खुद को गायन में पारंगत नही मानते हैं अनूप जलोटा

खुद को गायन में पारंगत नही मानते हैं अनूप जलोटा

मुंबई। अपनी गजल गायिकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वाले अनूप जलोटा का कहना है वह अभी सीख रहे हैं और गायन में पारंगत नही हुये हैं। अनूप जलोटा को गायन करते हुये 55 वर्ष हो गए हैं, लेकिन उनका मानना है कि वह अब भी गायन में पारंगत नहीं हुए हैं। जलोटा ने निर्गुण भजन नामक अपना पहला अल्बम 14 वर्ष की उम्र में रिलीज किया था। अनूप जलोटा ने कहा कि मैं अब भी सीख रहा हूं। मुझे लगता है कि जो कुछ सीखें, पूरे तरीके से सीखना चाहिए। सीखने के लिए इतनी चीजें हैं कि इसके लिए यह जीवन कम पड़ता लगता। हमें हर दिन कुछ नया सीखना चाहिए। अनूप जलोटा ने बताया कि मैं बचपन से भजन गा रहा हूं और इसके साथ बड़ा हुआ हूं। मैंने भजन से नाम, प्रसिद्धि, पैसा, सम्मान और प्यार कमाया है। अपनी सफलता की कहानी के पीछे मुड़कर देखता हूं तो मुझे लगता है कि लोगों में भजन को लेकर गलत धारणा है। पूजा करते हुए हम भगवान को ताजे फल-फूल चढ़ाते हैं। पूजा करते हुए भजन गाने से एकाग्रता और आध्यात्मिकता बनी रहती है।

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