिका को सताता रहा डिप्रेशन का डर

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के डिप्रेशन में चले जाने और उसके बाद काफी मेहनत के बाद वापस काम पर लौटने की कहानी तो लगभग सभी सुन चुके हैं, लेकिन यहां अभिनेत्री को अब खुद ही यह डर सताने लगा है कि कहीं वो दोवारा डिप्रेशन में न चली जाएं। वैसे दीपिका अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात करती हैं। ऐसे में अभिनेत्री दिपिका कहती हैं कि इस बारे में सभी को बताकर उनका उद्देश्य 'बहादुर' बनना या दिखना नहीं था। अभिनेत्री दीपिका का कहना है कि जब उसने अपने संघर्ष के बारे में पहली बार बताया था तो वह सिर्फ खुद से और अपने फैंस के प्रति 'ईमानदार' बनना चाहती थीं। वैसे तो यह बात चार साल पुरानी है। यह सब बातें दीपिका ने फिक्की लेडिज ऑर्गेनाइजेशन द्वारा दिल्ली में 'फाइंडिंग ब्यूटी इन इम्परफेक्शन' विषय पर आयोजित चर्चा के दौरान कही। यहां पर दीपिका ने बताया कि जो कुछ मुझ पर गुजरी उसे दूसरों से साझा करना मेरे लिए बहुत जरूरी था। 'इससे मेरी जिंदगी बदल गई। तब बहुत ज्यादा जागरूक नहीं थी। मैं किस दौर से गुजर रही थी, इससे जरा भी परिचित नहीं थी।उन्होंने कहा कि मेरी पीड़ा को मेरी मॉं ने समझा और जाना। बरहहाल मुझे खुद भी नहीं मालूम था कि मैं अपनी जिंदगी से क्यों खुश नहीं हूं। मॉं ने मुझे तब एक काउंसलर के पास ले गईं और वो समझ गईं कि मुझे चिकित्सा की जरुरत है। डिप्रेशन से बाहर निकलते हुए दीपिका अब लोगों को समझा रही हैं कि हर किसी को अपनी बात रखनी चाहिए और लोगों को किसी के बारे में तत्काल धारणा नहीं बना लेनी चाहिए। दीपिका कहती हैं कि अब वो अपनी भावनाओं के प्रति हमेशा सजग रहती हैं, ताकि फिर कभी डिप्रेशन के दौर से उनका वास्ता न पडऩे पाए।

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